दिल्ली और गौतमबुद्धनगर (नोएडा), गाजियाबाद के बीच सीमाएं सील कर दी गईं। गौतमबुद्धनगर के डीएम सुहास एलवाई ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इस बात की संभावना जताई गई थी कि दिल्ली और नोएडा के बीच लोगों की आवाजाही से संक्रमण बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों में जिले में कोरोना के कई ऐसे मामले सामने आए, जिनका दिल्ली कनेक्शन था। इसलिए जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। हालांकि, इसमें जरूरी सेवाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को छूट दी गई है।
बुधवार, 22 अप्रैल 2020
देश में अब तक 20,333 केस
नई दिल्ली. देश में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 20,333 हो गई है। अब भारत अमेरिका, स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन समेत उन 17 देशों में शामिल हो गया, जहां संक्रमण के 20 हजार से ज्यादा केस हैं। बुधवार को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के आवास पर तैनात एक पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। राजस्थान में 64, गुजरात में 94, आंध्रप्रदेश में 56, पश्चिम बंगाल में 31 और ओडिशा में 3 नए मरीज मिले हैं। देश में मंगलवार रात तक 1537 नए मरीज सामने आए। यह संख्या लगातार चौथे दिन 1 हजार से अधिक है।
मंगलवार, 21 अप्रैल 2020
पाञ्चजन्य शंख का रहस्य जानकर चौंक जाएंगे!
महाभारत में कृष्ण के पास पाञ्चजन्य, अर्जुन के पास देवदत्त, युधिष्ठिर के पास अनंतविजय, भीष्म के पास पोंड्रिक, नकुल के पास सुघोष, सहदेव के पास मणिपुष्पक था। सभी के शंखों का महत्व और शक्ति अलग-अलग थी।
शंखों की शक्ति और चमत्कारों का वर्णन महाभारत और पुराणों में मिलता है। शंख को विजय, समृद्धि, सुख, शांति, यश, कीर्ति और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शंख नाद का प्रतीक है। शंख ध्वनि शुभ मानी गई है। हालांकि प्राकृतिक रूप से शंख कई प्रकार के होते हैं। इनके 3 प्रमुख प्रकार हैं- दक्षिणावृत्ति शंख, मध्यावृत्ति शंख तथा वामावृत्ति शंख। इन शंखों के कई उप प्रकार होते हैं।
पाञ्चजन्य का रहस्य : पाञ्चजन्य बहुत ही दुर्लभ शंख है। समुद्र मंथन के दौरान इस पाञ्चजन्य शंख की उत्पत्ति हुई थी। समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से 6वां रत्न शंख था। अपने गुरु के पुत्र पुनरदत्त को एक बार एक दैत्य उठा ले गया। उसी गुरु पुत्र को लेने के लिए वे दैत्य नगरी गए। वहां उन्होंने देखा कि एक शंख में दैत्य सोया है। उन्होंने दैत्य को मारकर शंख को अपने पास रखा और फिर जब उन्हें पता चला कि उनका गुरु पुत्र तो यमपुरी चला गया है तो वे भी यमपुरी चले गए। वहां यमदूतों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया तब उन्होंने शंख का नाद किया जिसके चलते यमलोक हिलने लगा था।
उस के बाद यमराज ने खुद आकर श्रीकृष्ण को उनके गुरु के पुत्र की आत्मा को लौटा दिया। भगवान श्रीकृष्ण बलराम और अपने गुरु के साथ पुन: धरती पर लौट आए और उन्होंने अपने गुरु पुत्र के साथ ही पाञ्चजन्य शंख को भी गुरु को समक्ष प्रस्तुत कर दिया। गुरु ने पाञ्चजन्य को पुन: श्रीकृष्ण को देते हुए कहा कि यह तुम्हारे लिए ही है। तब गुरु की आज्ञा से उन्होंने इस शंख का नाद कर पुराने युग की समाप्ति और नए युग का प्रारंभ किया।
भगवान कृष्ण के पास पाञ्चजन्य शंख था जिसकी ध्वनि कई किलोमीटर तक पहुंच जाती थी। कहते हैं कि महाभारत युद्ध में अपनी ध्वनि से पांडव सेना में उत्साह का संचार करने वाले इस शंख की ध्वनि से संपूर्ण युद्ध भूमि में शत्रु सेना में भय व्याप्त हो जाता था।
महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण अपने पाञ्चजन्य शंख से पांडव सेना में उत्साह का संचार ही नहीं करते थे बल्कि इससे कौरवों की सेना में भय व्याप्त हो जाता था। इसकी ध्वनि सिंह गर्जना से भी कहीं ज्यादा भयानक थी। इस शंख को विजय व यश का प्रतीक माना जाता है। इसमें 5 अंगुलियों की आकृति होती है। हालांकि पाञ्चजन्य शंख अब भी मिलते हैं लेकिन वे सभी चमत्कारिक नहीं हैं। इन्हें घर को वास्तुदोषों से मुक्त रखने के लिए स्थापित किया जाता है। यह राहु और केतु के दुष्प्रभावों को भी कम करता है।
वर्तमान में कहां है पाञ्चजन्य शंख?
कहते हैं कि यह शंख आज भी कहीं मौजूद है। इस शंख के हरियाणा के करनाल में होने के बारे में कहा जाता रहा है। माना जाता है कि यह करनाल से 15 किलोमीटर दूर पश्चिम में काछवा व बहलोलपुर गांव के समीप स्थित पराशर ऋषि के आश्रम में रखा था, जहां से यह चोरी हो गया। यहां हिन्दू धर्म से जुड़ीं कई बेशकीमती वस्तुएं थीं। 20 अप्रैल 2013 को इस शंख के चोरी होने की बात कही जाती है।
मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के बाद अपना पाञ्चजन्य शंख पराशर ऋषि के तीर्थ में रखा था। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि श्रीकृष्ण का यह शंख आदि बद्री में सुरक्षित रखा है।
करीब 26 साल पहले कमरे की मरम्मत के दौरान वहां एक अलमारी पता चली थी। जिसमें अनेक बेशकीमती वस्तुएं मिली थीं। उनमें श्रीकृष्ण भगवान का पाञ्चजन्य शंख भी था। इसकी बनावट विशेष प्रकार की थी। इसमें फूंक एक तरफ से मारी जाती थी लेकिन आवाज 5 जगहों से निकलती थी। शंख को ग्रामीणों ने बजाने की बहुत कोशिश की किंतु कोई भी कामयाब नहीं हो सका।
“घर में शंख हो तो ध्यान रखें इन 8 बातों का"
हिंदू धर्म में शंख को घर में रखना बहुत शुभ माना गया है। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है। घर में रखे शंख के विषय में ये 8 बातें ध्यान रखने पर उससे प्राप्त होने वाली शुभता में वृद्धि होती है। जानते हैं शंख के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें-
1- शंख को पानी में नहीं रखना चाहिए।
2- शंख को धरती पर भी नहीं रखना चाहिए। शंख हमेशा एक साफ कपड़ा बिछाकर रखना चाहिए।
3- शंख के अंदर जल भरकर नहीं रखना चाहिए। पूजन के समय शंख में जल भरकर रखा जा सकता है। आरती के बाद इस जल का छिड़काव करने से शारीरिक व मानसिक विकारों से मुक्ति मिलता है। साथ ही, जीवन में सौभाग्य का उदय होने लगता है।
4- शंख को पूजा के स्थान पर रखते समय खुला हुआ भाग ऊपर की ओर होना चाहिए।
5- शंख को भगवान विष्णु, लक्ष्मी या बालगोपाल की मूर्ति के दाहिनी ओर रखा जाना चाहिए।
6- शंख को माता लक्ष्मी का रूप माना गया है। इसलिए शंख को पूूजन स्थान में उसी आदर के साथ पूजा जाना चाहिए। जिस आदर के साथ भगवान का पूजन किया जाता है।
7- आसानी से धन की प्राप्ति के लिए शंख को 108 चावल के दानों के साथ लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में स्थापित करें।
8- घर में शंख ध्वनि का गुंजन सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना गया है। पूजन के समय रोजाना घर में शंख बजाना चाहिए।
गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित पत्रिका "कल्याण" से साभार
रायबरेली: एक दिन में 33 लोग कोरोना पॉज़िटिव
कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी का चुनावी जिला
उत्तर प्रदेश के रायबरेली ज़िले में एक ही दिन 33 लोगों की कोविड-19 रिपोर्ट पाज़िटिव आने से हड़कंप मच गया है. रायबरेली में अब तक सिर्फ़ दो पॉज़िटिव मामले थे लेकिन मंगलवार को यह संख्या बढ़कर 35 हो गई. जिन 33 लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है, दो दिन पहले उनके सैंपल लिए गए थे और ये सभी लोग रायबरेली के कृपालु इंस्टीट्यूट में क्वारंटीन किए गए थे.
रायबरेली के मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने बीबीसी को बताया कि पॉज़िटिव पाए गए सभी लोगों को रायबरेली के ही लेवल-1 कोविड हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ़्ट किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि पॉज़िटिव पाए गए ज़्यादातर लोग तब्लीगी जमात से संबद्ध हैं, हालांकि सीडीओ का कहना था कि इस बारे में अभी तहक़ीक़ात की जा रही है. बताया जा रहा है कि पॉज़िटिव पाए गए 17 लोगों को पिछले दिनों हिरासत में लेकर क्वारंटीन किया गया था. ये सभी लोग सहारनपुर से आए थे और कुछ स्थानीय लोगों के भी संपर्क में थे. कोरोना वायरस का संक्रमण उत्तर प्रदेश के 52 ज़िलों में फैल चुका है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1192 तक पहुंच चुकी है. राज्य में अब तक कोरोना संक्रमण से 18 लोगों की मौत भी हो चुकी है.
कोरोना वायरस से मौत पर श्रीलंका में शव जलाना अनिवार्य
श्रीलंका में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की अंत्येष्टि जलाकर की जाएगी चाहे वो व्यक्ति जिस भी धर्म का हो. श्रीलंका की सरकार ने अल्पसंख्यक मुसलमानों के विरोध की उपेक्षा करते हुए ये फ़ैसला किया है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार श्रीलंका में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक सात लोगों की मौत हुई है और इनमें से तीन मुसलमान थे. इन मुसलमानों के शवों को भी जलाया गया जबकि इनके सगे-संबंधी इसके लिए तैयार नहीं थे.
रविवार को श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री पवित्रा वाणिअराचछी ने कहा, ''कोरोना वायरस के संक्रमण से हुई मौत या इसकी संदिग्ध मौत के बाद शवों को जलाया जाएगा.'' हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत के बाद शव जलाया या दफनाया दोनों जा सकता है.
दिल्ली-ग़ाज़ियाबाद सीमा पूरी तरह सील
दिल्ली-ग़ाज़ियाबाद सीमा पर वाहनों की लंबी कतार. इस सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है और यहां किसी भी तरह की आवाजाही इजाज़त नहीं है. सिर्फ़ ज़रूरी सेवाएं देने वाले और वैध पास वाले लोगों को ही आने-जाने दिया जा रहा है.
केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से लॉकडाउन की कुछ शर्तों में छूट दी है लेकिन ये छूट हॉस्टस्पॉट और कंटेनमेंट ज़ोन वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को नहीं मिल रही है.
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन का कड़ाई से पालन किए जाने के निर्देश दिए हैं.
इंडोनेशिया: रमज़ान में आवाजाही पर पाबंदी
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए रमज़ान के महीने में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये फ़ैसला काफ़ी देर से लिया गया है.
इंडोनेशिया में लगभग 10 लाख लोग रमज़ान के दौरान शहरों से अपने गांवों को लौट जाते हैं. कई लोग तो रमज़ान शुरू होने से हफ़्तों पहले ही अपने घरों के लिए निकल चुके हैं.
इंडोनेशिया दुनिया का सबसे ज़्यादा मुसलमान आबादी वाला देश है. यहां रमज़ान के दौरान एक अनोखा कार्यक्रम होता है जिसे हलाल-बी-हलाल कहते हैं. इसमें लोग एक-दूसरे से मिलकर माफ़ी मांगते हैं.
धीरे-धीरे ही हटाया जाए लॉकडाउन: WHO
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियों और लॉकडाउन को धीरे-धीरे ही हटाया जाए. डब्ल्यूएचओ की चेतावनी ऐसे वक़्त में आई है जब कई देश अपने यहां से या तो लॉकडाउन हटाने पर विचार कर रहे हैं या आंशिक रूप से पाबंदियां हटा चुके हैं.
डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि अगर हड़बड़ी में और सही समय से पहले लॉकडाउन हटाया गया तो ये कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है. डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक (पश्चिमी-प्रशांत) ताकेशी कसाई ने कहा, “कम से कम जब तक कोई वैक्सीन नहीं बन जाती या कोई इलाज नहीं ढूंढ लिया जाता, लॉकडाउन हमारे लिए ‘न्यू नॉर्मल’ हो जाना चाहिए क्योंकि इससे फ़ायदों के प्रमाण मिले हैं.”
तमिलनाडु: डॉक्टर को दफ़नाने से रोकने वाले 20 लोग गिरफ़्तार
तमिलनाडु में एक जाने-माने डॉक्टर को दफ़नाए से रोकने के लिए हिंसा के मामले में कम से कम 20 लोगों गिरफ़्तार किया गया है. डॉक्टर सिमॉन हर्क्युलस की कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई थी. रविवार रात जब उन्हें दफ़नाने के लिए क़ब्रिस्तान ले जाया गया तो भीड़ ने उनके परिवार पर लाठियों और रॉड से हमला किया.
पुलिस का कहना है कि आस-पास के लोग इस बात को लेकर चिंतित थे कि उनके इलाके में डॉक्टर को दफ़नाए जाने से संक्रमण के प्रसार का ख़तरा बढ़ सकता है. भीड़ इतनी हिंसक हो गई थी कि डॉक्टर सिमॉन के एक दोस्त को उन्हें सोमवार सुबह चुपचाप उनका शव बिना किसी परिजन की मौजूदगी में दफ़नाना पड़ा.
उद्धव ठाकरे को एमएलसी मनोनीत करने से कौन रोक रहा है?
महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार का 6 महीने का कार्यकाल मई में पूरा होने वाला है। इस बीच गवर्नर कोटा से मुख्यमंत्री ठाकरे के विधान परिषद में प्रवेश में हो रही देरी को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्यपाल को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सोमवार को सवाल उठाया कि आखिर सीएम ठाकरे को विधान परिषद के लिए मनोनीत करने की राज्य मंत्रिमडल की सिफारिश को मंजूरी देने से राज्यपाल को कौन रोक रहा है?
राउत ने कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की बीजेपी से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है लेकिन यह राजनीति करने का वक्त नहीं है। रविवार को राउत ने ट्वीट करके भी राज्यपाल पर निशाना साधा था। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि राजभवन को साजिश का केंद्र नहीं बनना चाहिए। याद रखिए, इतिहास उन लोगों को नहीं बख्शता है जो असंवैधानिक व्यवहार करते हैं। राउत ने उम्मीद जताई है कि 7 मई के बाद भी उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम बने रहेंगे।
53 मीडियाकर्मी कोरोना पॉजिटिव
मुंबई में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कोरोना की खबर पहुंचाने वाले तमाम पत्रकारों का बीएमसी की तरफ से टेस्ट करवाया गया। इस टेस्ट के दौरान तकरीबन 171 टीवी और प्रिंट के मीडियाकर्मियों की कोविड- 19 जांच हुई। इस जांच में 53 मीडियाकर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
मुंबई: बीएमसी में भी कोरोना की दस्तक
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आपताकालीन कंट्रोल रूम में काम करने वाले दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों कर्मचारियों को कोरोना केयर सेंटर में क्वारैंटाइन किया गया है। साथ ही, उनके साथ काम करने वाले लोगों को आइसोलेट किया गया है। साथ ही, उस कंट्रोल रूम को बंद करके परेल इलाके में दूसरा कंट्रोल रूम शुरू किया है।
मुंबई में संक्रमितों की संख्या तीन हजार के पार
महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक और पुणे में कोरोना महामारी लगातार बढ़ रही है। मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या 3032 तक पहुंच गई है। वहीं, पुणे रीजन में 663 लोग संक्रमित हैं। नासिक के मालेगांव में भी संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिले में अब तक 95 पॉजिटिव मिले हैं, इनमें 85 मालेगांव के हैं। राज्य में मंगलवार को संकमण के 10 नए मामले सामने आए, इसे मिलाकर संक्रमितों की कुल संख्या 4676 तक पहुंच गई है। वहीं, सोमवार को राज्य में संक्रमण से नौ लोगों की मौत हुई थी, जिसे मिलाकर अब तक प्रदेश में संक्रमण से 232 लोगों की जान जा चुकी है। अकेले मुंबई में 139 लोगों की मौत हुई है।
चीनी दूतावास ने भारतीय सरकार के बदले हुए रवैये का किया विरोध
चीनी फर्मों द्वारा स्थानीय कंपनियों को जबरन अधिग्रहण से बचाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से बिगबास्केट, पेटीएम, ओला जैसे अन्य टेक स्टार्टअप्स कौलैटरल डैमेज के रूप में उभर सकते हैं।हालांकि अगर इन कंपनियों की फंडिंग रुकी तो कंपनी के अस्तित्व के साथ हजारों रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही फंडिंग कहीं और से नहीं आई तो बड़ा संकट होगा। जबकि चीन को नुकसान यह है कि अगर कंपनियां डूबी तो उनका निवेश डूब सकता है। कोविड-19 के कारण हाल में भारतीय कंपनियों के मूल्यांकन में काफी गिरावट आई है। कंपनियों को अधिग्रहण से बचाने के लिए भारत सरकार ने एफडीआई नियमों में बदलाव किया है। भारत के इस कदम काे चीनी दूतावास ने डब्ल्यूटीओ यानी विश्व व्यापार संगठन के नियमों के खिलाफ बताया है।
अन्य देशों की तरह भारत को भी लगेगी तगड़ी आर्थिक चपत
मुंबई. कोविड-19 की वजह से बड़े देशों को आर्थिक रूप से तगड़ी चपत लगी है और साथ ही भारत को भी इससे बड़ा नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। वैश्विक ब्रोकरेज हाउस सिटी ग्रुप की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की कमजोर आर्थिक ग्रोथ और कोविड-19 से लड़ने के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाले आर्थिक पैकेज की वजह से इस साल तीन दशक का सबसे बड़ा बजट घाटा देखने को मिल सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था में लंबे समय तक छाई सुस्ती को देखते हुए मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने पिछले साल रेटिंग निगेटिव कर दी थी।
देश के पेट्रोलियम रिजर्व में 75 मिलियन बैरल जोड़ा जाएगा: ट्रम्प
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह देश के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व में 75 मिलियन बैरल तेल जोड़ने की योजना बना रहे हैं क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण तेल की कीमतें लुढ़क गईं है। हम अपने राष्ट्रीय पेट्रोलियम भंडार को भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में तेल की कीमतें घट जाने के बाद उनका प्रशासन सऊदी अरब से तेल आयात को विराम देने की सोचेगा।
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका दिन में पहले कीमतों में नकारात्मक हो जाने के बाद अमेरिका में सऊदी तेल लदान को ब्लॉक करेगा? उन्होंने कहा, हम इसे देखेंगे। पश्चिम टेक्सास इंटरमीडिएट के मई वितरण के लिए वायदा लगभग 39 डॉलर ऊपर उठा पर फिर भी यह सिर्फ 1.76 डॉलर प्रति बैरल था। यह कांट्रैक्ट मंगलवार को समाप्त हो रहा है, जो निवेशकों को जोर दे रहा है कि उन्हें किसी भी कीमत पर अपना हिसाब कर लेना चाहिए। इस बीच जून की कीमतों में 22 डॉलर प्रति बैरल कुछ राहत देने जैसी है।
कच्चा तेल के भंडार के लिए नहीं बची है जगह
अमेरिकी तेल का मई का फ्यूचर कांट्रैक्ट समाप्त होने के साथ व्यापारी सोमवार को भाग गए क्योंकि उनके पास कच्चे तेल के व्यापार के लिए कोई जगह नहीं बची थी। लेकिन जून WTI कॉन्ट्रैक्ट $20.43 प्रति बैरल के एक अच्छे खासे स्तर पर सेटल हुआ। ब्रोकिंग फर्म ओण्डा में वरिष्ठ बाजार विश्लेषक एडवर्ड मोया ने तेल की कीमतों के लिए एक कमजोर अवधि की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि मांग में आई विनाश अमेरिका की धीमी अर्थव्यवस्था को फिर से खोल सकता है।
दुनिया भर में 30 प्रतिशत गिरी तेल की मांग
कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंधों और लॉकडाउन करने से तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिसमें दुनिया भर में 30 प्रतिशत की मांग कम हो गई है। इसके चलते कच्चे तेल का भंडारण मुश्किल होता जा रहा है। मुख्य अमेरिकी भंडारण हब कुशिंग, ओकलाहोमा, अमेरिका के पश्चिम टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का कॉन्ट्रैक्ट अब सप्ताह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। सिडनी में सीएमसी मार्केट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार माइकल मैककार्थी ने कहा, आज यह बहुत स्पष्ट है कि बाजार में एक प्रमुख मुद्दा संयुक्त राज्य अमेरिका में सप्लाई की भरमार और भंडारण क्षमता की कमी है।
अमेरिकी ऑयल कंपनियों के दिवालिया होने का खतरा
पहली बार अमेरिकी क्रूड की कीमतें प्रति बैरल शून्य डॉलर से भी नीचे
अमेरिकी क्रूड के लिए मंगलवार का दिन बहुत खराब रहा। फ्यूचर ट्रेडिंग (वायदा कारोबार) में ऑयल की कीमतें गिरकर एक बार शून्य डॉलर प्रति बैरल पर आ गई थीं। आज तक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब अमेरिकी क्रूड ऑयल का भाव इस स्तर तक नीचे आ गया। हालांकि प्राइस क्रैश के बाद इसमें कुछ सुधार आया। लेकिन यह तेजी बहुत मामूली रही। एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगले महीने तक क्रूड प्राइस की मुश्किलें और बढ़ेंगी। क्रूड प्राइस गिरने से अमेरिकी ऑयल कंपनियों को प्रोडक्शन बंद करना पड़ सकता है। लिहाजा उनके दिवालिया होने का भी खतरा मंडरा रहा है।
दुकानें खुली होने की सूचना पर पहुंची पुलिस से भिड़े लोग
फिरोजपुर . फिरोजपुर में दुकानदारों और पुलिस के बीच उस वक्त झड़प हो गई, जब पुलिस यहां दुकानें बंद करवाने पहुंची थी। लोग पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए हल्ला करने लगे और दुकानें खुली रखने की जिद की। हालांकि पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सभी दुकानें बंद करवा दी। इस बारे में शहर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान किसी भी दुकानदार को दुकान खोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। लोगों ने विरोध किया था पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई करते हुए सभी दुकानें बंद करवा दी। उन्होंने शहर के दुकानदारों से आह्वान किया कि कर्फ्यू के दौरान दुकानें न खोलें, ताकि कोरोना के खिलाफ इस जंग में हम सबकी जीत हो सके।
हमें गंदी बस्तियां हटाते समय अफाेर्डेबल हाउसिंग पर जाना चाहिए- टाटा
टाटा संस के चेयरमैन (एमरिटस) रतन टाटा ने साेमवार काे देश की हाउसिंग पाॅलिसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम बड़ी इमारत बनाने के लिए गंदी बस्तियाें काे दूसरी जगह बसा देते हैं। इसके बजाय हमें गरीबाें काे गुणवत्तापूर्ण जीवन देने के लिए अपनी पुनर्बसाहट नीतियाें पर दोबारा विचार करना चाहिए।
टाटा ने कहा- मेरा सुझाव है कि गंदी बस्तियाें में रहने वाले लाेगाें के रहन-सहन पर शर्मिंदा हाेने के बजाय हमें उन्हें नए भारत का हिस्सा मानकर स्वीकार करना चाहिए। काेराेना हमारे लिए चेतावनी है, जिसने हमें नई चिंताएं बताई हैं। सरकार स्लम-रिडेवलपमेंट पाॅलिसी बनाते समय गंदी बस्तियों में रहने वाले लाेगों की जरूरतें समझे। वह जीवन की गुणवत्ता के स्वीकार्य मानकाें का एक बार फिर परीक्षण करे, क्याेंकि जहां झुग्गियां स्थापित की जाती हैं, वहां ये मानक थम जाते हैं।
मैं जाेर देकर कहना चाहूंगा कि हमें गंदी बस्तियां हटाते समय अफाेर्डेबल हाउसिंग पर जाना चाहिए। आर्किटेक्ट और डेवलपर काे यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अब समय आ गया है कि एक जैसे दिमाग वाले लाेग बैठकर उन निर्णयाें की आलाेचना करें, जाे पिछले सालाें में हमने नजरअंदाज कर दिए हैं।
लॉकडाउन को लेकर बंगाल और केंद्र में तकरार
पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच लॉकडाउन के उल्लंघन, सोशल डिस्टेंसिंग की समीक्षा को लेकर तकरार शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की 6 सदस्यीय इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) राज्य में भेजने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा- मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के इन जिलों में केंद्र की टीम को भेजे जाने का आधार पूछती हूं। मुझे यह कहते हुए अफसोस हो रहा है कि बिना किसी साफ वजह के मैं इसकी अनुमति नहीं दे पाऊंगी, क्योंकि यह संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
अब तक संक्रमण के 18830 मामले
नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 18830 हो गई है। मंगलवार को गुजरात में 127, पश्चिम बंगाल में 53, राजस्थान में 52, आंध्रप्रदेश में 35, कर्नाटक में 7, पंजाब और ओडिशा में 5-5, जबकि मेघालय में 1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। देश में सोमवार को 1235 नए मामले सामने आए थे। यह लगातार तीसरा दिन था,जब देश में कोरोना संक्रमण के 1000 से ज्यादा मामले आए। इससे पहले रविवार को 1580 और शनिवार को 1371 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थीं। देश में कोरोना के 9329 मरीज पिछले आठ दिन में ही बढ़े हैं। यह कुल संक्रमितों का 50% है। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमण के कुल 18 हजार 601 मामले आए हैं।
सोमवार, 20 अप्रैल 2020
योग, प्राणायाम एवं ओम जप से शरीर को सकारात्मक लाभ एवं मन की शांति
लॉकडाउन में घर में कैद लोगों में इस वक्त निराशा और हताशा का भाव पैदा हो सकता है। लोग घरों से निकलने के लिए इस तरह उत्सुक हैं, जैसे जंगल में शिकार को देखकर बाघ दौड़ पड़ता है। ऐसे में मन मस्तिष्क को शांत रखने की बेहद जरूरत है। ऐसी स्थिति में मन को शांत करने के लिए ओम का जप,योग व प्राणायाम करने से कई फायदे मिल सकते हैं। 30 मिनट ओम का जाप करने से शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।साथ ही कम से कम 30 मिनट तक योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करना अत्यंत लाभकारी है।
दरअसल, लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के कारण लोगों के काम,धंधे,कार्यालय बंद हैं।किसी समस्या का आभास होते ही मनुष्य के मस्तिष्क में नकारात्मक विचार प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में मन को शांत रखने की बेहद जरूरत है। इसके लिए यदि मनुष्य रोजाना 30 मिनट तक ओम का जप करे तथा 30 मिनट तक योग एवं प्राणायाम करे तो व्यक्ति को शारिरिक एवं मानसिक लाभ प्राप्त होगा।
सीटू कार्यकर्ता लगातार कर रहे हैं जरूरतमंद लोगों की मदद: गंगेश्वर शर्मा
नोएडा, कोविड-19 लॉक डाउन से प्रभावित हुए गरीब मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए सीटू द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार 19 अप्रैल 2020 को भी सीटू कार्यकर्ताओं ने कई मजदूर बस्तियों में जरूरतमंद लोगों को सीटू संगठन की ओर से राशन की किट देकर कुछ राहत देने का प्रयास किया गया गौरतलब है कि सीटू कार्यकर्ता लॉक डाउन के बाद से ही लगातार गरीब मजदूरों की मदद कर रहे हैं और सीटू संगठन ने कहा है कि उनके कार्यकर्ता इसी तरह गरीब लोगों तक मदद पहुंचाने का कार्य करते रहेंगे।
प्राचीन हिंदू शास्त्रों में वायरस की रोकथाम
यह बस एक शुरुआत है। युद्ध अभी शुरू नहीं हुआ है। किसी भी चीज के लिए तैयार रहें। मेरे शब्दों को चिह्नित करें - कोई जीओडी (गॉड)आपको वायरस से नहीं बचा सकता है। इसलिए कि , वायरस ब्रह्ममांड(कॉसमॉस) का भी हिस्सा हैं। इसमें देवत्व भी है। लेकिन आप वायरस के संक्रमण को आसानी से रोक सकते हैं। कैसे?
प्रामाणिक वैदिक शास्त्रों के अनुसार, बीमारियों के तीन प्रमुख कारण हैं: 1. अन्नरसज(भोजन से आने वाली बीमारियाँ), 2.दोषम (आयुर्वेद के अनुसार त्रिदोष, आप इसे जानते हैं) और 3. कृमिजन्य (रोगजनकों और रोगाणुओं से होने वाले रोग)।
वायरस संक्रमण क्रिमिजन्य हैं। कृमि का अर्थ है कीड़े, रोगजनकों और रोगाणुओं। दो प्रकार के कृमि होते हैं: (1) द्रष्ट (जिसे आप आंखों या उपकरण से देख सकते हैं) और (2) अदृृष्ट (आप साधारण माइक्रोस्कोप से भी नहीं देख सकते हैं)। वे भी आभासी हो सकते हैं। शास्त्रीय आयुर्वेद इन कीड़ों के बारे में चर्चा करता है और इसे कैसे रोका जाए।
शास्त्रों के अनुसार, आदिग्रंथि शारीरिक और मानसिक रोगों का कारण बन सकती है। एक डॉक्टर ने एक बार मुझसे कहा था: "वायरस मानसिक रोग पैदा नहीं कर सकता।" लेकिन मुझे लगता है, वायरस न्यूरोट्रांस को प्रभावित कर सकते हैं, अक्षतंतु न्यूरोट्रांसमीटर की रिहाई का कारण बन सकते हैं जो विचारों को प्रभावित करेगा। लेकिन, यह एक अलग विषय है और इस पर बाद में चर्चा करते हैं। विज्ञान ने साबित कर दिया है कि वायरस मानव शरीर में बहुत सारी बीमारियां पैदा करते हैं।
शास्त्रों में कहीं भी उल्लेख किया गया है कि विषाणु अचेतन ’(जीवन लेकिन कोई चेतना नहीं) की श्रेणी में आते हैं जबकि मानव चेतनम (चेतना के साथ जीवन) के अंतर्गत आता है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, हर चीज में जीवन होता है और उसमें देवत्व की उपस्थिति होती है ।
जैसा कि हमने सीखा है, वायरस छोटे तिरछे इंट्रासेल्युलर परजीवी होते हैं, जो परिभाषा के अनुसार एक आरएनए या डीएनए जीनोम होते हैं जो एक सुरक्षात्मक, वायरस-कोडित प्रोटीन कोट से घिरा होता है। यह contact चेतना ’को उसी क्षण विकसित करता है जब वह चेतना’ के साथ किसी शरीर के संपर्क में आता है।
आधुनिक मनुष्यों के रूप में, हम पृथ्वी पर निवास करते हैं और इसे अपनी खुशी के लिए नष्ट कर देते हैं। इसी तरह, एक वायरस हमारे शरीर में पहुंच जाता है, इसे बस एक मेजबान के रूप में मानता है ।मनुष्यों के विपरीत, यह जानबूझकर मेजबान को नष्ट नहीं करता है। हमारे शरीर के अंदर लाखों वायरस हैं, खुशी से रह रहे हैं और सह-विद्यमान हैं। हालांकि, शरीर केवल कुछ प्रकार के वायरस पर प्रतिक्रिया करता है। जब बाहरी वस्तु के प्रति मानव शरीर की आक्रामक-प्रतिक्रिया समस्या पैदा करती है, तो हम बीमार पड़ जाते हैं।
महाभारत संति पर्व खंड XV कहता है: "कई जीव हैं जो इतने सूक्ष्म हैं कि उनका अस्तित्व केवल अनुमान से लगाया जा सकता है। अकेले पलकें गिरने के साथ, वे नष्ट हो जाते हैं।"
छान्दोग्य उपनिषद में छोटे जीवों के जन्म की भी चर्चा है जो कुछ घंटों तक जीवित रहते हैं और गुजर जाते हैं। उनका जीवन इतनी अल्प अवधि का है, कि कोई ऐसा कह सकता है कि वे जन्म लेते हैं और फिर मर जाते हैं। जब आप उन्हें पैदा होते हुए देख रहे होते हैं, वे उसी समय मर भी जाते हैं। इतना छोटा इन प्राणियों का जीवन है।
पूरे ब्रह्मांड में अरबों वायरस हैं। आप उन्हें नष्ट नहीं कर सकते। वे इंसानों की तुलना में बहुत अधिक शक्तिशाली हैं। वे उत्परिवर्तित हो सकते हैं, शक्तिशाली बन सकते हैं और हम पर फिर से हमला कर सकते हैं। इसलिए, जीवित रहने का एकमात्र तरीका उन्हें हम पर हमला करने से रोकना है।
वायरस को कैसे रोकें?
सरल - जीवन जीने के ब्राह्मणवादी तरीके का पालन करें। क्षमा कीजिए, इसका आज की जाति के ब्राह्मणों से कोई लेना-देना नहीं है! जीने का ब्राह्मणवादी तरीका जाति, लिंग, पंथ या धर्म से बेपरवाह है। उपनिषदों के अनुसार, एक ब्राह्मण वह है जो सच्ची वाणी का उपयोग करता है, शिक्षाप्रद है और कठोरता से मुक्त है और किसी को भी नहीं छोड़ता है। एक सच्चा ब्राह्मण बिना आरक्षण के सच बताएगा। एक ब्राह्मण (पुरुष / महिला) जन्म या वंश या परिवार पर नहीं, बल्कि सिर्फ दो कारकों पर निर्भर करता है - वह है - ज्ञान (ज्ञान) और त्याग (त्याग), गीता कहती है।
ब्राह्मणवादी का अर्थ है एक वैज्ञानिक तरीके से जीने की समझ के साथ कि सब कुछ ब्रह्मम (ब्रह्मांड) है, जो अंदर और बाहर मौजूद है। ब्रह्म के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है। यह मनुष्यों और वायरस के बीच अंतर नहीं करता है। ब्रह्मम के लिए सब कुछ समावेशी है। यह मानव जीवन का समर्थन करने के लिए वायरस को नष्ट नहीं करता है। तो कृपया ध्यान रखें कि प्रार्थना काम नहीं करेगी।
इसलिए, हमारे पूर्वजों ने ब्रह्म के धर्म के अनुरूप जीवन जीने का एक तरीका विकसित किया है। हम इसे धर्म मार्ग कहते हैं। (धर्म = कर्तव्य, जिम्मेदारी, अधिकार, और विशेषाधिकार एक साथ)।
1. पहला और सबसे महत्वपूर्ण: ब्रह्म मुहूर्त में उठें (कुछ लोग इसे सरस्वती यम कहते हैं) - यह सूर्योदय से 48 मिनट पहले तक है। अपने दैनिक दिनचर्या के बाद, उगते सूरज के लिए अपने आप को उजागर करें और यदि संभव हो तो सूर्य नमस्कार करें। किसी को भी सूर्य के प्रकाश के लाभों की व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है।
या कम से कम तर्पणं - सूर्य या देवताओं के प्रति आभार प्रकट करना जो आप मानते हैं। यदि आप गैर-आस्तिक हैं, तो बस सौर ऊर्जा के लिए आभारी रहें। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, सूर्य को कृमि (रोगजनक जीव) के विनाशकर्ता के रूप में दर्शाया गया है।
2. स्नान के बाद, किसी को मत छुओ और दूसरों को तुम्हें छूने मत दो। हिंदू पिछले 5000 वर्षों से इसका अनुसरण कर रहे हैं लेकिन दुनिया के बाकी या अज्ञानी स्व-प्रशंसित छद्मों ने इसे "UNTOUCHABILITY" के रूप में दुरुपयोग किया। किसी को भी आपके शरीर को छूने का अधिकार नहीं है और आपको दूसरों को छूने का अधिकार नहीं है। आपने इसे अंधविश्वासी भेदभाव कहा। अब आप इसके पीछे के विज्ञान को जानते हैं। सभी नमस्कार कहते हुए सम्मान करें, एक मामूली धनुष और हाथों को एक साथ दबाए हुए, हथेलियों को छूने और उंगलियों को ऊपर की ओर इशारा करते हुए, अंगूठे छाती के करीब।
3. प्रकाश दीपक - स्नान के बाद अपने पसंदीदा भगवान के सामने दीपक जलाएं। अगर आप नास्तिक हैं तो सिर्फ दीपक। अधिमानतः, एक दीपक को जलाने के लिए दो विक्स (स्पिन) का उपयोग करें। स्टेनलेस स्टील लैंप का उपयोग न करें, पीतल या कांस्य दीपक का उपयोग करें। हो सके तो तेल की जगह घी का इस्तेमाल करें। अग्नि (अग्नि) अपनी तीव्र शक्ति द्वारा जीवों और शरीर के लिए हानिकारक अन्य एजेंटों को नष्ट कर देती है जो हमारे शास्त्र कहते हैं। यज्ञ सामग्री में भी ऐसी ही चीजों का उपयोग किया जाता है जो जलने पर पर्यावरणीय विषाणुओं को मारने में सक्षम होती हैं। धुप की छड़ें भी समान गुण हैं।
सूर्य और अग्नि (अग्नि) को कृमिचिकित्सा (रोगाणुओं के लिए उपचार) के एक आंतरिक स्रोत के रूप में वर्णित किया गया था, स्पष्ट रूप से कहते हैं कि आयुर्वेद (हर्बल चिकित्सा), अष्टावांगनी (सर्जरी और उपचार के आठ अन्य तरीके), अश्विनकुमार संहिता (चिकित्सा), ब्रह्मसंहिता (बीमार का इलाज करना) ), पुष्कल संहिता (बीमार होने का कारण) और धनवंतरी सूत्र।
4. सात्विक भोजन ही खाएं। सात्विक भोजन क्या है? मोटे तौर पर लोग कहते हैं कि यह अहिंसात्मक भोजन है, शव के कुछ हिस्सों से बचना है, इसलिए शाकाहारी भोजन। (याद रखें, चलती प्रजाति चेतना के अंतर्गत आती है और जो स्वयं से नहीं चल सकती हैं वह है)। हालांकि, सात्विक भोजन सिर्फ शाकाहारी नहीं है। इसका अर्थ है ताजा पकाया हुआ (भोजन पकाने के चार घंटे के भीतर भोजन का सेवन), ताजे फल और सब्जियां। वह असली ब्राह्मणवादी भोजन था। सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करेंगे।
5. भोजन करने से पहले चित्रभूती नामक एक अनुष्ठान करें। जो लोग अनुष्ठानों में रुचि नहीं रखते हैं, उन्हें अधिक गहराई में जाने की ज़रूरत नहीं है - बस हमारे दोपहर के भोजन को शुरू करने से पहले हमारी थाली (या पौधे के पत्ते) के चारों ओर पानी छिड़कें। यदि आप गैर-आस्तिक हैं, तो बस कीड़े और मुख्य रूप से चींटियों को भोजन की थाली में आने से रोकना है। इसके अलावा, खाने से पहले एक मुंह वाला पानी पिएं।
अनुष्ठानों का मानना है कि "अन्नम परब्रह्म स्वरूप" (भोजन ईश्वर की प्राप्ति है), इसलिए उन सभी की भलाई के लिए प्रार्थना करें जो हमें भोजन प्रदान करते हैं (नियोक्ता, किसान, आदि)।
6. हमारे बचपन से, हमें अपने होंठों को उस कप या बोतल को छूने की अनुमति नहीं दी गई थी जहाँ से हमने चाय या पानी पिया था। अपने होठों को छुए बिना गिलास से गर्म दूध / चाय / कॉफी पीने के लिए, हमारे पूर्वज पीतल / तांबे के डम्बल सेट का उपयोग कर रहे थे। हम चाय / कॉफी को थोड़ा-थोड़ा करके गिलास में डाल सकते हैं और होंठों को छुए बिना आसानी से पी सकते हैं। हमें तब इसका महत्व नहीं पता था क्योंकि हमेशा किसी भी चीज के बारे में वर्जनाएं होती थीं, जो किसी के मुंह में मौजूद रोगजनकों के हस्तांतरण का कारण बन सकती हैं। वर्जनाओं में प्लेटों को साझा नहीं करना, एक-दूसरे के भोजन को नहीं लेना शामिल है। अब हम जानते हैं कि हमें बीमारियों से बचने के लिए इन 'अंधविश्वासों' का सख्ती से पालन करना होगा।
7. सभी हिंदू घरों में, कुछ साल पहले तक, लोग पानी या पाइप-आउटलेट से भरा एक बड़ा जार / बर्तन रखते हैं। हमें घर में आने से पहले अपने पैरों, हाथों और चेहरे को धोना चाहिए। यह अनिवार्य था। घर मंदिर है, वे कहते हैं। इसके अलावा, जब कोई मेहमान आता है, तो उसके पैरों और हाथों को धोने के बाद हम उस मेहमान का स्वागत करते हैं जो गले में तुलसी (पवित्र तुलसी) के पत्तों और फूलों की एक माला डालता है। क्या मैं आपको तुलसी के पत्तों के औषधीय गुण बताऊं?
इस तरह के कई संकेत हैं। अपने दादा-दादी से बात करें, वे आपको बताएंगे कि जीवन में ब्राम्हण क्यों महान है (फिर , यह जाति या धर्म नहीं है, यह सिर्फ जीने का एक तरीका है)।
आप इसे स्पष्ट रूप से समझेंगे यदि आप 'शांति मंत्र' नामक सबसे लोकप्रिय प्रार्थना के पूर्ण श्लोक को देखते हैं - लोका समस्थ सुखिनो भवन्तु (मतलब पूरी दुनिया को खुश रहने दें)। इसकी कुछ पूर्व शर्तें हैं:
संपूर्ण के रूप में नारा इस प्रकार है:
“स्वस्ति प्रजाभ्यः परपीलायन्तमं नय्यनां मार्गेण महीम महीसः
गोब्राह्मणभ्यं शुभमस्तु नित्यं लोका समस्थ सुखिनो भवन्तु
ओम संथि, संथि संथिहि "
जाहिर है, यह केवल यह कहता है कि अगर मवेशी और ब्राह्मण हमेशा के लिए ठीक हो गए, तो सभी दुनिया के सभी प्राणी खुश हो जाते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि हमारे राजाओं (राजनेताओं और नेताओं) को धर्मिक होना चाहिए। पूर्ण श्लोक को जाने बिना हम सभी इस मंत्र का पाठ करते हैं।
यहाँ, मुझे फिर से बताइए, ब्राह्मण आज के जाति-आधारित समुदाय नहीं हैं और ब्राह्मण-हुड एक वंशानुगत व्यवसाय नहीं है जैसा कि आज पाया जाता है। यह आपके कर्म द्वारा प्राप्त होने की स्थिति है जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है और पूरी दुनिया के लोगों को ब्राह्मणों की तरह रहना चाहिए।
तो, यह सरल है, ब्राह्मण की तरह जियो और जाति, धर्म, नस्ल और पंथ से बचो। आइए वैदिक धर्म का पालन करें जो "वसुधैव कुटुम्बकम" = दुनिया को एक परिवार कहता है। चलो देखभाल और साझा करें
हरियाणा: आज से 1 हजार 831 केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू
हरियाणा में लॉकडाउन फेज-2 का सोमवार को छठवां दिन है। आज से प्रदेशभर में 1 हजार 831 मंडियों व केंद्रों पर गेहूं खरीदा जा रहा है। सरकार ने पहले दिन ट्रायल के लिए 90 हजार किसानों को बुलाया है। ये सभी वे किसान हैं, जिन्होंने 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा रखा था। वहीं सरकार के आदेश के अनुसार कुछ सरकारी दफ्तरों में सरकारी कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे हैं। लॉकडाउन में ढील पर दुकानदारों में अभी असमंजस की स्थिति है कि किसकी दुकान खुलेगी और किसकी दुकान बंद रहेगी।
टोल प्लाजा पर वसूली नहीं करने को 3 मई तक बढाया
पंजाब के लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने सभी स्टेट टोल प्लाजा पर टोल लेने पर लगी रोक को 3 मई तक बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को वसूली प्रक्रिया को तालाबंदी के चलते तय समय सीमा तक के लिए रोक दिया गया था, लेकिन अब टोल प्लाजा 3 मई तक बंद रहेंगे, क्योंकि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए देशव्यापी तालाबंदी को भी बढ़ा दिया गया है। पंजाब में राज्य सरकार अधीन 23 टोल प्लाजा चल रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार के आदेशों के बाद एनएचएआई के अधीन आते टोल प्लाजा पर 20 अप्रैल से वसूली शुरू कर दी जाएगी, जहां रोज़ाना यात्रियों को टैक्स अदा करना पड़ेगा। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि मुफ्त़ चुंगी मुहैया कराने के साथ राज्य सरकार के अधीन चल रहे टोल प्लाजा 3 मई तक चालकों को लंगर (मुफ़्त भोजन) देते रहेंगे।
पंजाब: लॉकडाउन में 3 मई तक कर्फ्यू में कोई ढील नहीं
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन कानून 2005 और आईपीसी 1860 के तहत आपराधिक केस दर्ज किए जाएंगे
चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदरर सिंह ने रविवार को गेहूं की खरीद को कोरोना संक्रमण से मुक्त बनाने पर जोर देने के अलावा किसी भी तरह की ढील से साफ इनकार किया है। उनके आदेश के मुातबिक राज्य में 3 मई तक किसी किस्म की कोई ढील नहीं दी जाएगी। यहां तक कि रमजान के दौरान भी किसी भी तरह की कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को सभी जिलों में कर्फ्यू का सख्ती से पालन करवाने के आदेश दिए हैं।
कोरोना को हराने वाली स्मृति बनीं गुजरात की पहली प्लाज्मा डोनेटर
कोरोनावायरस की चपेट में आईं अहमदाबाद की 21 साल की नियोमी शाह को 32 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिली है। वे अहमदाबाद में पॉजिटिव पाई गईं पहली मरीज थीं। उनके बाद अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों को छुट्टी मिल गई, लेकिन उनकी अस्पताल में रहने की अवधि बढ़ती ही गई। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आ रही थी, लेकिन संक्रमण के कोई भी लक्षण स्पष्ट नहीं दिखते थे। शुक्रवार को जब रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली। अहमदाबाद के एसवीपी अस्पताल में भर्ती नियोमी शाह ने बताया कि अस्पताल से भले ही मुझे छुट्टी मिल गई है, लेकिन अगले 14 दिन मुझे बहुत ख्याल रखना है। 32 दिन बाद मैंने घर का खाना खाया, इसकी मुझे खुशी है। स्मृति के लिए डॉक्टर्स सुपर हीरो हैं।
केरल ने लिया रेस्टोरेंट, सैलून और बुक स्टोर खोलने का फैसला
केंद्र के अनुसार - ये तो लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन है
नई दिल्ली. देशभर में 3 मई तक जारी लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल यानी सोमवार से उन इलाकों में लॉकडाउन में थोड़ी राहत दी जाएगी, जहां कोरोना का संक्रमण नहीं फैल रहा है। लेकिन वहां ट्रेनें, बसें और उड़ानें 3 मई तक नहीं शुरू होंगी। यानी 100 करोड़ आबादी 3 मई तक इन साधनों से कहीं आ-जा नहीं सकेगी। अभी देश के 170 जिले हॉटस्पॉट यानी रेड जोन हैं। 6 मेट्रो सिटीज- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद भी शामिल हैं। 207 जिलों को नॉन हॉटस्पॉट यानी व्हाइट जोन और 359 को ग्रीन जोन में रखा गया है। इसबीच, केरल सरकार ने रेस्टोरेंट, बुक शॉप, हेयर कटिंग सैलून खोलने का फैसला लिया है। राज्य में आज से वाहनों के लिए ऑड-ईवन फार्मूला भी लागू हो रहा है। इसके अलावा छोटी दूरी के शहरों के बीच बस सेवा भी शुरू होगी। केंद्र सरकार ने इसे लेकर आपत्ति जताई। गृह मंत्रालय ने पिनरई विजयन सरकार के इस फैसले को लॉकडाउन के नियमो का उल्लंघन बताया है।
कनाडा पुलिस की वर्दी पहने बंदूकधारी ने 16 लोगों की हत्या की
ओटावा. कनाडा के नोवा स्कोटिया प्रांत में सोमवार को पुलिस की वर्दी पहने बंदूकधारी ने 16 लोगों की हत्या कर दी। इस दौरान कई लोग घायल भी हुए। घटना में हमलावर भी मारा गया। हालांकि, पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। हमलावर की पहचान 51 साल के गैबरियल वोर्टमैन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि हमलावर ने प्लानिंग के तहत फायरिंग की घटना की अंजाम दिया है। वह पोर्टपिक्यू में अक्सर रुकता था। उसने अपनी कार को पुलिस की कार की तरह करवा रखा था। साथ ही उसने पुलिस की यूनिफार्म भी पहन रखी थी।
अमेरिका में अगस्त तक 60 हजार मौतों का अनुमान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तो कारोबारी गतिविधियां जल्द शुरू करने के पक्ष में हैं लेकिन कोरोना वायरस के फैलाव में कोई गिरावट नहीं आई है। यह बड़े शहरों, उपनगरों से अब ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है, अगले साल तक स्थिति गंभीर रह सकती है। मौतों की संख्या का भी निश्चित अनुमान नहीं है। नया अनुमान 60 हजार मौतों का है। मार्च में 17 लाख मौतों की आशंका जताई जा चुकी है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने स्वास्थ्य और संक्रामक बीमारियों के 20 विशेषज्ञों से स्थिति के संबंध में चर्चा की है। कुछ लोगों की राय है कि स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए सावधानी से कारोबार शुरू करना होगा, बड़े पैमाने पर टेस्टिंग, कारगर इलाज, स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त संसाधन मुहैया कराने और प्रभावी वैक्सीन बनाने जैसे उपाय करने होंगे। फिर भी, अगले साल के अंधकारमय होने की भविष्यवाणी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कई राज्यों के ग्रामीण इलाकों से संक्रमण फैलने के समाचार हैं।
पाकिस्तान: रमजान में मस्जिदों में नमाज जारी रहेगी
बीबीसी के मुताबिक, पाकिस्तान के धर्मगुरुओं ने कहा है कि रमजान के महीनें में मस्जिदों में नमाज जारी रहेगी। हालांकि, जरूरी एहतियात भी बरता जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने भी शनिवार क मौलवियों के दबाव में झुकते हुए रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी थी। उधर, सऊदी अरब की सबसे शीर्ष धार्मिक परिषद ने दुनियाभर के मुसलमानों से मस्जिदों में नमाज न पढ़ने की अपील की है। पाकिस्तान में 8,310 संक्रमित हैं, जबकि 168 मौत हो चुकी है।
जापान: अगले साल भी ओलिंपिक होने की संभावना कम
कोरोना को लेकर देश की प्रतिक्रिया की आलोचना करने वाले एक जापानी विशेषज्ञ ने सोमवार को चेतावनी दी कि उन्हें डर है कि ओलिंपिक 2021 में भी आयोजित होगा। कोबे यूनिवर्सिटी में संक्रमण रोगों के विशेषज्ञ केंटारो इवाटा ने कहा कि इमानदारी से कहूं तो अगले साल ओलिंपिक होने की संभावना कम है। जापान और अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति ने खिलाड़ियों और खेल संघों के दबाव में इस साल जुलाई में आयोजित होने वाले ओलिंपिक को अगले साल जुलाई तक स्थगित कर दिया था।
इजराइल: प्रधानमंत्री नेतन्याहू के विरोध में रैली
मास्क पहनकर, दो गज की दूरी बनाकर और हाथों में काला झंडा लेकर रविवार को हजारों इजराइलियों ने देश में लगे सख्त प्रतिबंधों को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी एक-दूसरे से दूरी बनाकर और मास्क पहनकर प्रदर्शन कर सकते हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘सेव द डेमोक्रेसी’ के बैनर तले गैंट्ज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी से भ्रष्टाचार के आरोपों वाले प्रमुख के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल नहीं होने का आह्वान किया। नेतन्याहू भ्रष्टाचार के तीन मामलों में आरोपी हैं। हालांकि, वे इससे इनकार करते रहे हैं। देश में एक साल में तीन चुनाव हो चुके हैं, इसके बाद भी सरकार नहीं बन पाई है।
ब्राजील: लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन
ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने रविवार को ब्रासीलिया में लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ाया। उन्हें संबोधित करते हुए देशभर के गवर्नरों द्वारा लगाए गए बिजनेस शटडाउन और क्वारैंटाइन गाइडलाइन को खत्म करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने मिलिट्री रूल लाने और सुप्रीम कोर्ट को बंद करने की भी मांग की। सरकार में शामिल कई नेता बोलसोनारो के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि महामारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाना जरूरी है। बोल्सोनारो ने कुछ दिनों पहले लॉकडाउन का समर्थन करने के लिए अपने ही स्वास्थ्य मंत्री हो हटा दिया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ब्राजील में रविवार तक 38 हजार 654 संक्रमित मिले, जबकि 2,462 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका: 24 घंटे में 1,997 लोगों की जान गई
अमेरिका में 24 घंटे में 1,997 लोगों की जान गई है। इसके साथ ही यहां मौतों का आंकड़ा 41 हजार के पार हो गया है। यहां अब तक संक्रमण के सात लाख 63 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। उधर, न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने कहा कि यहां 24 घंटे में 507 लोगों की मौत हुई है। एक दिन पहले यहां 778 जान गई थी। राज्य में अब तक 18 हजार 298 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या कम हो रही है। अगर डेटा ऐसा ही रहा और संक्रमण के मामलों में कमी आती रही तो कहा जा सकता है कि स्थिति पहले से बेहतर हो रही है।
दुनियाभर में 24 घंटे में 81 हजार से ज्यादा मामलों की पुष्टि: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार को घोषणा की कि दुनियाभर में 24 घंटे में 81 हजार 153 मामलों की पुष्टि हुई है। साथ ही 6,463 लोग मारे गए हैं। शनिवार की तुलना में रविवार को कम केस मिले। पिछले दिनों के मुकाबले चार हजार कम मरीज मिले और 247 कम मौतें दर्ज की गई। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, यूरोप में 11 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। वहीं यहां मौतों का आंकड़ा भी एक लाख से ज्यादा हो गया है। एक दिन पहले डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहॉनम गेब्रेयेसियस ने जी20 के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत की।
भारत सरकार के नए FDI नियम का चीन ने विरोध किया
चीनी दूतावास ने एफडीआई को लेकर भारत सरकार के नए नियम का विरोध किया है। दूतावास ने कहा है कि भारत सरकार का नया नियम कारोबार और निवेश में उदारीकरण के सामान्य चलन के खिलाफ है। भारत ने पड़सी देशों की कंपनियों स अपने देशों में होने वाले निवश को लेकर नियम कड़े कर दिए हैं। अब किसी भी पड़ोसी देश को निवेश के लिए सरकार की मंजूरी लेनी होगी। वाणिज्य मंत्रालय ने 17 अप्रैल क कहा था- इसका उद्देश्य मजबूरी का फायदा उठाकर किसी कंपनी को टेकओवर करने से रोकना है।
दुनिया में अब तक 1 लाख 65 हजार मौतें
वॉशिंगटन. दुनिया में कोरोनावायरस से अब तक 24 लाख 6 हजार 868 लोग संक्रमित हैं। एक लाख 65 हजार 56 की मौत हो चुकी है। वहीं, छह लाख 17 हजार चार ठीक भी हुए हैं। अमेरिका के अस्पताल में भर्ती 440 मरीजों पर मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का ट्रायल किया जाएगा। इसके लिए स्विट्जरलैंड की फार्मा कंपनी नोवार्टिस और अमेरिका के बीच समझौता हुआ है। इसकी जानकारी कंपनी ने दी है। कुछ दिनों पहले ही भारत ने अमेरिका, ब्राजील, इजराइल, यूएई, पोलैंड समेत कई देशों को यह दवा भेजी है।
मुख्यमंत्री योगी कल पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे
लखनऊ. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट (89) का सोमवार सुबह 10:44 बजे दिल्ली एम्स में निधन हो गया। लीवर और किडनी में समस्या के कारण उन्हें 13 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था। लेकिन मल्टीपल ऑर्गन फेल होने से रविवार देर रात हालत ज्यादा बिगड़ गई। आनंद सिंह का अंतिम संस्कार उत्तराखंड स्थित पैतृक गांव पंचूर में मंगलवार को होगा। योगी ने पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि वे यूपी में कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण पिता के अंतिम दर्शन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने परिवार से अपील की है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अंतिम क्रिया संपन्न कराएं।
एम्स में भर्ती रहे आनंद सिंह को देखने रविवार रात भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के संगठन महासचिव बीएल संतोष पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी को जब पिता के निधन की जानकारी मिली तो वे कोरोना से संबंधित टीम 11 के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान वे कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। उनकी आंखें नम हो गईं। फिर भी उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक जारी रखी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आनंद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
रविवार, 19 अप्रैल 2020
सनातन धर्म मै परमात्मा मंगलदायी है!
ईश्वर सबका है। हर व्यक्ति के कर्म पर उसकी नजर है।वह कल्याणकारी तो है। मूलत उसका स्वभाव ही मंगलदायी है। जैसे ही भक्त उसके निकट जाता है ।मंगल होना शुरू हो जाता है। क्युकी यह उसका स्वभाव है।जैसे आप किसी बगीचे की तरफ जाते है तो ठंडी हवाएं आने लगती है। कोई भी उसके पास से भी गुजरता है तो ठंडी हवाएं उसे शीतलता प्रदान करते है। जैसे जैसे बगीचे मै पहुंचते है तो फूलों की सुगंध भी आनी शुरू हो जाती है। यानि कर्मफल मै और भी मंगलमय घटनाएं होने लगती है।क्युकी बाग़ का स्वभाव ही शीतलता प्रदान करना है।
इसी प्रकार ईश्वर मंगल दायी है।जो भी उसके निकट जाएगा उसका मंगल ही होगा । बिच्छू का काम है डंक मारना और साधु का काम है विनम्र स्वभाव। साधु की पूजा के समय भले ही बिच्छू बार बार उसके शरीर पर चढ़ता है साधु उसे नीचे उतार कर फिर अपनी पूजा अर्चना मै लग जाता है। दोनो का अपना अपना स्वभाव है।
ब्रह्माण्ड की सर्व शक्ति मां का स्वभाव ही बच्चो से प्यार करना है । कैसा भी बच्चा हो सुंदर या कुरूप वह अपने आंचल मै उसे सीने से लगाकर ही दूध पिलाती है ।यह मा का स्वभाव है।
ईश्वर से नाता जोड़े अपने सदमार्ग को अपनाएं । वह मंगल ही करेगा। अपने मंगलदाई स्वभाव से आपकी रक्षा भी करेगा। चाहें कोरोना हो या कुछ ओर ।
टोटल लॉकडाउन नहीं, लेकिन डेढ़ साल तक कुछ प्रतिबंध जारी रखने होंगे
अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता एरिन मोर्डेकाई कहती हैं कि, 1918 में जब स्पैनिश फ्लू फैला था, तब अमेरिका के कुछ शहरों ने 3 से 8 सप्ताह तक लगी पाबंदी को अचानक हटा दिया था। इसका नतीजा ये हुआ था कि ये फ्लू कम समय में ही ज्यादा जगहों में फैल गया। स्पैनिश फ्लू से 50 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे, जबकि 5 करोड़ लोगों की मौत हुई थी।
एरिन आगे कहती हैं कि कोरोना के डर से हमें साल-डेढ़ साल के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन रखने की जरूरत नहीं है, लेकिन 12 से 18 महीनों तक हमें कुछ प्रतिबंध जारी रखने होंगे।
सऊदी अरब में संक्रमण से अब तक पांच भारतीय नागरिकों की मौत
पिछले साल गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय मजदूरों ने करीब 50 अरब डॉलर अपने घर भेजे थे। ये भारत को सालाना विदेशों से भारत आने वाले कुल पैसों का 40% है। कंस्ट्रकशन, टूरिज़्म ,हॉस्पिटेलिटी, रिटेल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस जैसे सभी सेक्टरों में काम कर रहे ये भारतीय मजदूर गल्फ देशों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। लेकिन, कोविड-19 की चपेट से सब काम ठप्प पड़ा है। इनके रोजगार पर अनिश्चित्ता के घने बादल मंडरा रहे हैं। ज्यादातर लोगों को बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिया है। कइयों की नौकरी भी जा चुकी है।
भारत में 3 मई तक लॉकडाउन है। लिहाजा ये वतन भी वापस नहीं आ सकते। कुछ लोग मदद के लिए ट्वीट कर रहे हैं। हालांकि, मोदी सरकार का कहना है कि वह एंबेसी या कॉन्सुलेट के जरिए विदेशों में फंसे अपने लोगों की मदद करने और उन्हें सुविधा देने का काम कर रही है। लेकिन फ़िलहाल खाड़ी समेत दूसरे बाहरी देशों से भारतीयों को वापस सरकार नहीं लाने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने भी एक महीने तक उन याचिकाओं पर सुनवाई करने से मना कर दिया है, जिसमें गल्फ देशों में फंसे भारतीयों को देश वापस लाने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट में अति आवश्यक मुकदमों की सुनवाई ई-फाइलिंग से
हाईकोर्ट में ई-फाइलिंग प्रक्रिया के जरिए अति आवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई होती रहेगी। किसी भी अधिवक्ता या मुंशी को न्यायालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं रहेगी, जो अधिवक्ता याचिका दायर करना चाहते हैं उन्हें ई-मेल के जरिए शीघ्र सुनवाई की सकारण अर्जी देनी होगी। पासवर्ड के साथ कार्यालय द्वारा अधिवक्ता के जरूरी सूचना दी जाएगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक अनवरत जारी रहेगी।
इस साल नहीं होंगे जजों के ट्रांसफर: चीफ जस्टिस
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना की भयावहता को देखते हुए 20 अप्रैल से जिला अदालतों को खोलने के फैसले को वापस ले लिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने 20 अप्रैल से अदालतों को शुरू करने के निर्णय पर रोक लगाते हुए इसे बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दिया है। अब 27 अप्रैल तक अदालतें केवल अतिआवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई करेंगी। अदालतें आम लोगों के लिए बंद रहेंगी। 2020 में प्रदेशभर के न्यायिक अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर भी रोक लगाई गई है।
प्रियंका गांधी ने की योगी सरकार की तारीफ
कोटा से छात्रों को घर लाने की तारीफ
लखनऊ. कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन है। प्रवासी मजदूर कई राज्यों में अभी भी फंसे हुए हैं और वो अपने घर जाना चाहते हैं। इस बीच कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने संदेश में कहा है कि यूपी सरकार कोटा में फंसे छात्रों को वापस लेकर आई है। इसके लिए वह बधाई की पात्र है लेकिन सरकार को गैर राज्यों में रह रहे प्रवासी मजूदरों की भी चिंता करनी चाहिए जो अपने घर जाना चाहते हैं। इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने भी छात्रों को लाने की सराहना करते हुए मजदूरों की व्यवस्था करने की मांग की थी।
मेरठ: मुर्गा खरीदने बाहर निकले 2 युवकों को गांव वालों ने मुर्गा बनाकर पीटा
मेरठ. यूपी के मेरठ जिले के थाना खरखौदा में गांव प्रधान और तीन लोगों ने मिलकर लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में दो युवकों को मुर्गा बनाया और उनकी पिटाई की। सोशल मीडिया पर घटना का विडियो वायरल होने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की साथ ही प्रधान को अरेस्ट भी किया। युवकों के दलित होने की बात भी सामने आई। पिटाई के शिकार दोनों युवकों के खिलाफ भी लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार यह घटना थाना खरखौदा के ग्राम कैली की है। शोषित क्रांति दल के अध्यक्ष रविकांत ने सीएम ऑफिस, डीजीपी को वीडियो ट्वीट कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पिटाई का शिकार धीरखेड़ा ग्राम पंचायत के मजरा नयागांव निवासी अंकित जाटव और टीटू हैं। दोनों गुरुवार को मुर्गा खरीदने के लिए बाइक से जोगीपुरा गांव जा रहे थे। कैली गांव में युवकों ने दोनों को रोककर बताया कि लॉकडाउन के कारण गांव में बाहर के लोगों की ऐंट्री पर रोक है इसलिए भविष्य में गांव में आने की कोशिश न करें। लेकिन कुछ देर बाद अंकित और टीटू एक थैले में तीन मुर्गे लेकर कैली गांव से ही लौटने लगे।
जमाती देश के गद्दार, इनकी वजह से मुसलमान बदनाम हो रहे
लखनऊ. अयोध्या विवाद में बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा- जमाती देश के गद्दार हैं। वह कोरोना जैसी महामारी को फैलाने की साजिश रच रहे हैं। इससे पूरे मुल्क के मुसलमानों की बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि हम कोरोना को फैलने नहीं देंगे। कोरोना हारेगा और देश जीतेगा। हिंदू और मुसलमान मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ेंगे।
अंसारी रविवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम देश के वफादार हैं। अंसारी के अनुसार जमाती घुमंतू होते हैं, जगह-जगह घूमते रहते हैं, जहां जगह मिली वहीं सो जाते हैं जहां खाना मिला वहां खा लेते हैं लेकिन मौजूदा समय में यही जमाती कोरोना फैलाने का कारण बन रहे हैं। यह बीमारी खासतौर पर जमातियों में पाई जा रही है।
तुर्की : संक्रमण के मामले ईरान से ज्यादा
पश्चिम एशिया में कोरोना संक्रमितों के मामले में तुर्की ईरान से आगे निकल गया है। यहां अब 82 हजार 329 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं। बीते 24 घंटे में देश में 3 हजार 783 नए मरीज मिले जबकि 121 लोगों की मौत हुई। अब तक देश में 1890 लोगों ने इस वायरस की वजह से दम तोड़ा है। स्पुतनिक न्यूज के मुताबिक, तुर्की ने भी भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा मंगाई है।
कनाडा: कुल मौतें 1500 के करीब
कनाडा में 24 घंटे में 160 लोगों की जान गई, जबकि 1,456 मरीज मिले। इसके साथ ही यहां मौतों का कुल आंकड़ा 1,470 हो गया है। वहीं, संक्रमण के मामले 33 हजार 383 हो गए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शनिवार को घोषणा की कि कनाडा और अमेरिका की सीमा 30 दिनों के लिए फिर से बंद रहेगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच किसी भी गैर-जरूरी यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने 21 मार्च से ही अमेरिका के साथ सीमा बंद की हुई थी। यह पाबंदी मंगलवार को खत्म होने वाली थी। ट्रूडो ने कहा- दोनों देशों के नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। केवल माल ढुलाई और स्वास्थ्य तथा आपातकालीन स्थिति के लिए ही सीमा से प्रवेश और निकासी की जा सकती है। देश के पूर्वी प्रांत क्यूबेक और ओंटारियो में कोरोना के दस हजार से भी अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
अमेरिका: 24 घंटे में 29 हजार केस
अमेरिका में अब तक 39 हजार से ज्यादा जान जा चुकी है, जबकि सात लाख 38 हजार संक्रमित हैं। यहां एक दिन में संक्रमण के 29 हजार 57 केस मिले हैं। बीबीसी के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क में 24 घंटों में 540 लोगों की मौत हुई है। यहां अब तक 17 हजार 671 जान जा चुकी है। राज्य के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। एक दिन पहले अस्पतालों में 17 हजार 316 मरीज थे, लेकिन शनिवार को 17,967 हो गए। 24 घंटे में करीब दो हजार मरीज अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। शनिवार के आंकड़ों से थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था तेजी से खोला गया तो संक्रमण का खतरा एक बार फिर से बढ़ सकता है।
अब तक 1 लाख 60 हजार मौतें और 23 लाख संक्रमित
वॉशिंगटन. दुनिया में कोरोनावायरस से अब तक 23 लाख 30 हजार 937 लोग संक्रमित हैं। एक लाख 60 हजार 755 की मौत हो चुकी है। वहीं, पांच लाख 96 हजार 537 ठीक भी हुए हैं। यूरोप में अब तक एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यहां सबसे ज्यादा इटली में 23 हजार 227 जान गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर स्पेन है, जहां 20 हजार 639 लोगों की मौत हुई है। दुनियाभर में हुए कुल मौतों में 62.5% यूरोप में हुई है। वहीं, कुल संक्रमितों में केवल अमेरिका में एक-तिहाई मरीज हैं।
राजधानी में अब कुल संक्रमितों की संख्या 1893 हो गई
लॉकडाउन में कोई छूट नहीं दी जाएगी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफे पर चिंता जताई। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें वायरस का कोई लक्षण दिखाई नहींं देता। यह स्थिति चिंताजनक है। इसे ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। एक हफ्ते बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी, उसके हिसाब से फैसला लिया जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार लॉकडाउन फेज -2 में 20 अप्रैल (सोमवार) से कई सेवाओं में छूट है। कई राज्य केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक, कई गतिविधियां शुरू कर भी रहे हैं। लेकिन देश की राजधानी में होते नहीं दिखता।
उन्होंने कहा कि इससे न दहशत में आने और न घबराने की जरूरत है। हमें कोरोना से मिलकर मुकाबला करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में 736 नहीं जांच की गईं और इनमें से 186 पॉजिटिव मिले जो कुल का 25% है। यह संख्या बहुत ज्यादा है। इसके साथ राजधानी में अब कुल संक्रमितों की संख्या 1893 हो गई। वहीं, 43 मरीजों की मौत हो चुकी है।
शनिवार, 18 अप्रैल 2020
आईपीएस पत्नी कोरोना के खिलाफ मैदान में
सातारा. दुनिया की तरह भारत भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। पुलिस, हेल्थ वर्कर्स और अन्य विभाग कंधे से कंधा मिलाकर देश को महामारी से बचाने में दिन-रात एक कर रहे हैं। मुश्किल वक्त में इन कोरोना वॅरियर्स के परिवार भी उनके साथ हैं। एक मिसाल महाराष्ट्र के सातारा की एसपी तेजस्विनी सातपुते और उनके पति की है। तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं। वो अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें, घर की चिंताओं से मुक्त रहें। इसलिए, पति किशोर ने घर की कमान संभाल रखी है।
मास्क लगा दूल्हा-दुल्हन ने लिए फेरे
यमुनानगर. लॉकडाउन के बीच जब लोग घर से बाहर भी सोच-विचार कर निकल रहे हैं, ऐसे में यमुनानगर के ममीदी गांव में दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे ले लिए। इस गांव में दो कोरोना मरीज मिले थे लेकिन दूल्हा और दुल्हन दोनों के परिजनों ने जिला प्रशासन को गुहार लगाई तो उन्हें चंद लोगों के साथ शादी की रस्म पूरी करने की अनुमति दे दी। तभी महज दो घंटे के अंदर पुलिस की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम निपट गया।
हजारों छात्र बस स्टैंड पर इकट्ठा हुए
कोटा. लॉकडाउन के दौरान राजस्थान में फंसे उत्तरप्रदेश के करीब साढ़े 7 हजार कोचिंग छात्रों को लेने के लिए शुक्रवार को यूपी सरकार ने 252 बसें कोटा भेजी। ये सभी छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारियों के लिए कोटा में कोचिंग कर रहे हैं। वहीं के होस्टलों और पीजी में रह रहे हैं। गुरुवार को राजस्थान और यूपी सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए बसों का इंतजाम करने का फैसला लिया था। इसके बाद शुक्रवार को 102 बसें झांसी और 150 बसें आगरा से रवाना हुईं। शुक्रवार देर रात ये बच्चे बसों से यूपी के लिए रवाना हो गए। मगर इससे पहले बस स्टैंड पर हजारों छात्रों के एक साथ इकट्ठा होने से लॉकडाउन की धज्जियां उड़ गई। प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करवाने में असफल रहा।
जमातियों की जानकारी देने पर जौनपुर डीएम देंगे इनाम
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। प्रदेश के 936 संक्रमितों में 570 तब्लीगी जमाती हैं। ऐसे में जौनपुर डीएम ने ऐलान किया है, जो भी छिपे हुए जमातियों की जानकारी देगा, उसे 5100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, अंबेडकरनगर में एक युवक की मौत हो गई। परिजन का आरोप है, पुलिस की पिटाई से उसकी जान गई है। इधर, सरकार ने फैसला लिया है कि अब प्रदेश के 24 मेडिकल कॉलेजों में कोरोना की जांच होगी। यहां वायरोलॉजी लैब खोली जाएंगी। इसके अलावा जिन मंडलों में अभी राजकीय मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां भी लैब स्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे। बीते 23 मार्च को सैंपल की टेस्टिंग की संख्या सिर्फ 72 थी और अब यह प्रतिदिन तीन हजार हो गई है। सरकार की कोशिश है कि लैब बढ़ाई जाएं और पूल टेस्टिंग पर भी जोर दिया जाए।
कोरोना हॉटस्पॉट खासगंज में लोगों ने मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट फाड़ दी
पटना. कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन फेज-2 का शनिवार को चौथा दिन है। लोग घर में रहें, इसके लिए पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। नालंदा जिले में स्क्रीनिंग के लिए गई मेडिकल टीम को 32 जगह विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने टीम के साथ मारपीट भी की है। वहीं, मुंगेर के जमालपुर में 17 दिन से छिपकर रह रहे 7 जमाती पकड़े गए हैं।
जज ने आरोपी के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आदेश दिया
नालंदा. कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण गरीबों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। मुश्किल घड़ी में कुछ लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए सामने भी आ रहे हैं। ऐसा ही मामला बिहार के नालंदा जिले में सामने आया है। शुक्रवार को यहां के बिहारशरीफ में चोरी के आरोप में एक नाबालिग को किशोर न्यायालय में पेश किया गया। उसने भूख से तड़प रही मां के लिए खाना जुटाने के लिए पिछले दिनों चोरी की थी। जज को यह बात पता चली तो उन्होंने आरोपी को सजा की बजाय राशन और उसकी विक्षिप्त मां लिए कपड़े दिलाए।
पुलिस ने इस्लामपुर में रहने वाले नाबालिग को गिरफ्तार कर जज मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट में पेश किया था। उन्होंने किशोर की मजबूरी समझते हुए उसे आरोपों से मुक्त कर दिया। साथ ही अधिकारियों को उसे हर संभव मदद और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ देने का आदेश दिया। अदालत ने हर 4 महीने में किशोर से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश पुलिस को दिए हैं। इसके अलावा जज ने बीडीओ को परिवार को राशन कार्ड, सभी सदस्यों के आधार कार्ड, किशोर की मां को विधवा पेंशन, गृह निर्माण के लिए अनुदान राशि समेत सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के लिए कहा है।
आर्मी में 8 जवान कोरोना से संक्रमित
आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने 17 अप्रैल को बताया था कि सेना में कोरोना संक्रमण के 8 मामले सामने आए हैं। इनमें दो डॉक्टर और एक नर्स भी शामिल है। वहीं, हमारे जो जवान किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए, उन्हें यूनिट में वापस भेजा जा रहा है। हमने इसके लिए एक बेंगलुरु से जम्मू और दूसरी बेंगलुरु से गुवाहाटी, दो स्पेशल ट्रेनें निर्धारित की हैं।
49 जिलों में फैला कोरोनावायरस
उत्तरप्रदेश के 49 जनपदों में अब तक कुल 936 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इनमें अब तक कुल 570 तब्लीगी जमात से हैं। प्रदेश में आज कोरोना के 98 नए केस मिले। इनमें 69 नए जमातियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। कोरोना टेस्टिंग के लिए अब तक कुल 24,643 सैम्पल भेजे गए, जिनमें 23,648 की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई। 146 अंडर प्रोसेस हैं। प्रदेश में 56 हजार 878 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की है। प्रदेश में कुल 29,659 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 10 हजार 841 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है।
वाराणसी में ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले 4 हिरासत में
वाराणसी: शहर में शुक्रवार शाम को कैंट सीओ मुश्ताक अहमद ने पिज्जा रेस्तरां में छापा मारकर 4 लोगों को हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि यहां शटर बंद करके फूड की ऑनलाइन डिलीवरी की तैयारी की जा रही थी। रिकाॅर्ड में भी होम डिलीवरी करना पाया गया। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि वाराणसी में फूड की ऑनलॉइन होम डिलिवरी पूरी तरह से बंद कर दी गई है। कुछ दिनों के लिए स्विगी को होम डिलीवरी की अनुमति दी गई थी, जो एक-दो दिन ही चला था। इसे बाद में बंद करा दिया गया था। दूसरी ओर वाराणसी में सुबह बिना वजह सड़क पर उतरने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की और कई लोगों को वापस भेजा।
कोटा: 7 हजार से ज्यादा छात्र निकले, लेकिन अभी हजारों फंसे हुए हैं
कोटा शहर में फंसे कोचिंग छात्रों को लेने के लिए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने 252 बसें कोटा भेजी थीं। यहां यूपी के 7 हजार 500 छात्र हैं, जिन्हें बसों से उनके घरों के लिए भेजा गया। राजस्थान और यूपी सरकार ने गुरुवार को यह फैसला लिया था। छात्रों के लिए शुक्रवार को 102 बसें झांसी और 150 बसें आगरा से रवाना हुईं। रात में ही छात्र बसों से रवाना हो गए। हालांकि, अभी यहां बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के छात्र फंसे हुए हैं।
झुंझुनू में 500 और 200 रु के नोट से कोरोना फैलने की अफवाह
जयपुर. राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को भी 53 नए पॉजिटिव केस सामने आए। इसमें भरतपुर में 27, नागौर में 11, कोटा में 5, जयपुर में 3, जोधपुर और अजमेर में 2-2 संक्रमित मिले। इसके अलावा, बांसवाड़ा, जैसलमेर में एक-एक मरीज मिला। इसके बाद राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1282 पर पहुंच गया है। वहीं, संक्रमण से शुक्रवार देर रात जयपुर में दो लोगों की मौत हो गई।
झुंझुनू में सड़क पर 500, 200 और 10 रुपए के नोट मिलने से शहर में तनाव फैल गया। तीन दिन में ऐसा दूसरी बार हुआ। अफवाह रही कि ऐसा कोरोना फैलाने के लिए किया गया। इससे लोग परेशान हुए। पुलिस को शिकायत भी की गई। सूचना मिलने पर घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने इन नोटों को जब्त किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी से इस मामले की जांच कर रही है। झुंझुनू में संक्रमण के अब तक 36 केस सामने आ चुके हैं।
कभी भी टूट सकता है मजदूरों के सब्र का बांध- गंगेश्वर दत्त
नोएडा, कोविड-19 लॉक डाउन से सबसे ज्यादा मजदूर वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है सरकार की तमाम घोषणाएं हवा हवाई साबित हो रही है गौतम बुध नगर मजदूरों की नगरी है लेकिन यहां के जिला प्रशासन ने आज तक श्रमिक संगठनों के साथ कोई बातचीत तक नहीं किया है ऐसे समय में भी श्रम बंधु की बैठक तक न बुलाना जिला प्रशासन व श्रम विभाग की मजदूरों के प्रति उदासीनता को भी दिखाता है जबकि उद्योग बंधु की बैठक की जा रही है।
सीटू जिला अध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि हमारे संगठन ने कई बार जिला प्रशासन/ श्रम विभाग का इस ओर ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास किया गया है लेकिन जिला प्रशासन श्रम विभाग मजदूरों के पक्ष को सुनने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है हमने कई बार श्रम संगठनों के मुख्य पदाधिकारियों के पास बनाने का लिखित अनुरोध किया लेकिन हमारे पास भी जिला प्रशासन बनाने को तैयार नहीं है आज भी सीटू संगठन के पदाधिकारी गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर, विनोद कुमार डीएम कैंप कार्यालय, नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर घंटों घंटे खड़े रहे लेकिन कोई भी मिलने को तैयार नहीं बार-बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन भी कोई रिसीव करने को तैयार नहीं है हमने लिखित शिकायत देना चाहा तो डीएम कार्यालय व नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर शिकायत पत्र लेने से भी साफ मना कर दिया गया। इतना ही नहीं गरीब मजदूर अपनी फरियाद लेकर डीएम साहब के पास तक ना पहुंचे इसके पूरे इंतजाम तो किए जा रहे हैं और डीएम कैंप कार्यालय की तरफ जाने वाले गरीब लोगों को पुलिस मारपीट कर भगा रही है लेकिन मजदूरों के दुख दर्द को समझने और सुनने को कोई तैयार नहीं है।
आज भी शहर में कई लाख गरीब मजदूर हैं जिन्हें दो वक्त के खाने के लिए रोज जद्दोजहद करनी पड़ रही है खाने की तलाश में मजदूर घर से बाहर निकलता है तो खाना मिले या ना मिले लेकिन पुलिस के डंडे जरूर खाने को मिल जाते हैं और कितने ही लोग रोज भूखे पेट सो जाते हैं क्योंकि जिला प्रशासन प्राधिकरण और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ लिया जाए तो भी एक लाख से भी कम लोगों को खाने के पैकेट बटते हैं जिसके वितरण में बहुत सारी अनियमितताएं हैं कहीं-कहीं तो सुबह का खाना पहुंचते-पहुंचते शाम के 4:00 बज जाते हैं तब तक खाना खराब हो चुका होता है और खाने योग्य नहीं रहता और भरपूर मात्रा में भी नहीं मिलता है कुछ चावल या थोड़ी सी खिचड़ी से मजदूरों का पेट नहीं भर सकता।
उन्होंने बताया कि जनपद के मजदूरों में अंदर ही अंदर आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी आक्रोश का रूप ले सकता है और मुंबई बांद्रा, सूरत, दिल्ली की तरह यहां के मजदूर भी कभी भी सड़क पर आ सकते हैं उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि जिन मजदूरों गरीबों के पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी उनके आधार कार्ड और लेबर पंजीयन कार्ड पर राशन देकर राहत दी जाए ताकि लॉक डाउन के उल्लंघन की धज्जियां उड़ने से बची रहे साथ ही उन्होंने तुरंत श्रम संगठनों की बैठक बुलाने का अनुरोध किया।
फेडरेशन के अध्यक्ष तरुण भारद्वाज ने सभी नोएडा वासियो को स्थापना दिवस की बधाई दी
नोएडा। सन 1976 के समय कांग्रेस सरकार के श्री संजय गांधी की परिकल्पना से तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नारायण दत तिवारी द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों की कृषि भूमि का अधिग्रहण कर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई ! उसके बाद नोएडा ने प्रदेश में औद्योगीकरण के नए आयाम बनाये।
फेडरेशन ऑफ़ नोएडा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तरुण भारद्वाज ने नोएडा के 44 वे स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगपतियों ने सन 1976 से बहुत बड़ी मात्रा में निवेश किया जिससे सम्पूर्ण भारत के लोगों ने औद्योगिक,व्यावसायिक, संस्थागत,आवासीय आदि क्षेत्रों में निवेश कर इस क्षेत्र को चमन बना दिया ! आज नोएडा क्षेत्र के वासी नोएडा पर गर्व महसूस करते है। नोएडा उतर प्रदेश का सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला क्षेत्र है और आने वाले समय में क्षेत्र का और भी विकास होगा तथा नोएडा के विकास में यहाँ के गांव वासियो, निवासिओं, व्यापारिओं, अधिकारिओ, पुलिस प्रशासन सहित तमाम उद्योग लगाने वालो बहुत ही सयोग रहा है और इन्ही के सयोग से नोएडा प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
नोएडाके 44 वाँ स्थापना दिवस की बधाई : नाहटा
नोएडा के 44 वें स्थापना दिवस पर देश,प्रदेश एवं नोएडा वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए MSME के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने कहा कि प्रदेश सरकार,नोएडा प्राधिकरण,अन्य सरकारी विभाग ,उद्यमी ,व्यापारी एवम् अन्य नोएडा के सभी निवासी आदि नोएडा के स्थापना दिवस को बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ धूमधाम से मनाते आए हैं परन्तु इस 44वें स्थापना दिवस के मौके पर COVID 19 का साया पड़ने के कारण सम्पूर्ण विश्व के साथ साथ भारत पर भी महामारी के प्रकोप के चलते नोएडा में भी खुशी के समारोह मनाए जाने भी पूर्ण तया बन्द कर देने की मजबूरी हो गई ! इतिहास के पन्नों में नोएडा के स्थापना की तिथि स्वर्ण अक्षरों में अंकित है ! समय एक जैसा नहीं रहता अगले वर्ष मौका धूम धाम से मनाने का भी आयेगा !
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020
ब्रिटेन ने लॉकडाउन 21 दिनों के लिए बढ़ाया
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए "कम से कम तीन सप्ताह" के लिए देश में लॉकडाउन आगे बढ़ाने की घोषणा की है. गुरुवार को हुए संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने बताया कि अगर लॉकडाउन में छूट दी गई तो न केवल ये सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए ख़तरा होगा बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा ख़तरा हो सकता है.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीमार होने के बाद से डोनमिक राब, प्रधानमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा, "अब तक हम अपेक्षा के अनुरुप संक्रमण की दर को कम नहीं कर पाए हैं." ब्रिटेन में कोरोना वायरस के कारण अस्पतालों में 861 और मौतें हुई हैं जिसके बाद यहां मौतों का कुल आंकड़ा 13,729 हो गया है.
लॉकडाउन में मंदिर के आयोजन, जमा हुए सैकड़ों लोग, अब तक पाँच गिरफ्तार
कर्नाटक के कलबुर्गी ज़िले में एक मंदिर के रथ खींचने के सालाना आयोजन में लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों लोग जमा हो गए. यह इसलिए भी चौंकाने वाला मामला है क्योंकि भारत में कोविड-19 संक्रमण से पहली मौत की ख़बर कलबुर्गी ज़िले से ही आयी थी. लोगों के जमा होने की घटना में ज़िला प्रशासन ने हरकत में आते हुए रेवूर गाँव को सील कर दिया है. इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का उल्लंघन करने वालों पर अंकुश नहीं लगा पाने के चलते चित्तापुर तालुक़ के डिविज़नल मजिस्ट्रेट और पुलिस विभाग के एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है. वैसे विचित्र बात यह भी है कि इस गाँव से दो किलोमीटर दूर ही वाडी गाँव है जहां की 10 हज़ार आबादी को कोविड-19 संक्रमण के लिहाज़ से कलस्टर इलाक़ा घोषित किया जा चुका है. वाडी गाँव में दो साल के एक बच्चे को कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है जबकि अब तक इसका पता नहीं चल पाया है कि बच्चे तक संक्रमण कैसे पहुंचा.
पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 4,591 अमेरिकियों की मौत
अमेरिका में कोरोना वायरस खतरनाक रुख अख्तियार करता जा रहा है. कोरोना के प्रकोप से पिछले 24 घंटे के अंदर 4591 अमेरिकियों की मौत हुई है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार रात 8 बजे से गुरुवार रात 8 बजे तक 4,591 अमेरिकियों ने जान गंवाई है. इससे पहले एक दिन में 2569 अमेरिकियों की मौत हुई थी. पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से निकली इस बीमारी ने पूरी दुनिया में अब तक 144,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है और 2.1 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हैं. अमेरिका में वायरस ने 671,000 से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और 33,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. दुनिया में सबसे अधिक मौतें अमेरिका में हुई है.
सभी टीचिंग, नॉन टीचिंग, कॉन्ट्रैक्ट या आउट सोर्स वाले स्टाफ की सैलरी समय से दें: मनीष सिसोदिया
दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों से मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए डिप्टी चीफ मिनिस्टर एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूलों के लिए सख्त नियम बनाए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में स्कूलों से स्पष्ट कहा है कि सभी प्राइवेट स्कूलों की ज़िम्मेदारी है कि सभी टीचिंग, नॉन टीचिंग, कॉन्ट्रैक्ट या आउट सोर्स वाले स्टाफ की सैलरी समय से दें. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये आदेश सभी प्राइवेट स्कूलों(सरकारी ज़मीनों अथवा प्राइवेट ज़मीनों वाले) पर लागू होंगे. सभीमनीष सिसोदिया ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आदेश दिए हैं कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूल बिना सरकार से पूछे फीस नहीं बढ़ाएंगे. इसके अलावा वो बच्चों से एक साथ तीन महीने की फीस नहीं लेंगे, केवल एक महीने की ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस नहीं लेंगे. फीस न देने पर किसी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से नहीं हटाएंगे.
त्रिपुरा देवी,कामाख्या मा और प्रांगज्योतिस्पुर का पौराणिक महत्व
भारत शक्ति पीठो का देश है। हर पीठ का अपना महत्व है । आज भी इन पीथो पर पूजा के लिए हजारों भक्त दूर दूर से आते है।आयिए जानते है इनका रूप,पौराणिक कथा एवम् भक्ति।
वर्तमान त्रिपुरा प्रदेश पुराणोक्त “त्रिपुर” का ही एक लघु भाग है। इसकी प्रथम विजय का श्रेय रुद्र को दिया जाता है। इस विजय के कारण ही वे “त्रिपुरारि” कहलाए। पौराणिक परम्परा है कि प्राकृतिक सीमाओं से ही सीमांकन हुआ करता है, अत: त्रिपुर की सीमाएँ भी प्राकृतिक थीं। यह पूर्व में वर्तमान मणिपुर व मिजोरम प्रदेशों तक, उत्तर में वर्तमान मेघालय प्रदेश की दक्षिणी सीमा तक, पश्चिम में ब्रह्मपुत्र नद (स्थानीय जमुना) तक और दक्षिण में समुद्र पर्यन्त विस्तृत था।
भारत के त्रिपुरा प्रदेश की सबसे रोचक बात यह है कि इसका उत्तर-दक्षिण विस्तार २५° से २२° उत्तर अक्षांशों के मध्य है जो उत्तरायणान्त रेखा (अथवा पृथ्वी के अक्ष की नति) के विचलन की अधिकतम व न्यूनतम सीमाएँ हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि त्रिपुर का उक्त नाम उन तीन पुरों के कारण पड़ा जो उत्तरायणान्त रेखा के विचलन की उत्तरी सीमा पर, मध्य में व दक्षिणी सीमा पर थे। वे तीन पुर थे –
१. उत्तरपुर (वर्तमान महेन्द्रगंज के निकट)
२. मध्यपुर (वर्तमान मुंशीगंज के निकट)
३. दक्षिणपुर (वर्तमान चिट्टगाँव)
उत्तरपुर गारो पर्वत के दक्षिण में था। मध्यपुर पद्मा नदी (गंगा व ब्रह्मपुत्र की संयुक्त धारा) व मेघना नदी के संगम पर था। सम्प्रति मध्यपुर व दक्षिणपुर बांग्लादेश में पड़ते हैं। तीनों पुर व्यापार व विद्या के केन्द्र थे।
त्रिपुर के उत्तर में “कामरूप” है। वर्तमान अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय पुराणोक्त कामरूप के उत्तरी, मध्य व दक्षिणी भाग हैं जिनमें मध्य भाग प्रधान था। वर्तमान नागालैण्ड प्रदेश कामरूप का पूर्वी सीमान्त भाग था।
त्रिपुर व कामरूप में विन्ध्य प्रदेश के अवन्ति की ही भाँति ज्योतिषीय केन्द्र थे। कामरूप का प्राग्ज्योतिषपुर ऐसा ही एक केन्द्र था। महाभारत युद्ध के समय यहाँ भगदत्त नामक राजा का शासन था। समस्त पूर्वी क्षेत्र के राजा भगदत्त को अपना नेता मानते थे अथवा भगदत्त के अधीन ही थे। महाभारत युद्ध के पूर्व युधिष्ठिर ने राजसूय यज्ञ किया था जिसकी पूर्ति हेतु अर्जुन, भीम, नकुल व सहदेव ने क्रमश: उत्तर, पूर्व, पश्चिम व दक्षिण दिशा में विजय-अभियान किया था। अर्जुन के प्राग्ज्योतिषपुर पहुँचने पर उनका भगदत्त के साथ भीषण युद्ध हुआ। भगदत्त की विशाल सेना में किरात, चीन व समुद्र तट के योद्धा सम्मिलित थे। ८ दिनों तक युद्ध होता रहा किन्तु भगदत्त अर्जुन को परास्त न सके। अन्त में भगदत्त ने सन्धि का प्रस्ताव किया और राजसूय यज्ञ के लिए कर देना स्वीकार कर लिया। महाभारत युद्ध में पाण्डव पक्ष में भगदत्त भी सम्मिलित थे।
स तानपि महेष्वासान् विजिग्ये भरतर्षभ ।
तैरेव सहित: सर्वै: प्राग्ज्योतिषमुपाद्रवत् ॥
तत्र राजा महानासीद् भगदत्तो विशाम्पते ।
तेनासीत् सुमहद् युद्धं पाण्डवस्य महात्मन: ॥
स किरातैश्च चीनैश्च वृत: प्राग्ज्योतिषोऽभवत् ।
अन्यैश्च बहुभिर्योधै: सागरानूपवासिभि: ॥
तत: स दिवसानष्टौ योधयित्वा धनञ्जयम् ।
प्रहसन्नब्रवीद्राजा संग्रामविगतक्लमम् ॥
(महाभारत, सभापर्व २६ - ७ से १०)
कामरूप में कामाख्या शक्तिपीठ है तथा त्रिपुर में त्रिपुरसुन्दरी नामक शक्तिपीठ है।
“चिन् पर्वत” त्रिपुर व कामरूप दोनों की पूर्वी प्राकृतिक सीमा बनाता था। हिमालय के पूर्वी शीर्ष से समुद्र (बंगाल की खाड़ी) पर्यन्त विस्तृत पर्वतशृङ्खला को “चिन्” अथवा “ची” कहा गया था। सम्प्रति यह पर्वतशृङ्खला “अराकानयोमा” कहलाती है। इसी पर्वतशृङ्खला के उत्तरी भाग में भारत के नागालैण्ड व मणिपुर प्रदेश हैं। मणिपुर के दक्षिण में स्थित पहड़ियाँ अब भी “चिन्” ही कहलाती हैं जो अब म्यान्मार की सीमा में पड़ती हैं। पहले ये पहाड़ियाँ त्रिपुर प्रदेश के अन्तर्गत थीं।
इन्द्रप्रस्थ (अन्य नाम ⇒ शक्रप्रस्थ, शक्रपुर, शकरपुरी, दिल्ली आदि) से चिन् (अराकान) पर्वत की ओर की दिशा “प्राची” तथा उसके विपरीत वाली दिशा “प्रतीची” कहलाई। इसी प्रकार हिमालय की ओर की दिशा “उदीची” कहलाई। चिन् पर्वत के पूर्व में स्थित भूभाग को सम्प्रति म्यान्मार कहा जाता है। महाराज पूरु के पुत्र जनमेजय (भारत युद्ध के पूर्ववर्ती) के पुत्र ने इसे जीता था। इस कारण उनका नाम “प्रचिन्वान्” पड़ गया था।
पूरो: पुत्रो महावीर्यो राजाऽऽसीज्जनमेजय: ।
प्रचिन्वांस्तु सुतस्तस्य य: प्राचीमजयद्दिशम् ॥
(हरिवंश पुराण, हरिवंश पर्व ३१-५)
आज भी कामाख्या का उंतना ही महत्व है ।उसके प्रसाद के लिए संत,महात्मा,तंत्र योगी,और साधक दूर दूर से जाते है। और घंटो मंत्रो का उच्चारण करते रहते है।
आज इस महामारी मै मा के आशीर्वाद की हम सबको जरूरत है।
गुमला में 500 किमी पैदल चलकर आए 11 मजदूर क्वारैंटाइन
जमशेदपुर. राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। संक्रमित जिलों में धनबाद भी शामिल हो गया। यहां कोरोना का पहला संक्रमित मरीज मिला। मरीज को कोविड-19 (सेंट्रल हॉस्पिटल, जगजीवन नगर) अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। राहत की बात यह है कि मरीज के परिजन में कोरोना का संक्रमण नहीं मिला है। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, गुमला में बॉर्डर सील होने के बावजूद पटना से 11 मजदूर 500 किमी पैदल चलकर गुमला पहुंचे। प्रशासन को जानकारी मिलते ही सभी मजदूरों को क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है।
मैं कोई जायरा वसीम नहीं जो धमकियां सुन घर बैठ जाउंगी: बबीता फोगाट
बबीता फोगाट ने कहा- पिछले कुछ दिन पहले मैंने ट्वीट किया था। इसके बाद से कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत-गलत मैसेज करने लगे, गालियां देने लगे और फोन करके धमकी देने लगे। उन लोगों को कह रही हूं कि कान खोलकर सुन लो। दिमाग में बैठा लो। मैं कोई जायरा वसीम नहीं हूं, जो तुम्हारी धमकियां सुनकर घर बैठ जाउंगी। मैं बबीता फोगाट हूं, देश के लिए लड़ी हूं और ऐसे ही लड़ती रहूंगी।
भाजपा नेता बबीता फोगाट ने जमातियों को जाहिल कहा
पानीपत. कोरोनावायरस की लड़ाई के बीच पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने जमातियों पर ट्वीट करके विवाद पैदा कर दिया है। ट्वीट के बाद बबीता फोगाट सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं। दरअसल, फोगाट ने जमातियों को जाहिल कहते हुए ट्वीट किया था। अब ट्रोल होने पर बबीता ने वीडियो जारी कर कहा- मैं अपने ट्वीट पर कायम हूं, जिन्हें सच सुनने में प्रॉब्लम हैं, वे सच सुनने की आदत डाल लें। दरअसल, हरियाणा में अब तक कुल संक्रमित का आंकड़ा 207 पहुंच गया। इसमें 121 ऐसे हैं जिनका जमात से कनेक्शन हैं।
पाकिस्तान इस दौर में भी आतंकी साजिशों से बाज नहीं आ रहा: आर्मी चीफ
आर्मी चीफ जनरल नरवणे के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौर में भी पाकिस्तान आतंकी साजिशों से बाज नहीं आ रहा। जनरल एमएम नरवणे ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया को कोरोना से निपटने के लिए दवाईयां निर्यात कर रहा है। लेकिन, पाकिस्तान अब भी आतंकवाद के एक्सपोर्ट में व्यस्त है। बता दें कि कुछ दिन पहले भारतीय सेना ने पीओके के दुंधियाल इलाके में आतंकियों के लॉन्च पैड्स तबाह कर दिए थे।
एक अप्रैल को केरन सेक्टर में कुछ आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने इस साजिश को नाकाम करते हुए पांच आतंकियों को मार गिराया था। बाकी पाकिस्तान की सीमा में वापस भाग गए थे।
बदले-बदले से कोरोना के लक्षण
कोरोना महामारी की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन और सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने इसके लक्षणों पर एडवाइजरी जारी की थी। जिसके मुताबिक, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में तेज दर्द, चेहरा या होंठ नीला पड़ना, संक्रमण का लक्षण था। लेकिन पिछले 4 महीने में जो मामने सामने आए उसमें कई और लक्षण सामने आए, इसे समझना बेहद जरूरी है। अब पेट में दर्द महसूस होना, गंध या स्वाद का पता न चलना, लगातार सिरदर्द महसूस, पैर में जामुनी रंग का घाव होने पर इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टरी सलाह लें।
रंग-रूप बदल रहा है कोरोना
चिकनपॉक्स में पैरों पर दिखने वाला जामुनी रंग का घाव भी कोरोना संक्रमण का एक लक्षण
नई दिल्ली. आमतौर पर चिकनपॉक्स में पैरों पर दिखने वाला जामुनी रंग का घाव भी कोरोना संक्रमण का एक लक्षण हो सकता है। यह दावा इटली और स्पेन के विशेषज्ञों ने किया है। इन दोनों देशों में ऐसे लोग भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिनके अंगूठे में गहरे घाव थे। ये लक्षण खासतौर पर बच्चों और किशोरों में देखे गए। दुनियाभर में जितनी तेजी से कोरोनावायरस के संक्रमण का दायरा बढ़ रहा है, उतना ही लक्षणों में भी बदलाव आ रहा है। दुनियाभर के देशों में हुई रिसर्च के मुताबिक, पिछले 4 महीने के अंदर कोरोना के 15 से ज्यादा नए लक्षण देखे गए हैं।
सबसे खास बात है कि ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है जिसमें कोरोना के वे आम लक्षण नहीं दिखाई देते जैसे बुखार, मांसपेशियों में अकड़न और सांस में तकलीफ। संक्रमण की शुरुआत में ही ऐसे बदलाव दिखाई दे रहे हैं जिसे लोग संक्रमण का इशारा नहीं समझ पा रहे जैसे गंध महसूस न कर पाना, सिरदर्द, बोलते-बोलते सुध-बुध खो देना, पेट में दर्द और दिमाग में खून के थक्के जमना।
27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला संक्रमण
कोरोनावायरस अब तक देश के 27 राज्यों में पैर पसार चुका है। वहीं, देश के 7 केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में भी यह संक्रमण पहुंच चुका है। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार, दादरा एवं नगर हवेली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी शामिल हैं।
अब तक 13 हजार 521 मामले: 24 घंटे में 1059 मरीज बढ़े
नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 13 हजार 521 हो गई है। गुरुवार को संक्रमण के 1 हजार 59 नए मामले सामने आए। देश में इस बीमारी के मरीजों का यह एक दिन में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 13 अप्रैल को सबसे ज्यादा 1 हजार 242 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। शुक्रवार को 82 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 38 मरीज राजस्थान में और 24 पश्चिम बंगाल में मिले हैं। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। वहीं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 13 हजार 387 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 11 हजार 201 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 हजार 748 ठीक हो चुके हैं।
कोरोना से मध्य प्रदेश में मरने वालों की संख्या 65 हुई
नई दिल्ली. देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 466 पर पहुंच गई। शुक्रवार को गुजरात में दो संक्रमित मरीजों की जान चली गई। अब तक राज्य में 38 लोग दम तोड़ चुके हैं। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, राजस्थान के जोधपुर और मध्य प्रदेश के इंदौर में भी 1-1 संक्रमितों की मौत हुई। मध्यप्रदेश में गुरुवार को भी 9 लोगों की जान जाने की खबर आई। इनमें 8 मौतें इंदौर में हुईं। वहीं, भोपाल में हमीदिया अस्पताल में 11 अप्रैल को मृत जहांगीराबाद निवासी यूनुस खान की गुरुवार को पॉजिटिव रिपोर्ट आई। इस तरह राज्य में अब तक 65 मौतें हो चुकी हैं। इंदौर में 48, भोपाल में छह, उज्जैन में छह, खरगोन में तीन, छिंदवाड़ा और देवास में एक-एक मरीज की जान गई।
नोएडा: लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 54 लोग गिरफ्तार
पुलिस आयुक्तकार्यालय ने बताया कि गुरुवार को लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं। 54 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि 541 वाहनों की जांच की गई। 204 वाहनों का चालान किया गया। 16 वाहन जब्त किए गए।
समझाने गए सिपाही को पीटा, दो एफआईआर दर्ज
दौर. न्यू गौरी नगर में विवाद के बाद पति ने पत्नी को पीट दिया। प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी ने पुलिस को कॉल कर दिया। समझाने पहुंचे सिपाही पर भी पति ने डंडे से हमला कर दिया। इस पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की है। हीरानगर पुलिस सिपाही कुणाल गुप्ता की रिपोर्ट पर न्यू गौरी नगर में रहने वाले रमेश सिंह कुश्वाह के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा व मारपीट का केस दर्ज किया है। वहीं, रमेश की पत्नी की रिपोर्ट पर दहेज प्रताडना की एक और एफआईआर दर्ज की है। रिंकी ने पुलिस को बताया कि उसका पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। वह उसे मानसिक और शारीरिक दोनों ही तरह से प्रताड़ित करता है। मंगलवार को भी वह उसे पीट रहा था। इस पर उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिपाही कुणाल वहां पहुंचा और रमेश को समझाने लगा। रमेश नहीं माना और उसने सिपाही को भी डंडे से पीटना शुरू कर दिया।
क्वारैंटाइन सेंटर की दीवार फांदकर भागे 8 कोरोना संदिग्ध
इंदौर. शहर में लगातार पैर पसार रहे कोरोना से निपटने में पुलिस और प्रशासन हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। लेकिन, अभी भी लोग इनके सामने परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में सामने आया। यहां के किंग्स पार्क मैरिज गार्डन, जिसे क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। वहां से बुधवार दोपहर को 8 संदिग्ध युवक भाग निकले। जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और 3 युवकों को तो रात में ही किशनपुरा पुल से पकड़ लिया, जबकि बाकी 5 की तलाश की जा रही है।
फर्जी दस्तावेजों पर वाहन फाइनेंस कराने वाले गैंग का खुलासा
बरामद वाहनों की कीमत करीब ढाई करोड़ रुपए आंकी गई
बाराबंकी. लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर वाहन फाइनेंस कराकर उसे लोगों को सस्ते दाम पर बेचने व फाइनेंस कंपनी को चपत लगाने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने 191 दोपहिया व चारपहिया वाहनों को बरामद किया है। हालांकि, गिरोह का सरगना अभी पुलिस से दूर है। इस गिरोह में बैंक और उनके सर्वेयर की भी मिलीभगत सामने आ रही है। पुलिस के राडार पर अब सर्वेयर या इससे जुड़े लोग भी आ गए हैं। इस बरामदगी को प्रदेश की अबतक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविन्द चतुर्वेदी ने बताया कि इस गिरोह का भंडाफोड़ शुरुआत में थाना मोहम्मदपुर खाला के इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने छह अप्रैल को 77 गाड़ियां बरामद कर किया था। इसके बाद जनपद के अन्य थानों को भी एलर्ट किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप एक बार फिर थाना मोहम्मदपुर खाला और थाना जैदपुर पुलिस ने 191 दो पहिया और 9 लग्जरी चार पहिया वाहनों को बरामद कर अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी को अन्जाम दिया है। इन गाड़ियों की कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा है।
यूपी में कोविड- 19 / 24 घंटे में 38 नए केस सामने आए
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैल रहा है। पूरे राज्य में संक्रमण के नए मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक राज्य में आज 38 नए मामले सामने आए हैं। प्रदेश के 49 जिलों में पहुंचे कोरोना संक्रमण फैलने के साथ ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 823 तक पहुंच गई है जिसमें 506 तब्लीगी जमाती शामिल हैं। वहीं जमातियों के सम्पर्क में आने से लखनऊ के सदर में मरीजों की संख्या 100 पार कर गई हैं। उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट बन गया हैं। गुरुवार को कोरोना वायरस की चपेट में आए आगरा में एक बुजुर्ग और मेरठ में दूसरे की मौत के बाद यूपी में मरने वालों का आंकड़ा 14 हो गई हैं। गुरुवार को एक गोंडा, 30 लखनऊ और 7 आगरा में कोरोना वायरस के 38 नए मामले आए हैं।
अमेरिका: 4 हफ्ते में 2.2 करोड़ लोगों ने नौकरी गंवाई
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 4 हफ्ते में करीब 2.2 करोड़ अमेरिकी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। लेबर डिपार्टमेंट ने गुरुवार को बताया कि और 52 लाख लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन दिया है। कोरोना संकट से पहले 1992 में 4 हफ्ते के दौरान करीब 27 लाख लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया था। इधऱ, जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अमेरिका में 24 घंटे में 2,600 लोगों ने दम तोड़ा है। यहां अब तक 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बीबीसी के मुताबिक, ट्रम्प ने व्हाइट में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा- डब्ल्यूएचओ का फंड रोके जाने की आलोचना की गई। दूसरे देशों ने संगठन का साथ दिया और उस पर भरोसा जाताया। किसी और देश ने कोई पाबंदी नहीं लगाई। सभी जानते हैं कि इटली, स्पेन और फ्रांस में क्या हुआ। संगठन से गलती हुई है और शायद इसे वे जानते हैं।
दुनिया के 53 देशों में 3 हजार से ज्यादा भारतीय कोरोना संक्रमित
कोरोनावायरस से दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे भारतीय भी प्रभावित हैं। जानकारी के मुताबिक, 53 देश में 3 हजार 336 भारतीय इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। कुवैत में इनकी संख्या सबसे ज्यादा 785 है। इसके अलावा सिंगापुर(634), कतर(420), ईरान(308), ओमान(297), यूएई(238), सऊदी अरब(186), बहरीन(135), इटली(91), मलेशिया(37), पुर्तगाल(36), घाना(29), अमेरिका(24), स्विटजरलैंड (15) और फ्रांस में 13 भारतीय इससे संक्रमित हैं।
चीन ने वुहान की लैब में पैदा किया था कोरोना: अमरीका
वॉशिंगटन. अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज ने गुरुवार को दावा किया कि चीन ने एक विशेष उद्देश्य से इस वायरस को वुहान की लैब में पैदा किया ताकि वह बता सके कि उसके वैज्ञानिक अमेरिकी वैज्ञानिकों से कहीं आगे हैं। चीन ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह कोरोना जैसे खतरनाक वायरस की अमेरिका की तरह या उससे ज्यादा अच्छे से पहचान कर सकता है और उससे पूरी ताकत के साथ निपट सकता है। यह उसका अब तक का सबसे महंगा और गुप्त कार्यक्रम था।
ब्रिटेन: लॉकडाउन की मियाद 3 हफ्ते और बढ़ी
ब्रिटेन में कोरोना पर काबू पाने के लिए सरकार ने लॉकडाउन की मियाद तीन हफ्ते और बढ़ा दी है। यहां 25 दिन पहले लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। इसमें से 21 दिन तो प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अस्पताल और आइसोलेशन में ही रहे। फिलहाल वे स्वस्थ हो रहे हैं। देश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई है। यहां 3 लाख 27 हजार 608 लोगों के कोरोना टेस्ट हुए। इसमें से 1 लाख 3 हजार से ज्यादा पॉजिटिव पाए गए हैं। यूके के अस्पतालों में अब तक 13 हजार 729 लोगों ने इस वायरस की वजह से दम तोड़ा है।
अमेरिका ने भारत को 45 करोड़ रुपए स्वास्थ्य सहायता के तौर पर दी
अमेरिका ने भारत को स्वास्थ्य सहायता के तौर पर 5.9 मिलियन डॉलर (करीब 45 करोड़ रुपए) दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को इसकी जानकारी। यह रकम प्रभावित लोगों की मदद, जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करने, लोगों को कोरोना से बचाव के संदेश देने और निगरानी बढ़ाने पर खर्च की जा सकेगी। अब तक अमेरिका ने भारत को 19,170 करोड़ (2.8 बिलियन डॉलर) की मदद की है, इसमें स्वास्थ्य सहायता के लिए 1.4 बिलियन डॉलर (9,585 करोड़ रुपए) दिए हैं।
अब तक 1 लाख 46 हजार मौतें
वॉशिंगटन. दुनियाभर में कोरोना संक्रमण से अब तक 1 लाख 46 हजार 870 मौतें हो चुकी हैं। पांच लाख 52 हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ्य भी हुए हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका है, जहां 6 लाख 78 हजार 144 पॉजिटिव केस मिले हैं और 34 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई हैं। यहां पर रोजगार भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है। पिछले चार हफ्ते में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसके लिए अप्लाई किया है।इस बीच चीन के वुहान शहर में मृतकों और संक्रमितों का नया आंकड़ा जारी किया गया है। इसके मुताबिक अब यहां पॉजिटिव केस की संख्या 325 से बढ़ाकर 50 हजार 333 हो गई है। वहीं मौतों की संख्या भी 1,290 से बढ़कर 3,869 हो गई है। वुहान नगरपालिका मुख्यालय ने इसकी जानकारी दी। इसमें डेटा में गड़बड़ी होने के चार कारणों को भी बताया गया है।
गुरुवार, 16 अप्रैल 2020
धार्मिक ग्रंथ पढ़ना क्यों है जरूरी?
पूरे विश्व मै कोरना ने अपने पैरो तले असख्य लोगो को मौत की नीद सुला दिया है। मेडिकल साइंस के देशों ने भी घुटने टेक दिए। बेबस आंख में आंसू लिए भारत की और देख रहे है ।जिंदगी भर ज्ञान से अव्वल आने वाले आज भारत की नकल करके जिंदगी का दिन पास कर रहे है। हमारे धार्मिक ग्रंथो मै अनादि काल से जीवन के हर पहलू,बीमारी हो या महामारी सबका इलाज और बचाव लिखा हुआ है।आज फिर से वक़्त उन महाग्रंथों को पढ़ने की गुहार लगा रहा है ।।हिंदू धर्म में हजारों सालों से संक्रमण से बचने के लिए कुछ सूत्र हमारे महाग्रंथों मै हमारे महान संतों ने लिखे है जो अब पूरी दुनिया अपना रही है-जैसे
महाभारत में लिखा है__
तथा न अन्यधृतं धार्यम्
(महाभारत अनु.104/86)
दुसरों के पहने कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
आज के इस कोरोना सम्राज्य मै यही तो कहा जा रहा है
इसी प्रकार
वाधूल स्मृति में भी बरसो पहले लिखा है हमारे आचार्यों ने
स्नानाचारविहीनस्य सर्वा:स्यु: निष्फला: क्रिया:(वाधूलस्मृति 69)
स्नान और शुद्ध आचार के बिना सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं, अतः: सभी कार्य स्नान करके शुद्ध होकर करने चाहिए।
आज बाहर निकलो या किसी के साथ स्पर्श हो जाए तो नहा लेे।
लवणं व्यञ्जनं चैव घृतं तैलं तथैव च। लेह्यं पेयं च विविधं हस्तदत्तं न भक्षयेत्।
(धर्मसिंधु 3 पू.आह्निक)
नमक, घी, तैल, कोई भी व्यंजन, चाटने योग्य एवं पेय पदार्थ यदि हाथ से परोसे गए हों तो न खायें, चम्मच आदि से परोसने पर ही ग्राह्य हैं।
आज के संदर्भ में यह भी शत प्रतिशत लागू होता है। नाही किसी के हाथ से खाने का कुछ ले। नाही किसी को दे।
न अप्रक्षालितं पूर्वधृतं वसनं बिभृयात्।
(विष्णुस्मृति 64)
पहने हुए वस्त्र को बिना धोए पुनः न पहनें। पहना हुआ वस्त्र धोकर ही पुनः पहनें।
विष्णु स्मृति मै बहुत पहले लिखा जा चुका है सामान्य जीवन जीने के लिए ।जो आज महामारी मै अत्यंत आवश्यक है।
चिताधूमसेवने सर्वे वर्णा: स्नानम् आचरेयु:। वमने श्मश्रुकर्मणि कृते च
(विष्णुस्मृति 22)
श्मशान में जाने पर, वमन होने/करने पर, हजामत बनवाने पर स्नान करके शुद्ध होना चाहिए।
विष्णु स्मृति मै सामान्य जीवन के यह रोजमर्रा के नियम था। आज कोरोना से बचने के लिए कहा जा रहा है। यानि जहा चार लोग जमा हो स्पर्श हो वापस आकर नहा ले । ताकि स्पर्श का कोई भी कीटाणु समाप्त हो जाए।
हस्तपादे मुखे चैव पञ्चार्द्रो भोजनं चरेत्।(पद्मपुराण सृष्टि 51/88)
नाप्रक्षालित पाणिपादौ भुञ्जीत।(सु.चि.24/98)
हाथ, पैर और मुंह धोकर भोजन करना चाहिए।
पद्म पुराण मै सात्विकता और स्वछता की दृष्टि से लिखा कहा गया। लेकिन आज जीवन बचाने के लिए यह करना बहुत आवश्यक है।
अपमृज्यान्न च स्नातो गात्राण्यम्बरपाणिभि:।
(मार्कण्डेय पुराण 34/52)
स्नान करने के बाद अपने हाथों से या स्नान के समय पहने भीगे कपड़ों से शरीर को नहीं पोंछना चाहिए, अर्थात् किसी सूखे कपड़े (तौलिए) से ही पोंछना चाहिए।
न वार्यञ्जलिना पिबेत्।( मनुस्मृति 4/63)
नाञ्जलिपुटेनाप: पिबेत्।(सु.चि.24/98)
अंजलि से जल नहीं पीना चाहिए, किसी पात्र(गिलास) से जल पीयें।
न धारयेत् परस्यैवं स्नानवस्त्रं कदाचन।
(पद्मपुराण सृष्टि 51/86)
दुसरों के स्नान के वस्त्र (तौलिए इत्यादि) प्रयोग में न लें।
इन पुराने महाग्रंथों के लिखे श्लोक आज जीवन को बचाने की मूल दवाई सामान है ।
भारत की आबादी करोड़ों की है। हजारों लोग एक छोटी सी झोपडी मै 6/6 लोग भी रहते है।यदि बंद का ऐलान प्रधानमंत्री ना करते तो आज यहां भी लाशों के ढेर लग जाते । पर आज पूरे भारत मै "अंदर रहो जीवन बचाओ" का नारा गूंज रहा है। यदि लोग इस लॉकडॉउन मै अपने धार्मिक ग्रंथो को भी पढ़े तो आगे आने वाली जिंदगी किसी भी कोरोना के आगे बेबस नहीं होगी।
आधुनिक अस्पताल और मेडिकल साइंस धराशाई हो चुके हैं और समस्त विश्व हजारों साल पहले धार्मिक ग्रंथो मै लिखे बचाव के उपाय अपना रहा है।