दादरी : दादरी की पुरानी तहसील परिसर के गोदाम में बुधवार को अचानक आग लग गई। तहसील परिसर में ऊंची लपटें देख कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। तहसील के कर्मचारियों व अधिवक्ताओं ने मिट्टी व पानी डाल कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उल्लेखनीय है कि करीब दो वर्ष पहले दादरी तहसील परिसर में नई इमारत बनने के बाद पुरानी इमारत खाली पड़ी है। पुरानी इमारत के कुछ कमरों में टूटी कुर्सियां व अन्य कबाड़ भरा है। बुधवार दोपहर अचानक कबाड़ में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख नए परिसर में मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। कोई अनहोनी घटना न हो, नई इमारत के पास पार्किंग में खड़े वाहनों के चालक उनकी और दौड़े। तहसील कर्मचारियों, अधिवक्ताओं व तहसील में मौजूद लोगों ने मिट्टी व पानी डालकर आग पर काबू पाया। दादरी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता चाणक्य भाटी ने बताया कि पुरानी इमारत जर्जर हो चुकी है। सार्वजनिक निर्माण विभाग इसे खंडहर घोषित कर इसे गिराने की संस्तुति कर चुका है। बार एसोसिएशन भी कई बार इस इमारत को गिराकर पार्किंग बनाने की मांग कर चुकी है। विभाग को इस जर्जर इमारत को गिराना चाहिए, अन्यथा किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
गुरुवार, 24 सितंबर 2020
फार्मा की रिसर्च कंपनी में भीषण आग
नोएडा : फार्मा से जुड़ी एक रिसर्च कंपनी की सेक्टर 59 स्थित बिल्डिग में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। सूचना पर दमकल की 17 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब तीन घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौतमबुद्ध नगर (सीएफओ) अरुण कुमार सिंह ने बताया सेक्टर 59 के सी ब्लाक में फार्मा रिसर्च से जुड़ी जुबिलेंट लाइफ साइंसेज नाम से कंपनी है। बेसमेंट के अलावा तीन तल की बिल्डिग है। बुधवार शाम करीब पौने छह बजे बिल्डिग के प्रथम तल पर आग लग गई। इस दौरान बिल्डिग के अंदर करीब 100 लोग मौजूद थे, हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सीएफओ के अनुसार पांच बजकर 51 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली। थोड़ी देर में फायर स्टेशन सेक्टर 58 से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन भयानक आग देख कर आस-पास के सभी फायर स्टेशनों से दमकल की कुल 17 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। बिल्डिग के चारों तरफ से पानी की बौछार फेंकना शुरू किया। सीएफओ ने कहा कि करीब तीन घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। उन्होंने बताया कि केमिकल में आग लगी थी, जिस कारण इसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अभी आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को लेकर बैठक
भारतीय जनता पार्टी नोएडा महानगर की बुधवार को सेक्टर-35 स्थित कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाए जाने के संबंध में आठों मंडलों को जानकारी दी गई। महानगर के सभी संगठन 114 सेक्टर व सभी 604 बूथों पर पंडित दीनदयाल की जयंती मनाएंगे। मनोज गुप्ता ने सभी सेक्टर प्रभारी व संयोजक को पंडित दीनदयाल व श्यामा प्रसाद मुखर्जी की फोटो हर बूथ के लिए दी। इस दौरान जिला महामंत्री चंदगी राम यादव, उमेश त्यागी, कोषाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी विनोद शर्मा, नरेश शर्मा, गिरीश कोटनाला, जिला मंत्री मंडल अध्यक्ष बबलू यादव, गोपाल गौड़, गीता चोपड़ा, पवन शर्मा, प्रबल प्रताप, एमसी भारद्वाज, भूपेश चौधरी, भूपेंद्र सैनी, मनोज चौहान, जिला मंत्री जितेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
शादी समारोह में अधिकतम 100 लोगों को बुलाने की
नोएडा। अनलॉक-4 में शादी समारोह में अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति के बाद सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में शादी के लिए आवेदकों की संख्या बढ़ गई हैं। शादी की अनुमति के लिए लोग कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं। कोरोना महामारी ने शादी धूमधाम से करने की हसरत पर पानी फेरा है। बिना घोड़ी और बैंड-बाजा वाली शादी को ही संपन्न कराने की अनुमति मिल रही है। 20 सितंबर तक शादी-समारोह में दोनों पक्ष से केवल 30 लोगों को शामिल करने की अनुमति थी, लेकिन 21 सितंबर से नियमों में संशोधन कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट उमा शंकर ने बताया कि अब शादी समारोह में 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति है। जिससे पहले के मुकाबले ज्यादा लोग शादी के आयोजन के लिए आवेदन कर रहे हैं। अधिकतर लोगों ने घर के अंदर ही शादी करने की अनुमति मांगी है। सभी को सशर्त अनुमति दी जा रही है। यदि कोई शर्त का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनुमति लेने वाले लोगों से इस बात का शपथ-पत्र लिया जा रहा है कि बैंड-बाजा और घोड़ी को शादी में शामिल नहीं किया जाएगा। समारोह में मौजूद लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करने का साथ मास्क लगाना होगा।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर में दो पक्षों में खूनी संघर्ष
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के ऊंची दनकौर इलाके में बृहस्पतिवार को दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। दोनों पक्षो में जमकर लाठी डंडे चले। मारपीट में छह से अधिक लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि एक ही परिवार के दो पक्षो में किसी बात पर विवाद हो गया। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मारपीट की वजह अभी तक सामने नही आ पायी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया जा रहा है।
फेडरेशन की कार्यकारणी भंग की
नोएडा। फेडरेशन ऑफ़ नोएडा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तरुण भरद्वाज ने फेडरेशन की कार्यकारणी को भंग कर दिया है। अध्यक्ष तरुण भरद्वाज के अनुसार मौजूदा कार्यकारणी को काम करते हुए दो साल हो गए थे व् दूसरे सदस्यों को भी मौका दिया जाना चाहिए।
टक्कर से कंपनीकर्मी युवती की मौत
नोएडा। फेस दो में ट्रक की टक्कर से एक कंपनीकर्मी युवती की मौत हो गई। कोतवाली फेज दो प्रभारी अनिता चौहान ने बताया कि मूलरूप से फर्रुखाबाद निवासी आरजू राठौर (18) ककराला गांव में रहती थीं। वह फेस दो के बी ब्लाक स्थित फैक्ट्री में कार्यरत थीं। मंगलवार शाम के समय वह ड्यूटी से पैदल ही घर लौट रही थीं। पीछे से एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में युवती की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ट्रक मौके से पकड़ा गया जबकि चालक फरार है। चालक को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
पांचवी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या
नोएडा। सेक्टर 45 स्थित एक सोसायटी में बुजुर्ग ने पांचवी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे की है। सूचना पर कोतवाली सेक्टर 39 पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी आजाद तोमर ने बताया कि सेक्टर 45 आम्रपाली सफायर सोसायटी में बीपीसीएल से सेवानिवृत्त अतुल कुमार (64) बेटे साथ रहते थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्होंने अचानक बिल्डिग के पांचवें तल से छलांग लगा ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मौके से मिले सुसाइड नोट में बीमारी से परेशान होने की बात का पता लगा है। मामले की जांच की जा रही है।
कृषि विधेयक के विरोध में जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका
केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में तीन नए अध्यादेश पास कर नया कानून बनाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भानु) के सदस्य बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरे सैकड़ों किसानों को नोएडा प्रवेश द्वार के पास दिल्ली पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान काफी देर तक पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की हुई। किसानों ने बैरिकेडिग तोड़ने का भी प्रयास किया। काफी देर चली जद्दोजहद के बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए, जिससे नोएडा-दिल्ली मार्ग पर काफी लंबा जाम लग गया। आखिर में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के समझाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर धरना खत्म कर दिया।
बुधवार, 23 सितंबर 2020
बुजुर्गों का सम्मान!
बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन बदलते समय के साथ इसमें गिरावट आ चली है। विश्व स्तर पर वृद्धों की स्थिति का आकलन करने वाले आंकड़ों के आधार पर भारत में वृद्धों की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
परिवार एवं समाज में उनकी अपेक्षा एवं तिरस्कार की घटनाएं बढ़ती जा रही है। बढ़ते वृद्धाश्रम की संख्या इस कटु सत्य की ओर संकेत करती है। इसमें सुधार की अत्यंत आवश्यकता है।
हमें नहीं भूलना चाहिए कि बुजुर्ग अनुभव से पक्की श्रद्धा सम्मान के पात्र परिवार के बहुमूल्य सदस्य एवं किसी भी समाज के लिए अमूल्य होते हैं। इनकी देखरेख हमारा पावन कर्तव्य है और संयुक्त परिवार विखंडित हो रहे हैं। परिवार का ताना-बाना भी बिखर रहा है।
एकल परिवारों का चलन जोरों पर है। बच्चों का विकास अवरुद्ध सा दिखता है। ऐसे में परिवार में बुजुर्गों के महत्व को समझने की जरूरत है। बुढ़ापे में इंद्रियां शिथिल हो जाती हैं शरीर पूरी क्षमता के साथ काम करने में सक्षम नहीं होता है। यह हर इंसान के लिए सत्य है कि सबको एक दिन बुढ़ापे की इस अवस्था से गुजर ना ही होता है। अतः हमारा कर्तव्य बनता है कि अवश्य प्रक्रिया का सम्मान करें और बुजुर्गों को इसका सामना करने में आवश्यक सहयोग देने की पूरी व्यवस्था करें। साथ ही हर युवा को भी समय रहते वृद्धावस्था के लिए पूर्व से दूरदर्शिता भरी तैयार करने की आवश्यकता है, जिससे कि वे समय आने पर अपनी गरिमामई उपस्थिति के साथ परिवार समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
दादा-दादी और नाना-नानी की भूमिका में वे इस आधार पर अपना विलक्षण योगदान दे सकते हैं। आज की भागमभाग वाली जिंदगी में नौकरी पेशा माता पिता के पास बच्चों के लिए अधिक समय नहीं होता। ऐसे में बच्चों के विकास के लिए घर में बैठे बुजुर्ग की गोद एक भूमिका होती है जिसमें बचपन बखूबी पनप सकता है। बुजुर्ग अनुभवों से परिपक्व चलते-फिरते पुस्तकालय होते हैं। बुजुर्गों के जीवन भर के अनुभवों से पक्की कहानियां रोचक संस्मरण ज्ञानवर्धक बातें एक अमूल्य है। जिनकी छाया में एक शानदार एवं यादगार बचपन पनप सकता है। ऐसा बचपन सौभाग्यशाली है, जिसे बुजुर्गों का समर्थ संबल मिलता है। ऐसे व्यक्ति निश्चित रूप से जीवन प्रति गहरी भावनात्मक संतुष्टि एवं दृढ़ता लिए होंगे और जीवन की चुनौतियों का बखूबी सामना करने की स्थिति में भी होंगे।
ऐसे में बुजुर्गों का कर्तव्य बनता है कि वे जीवन के अनुभवों से नई पीढ़ी को यथासंभव लाभ दें। बच्चों के साथ बिताने के लिए गुणवत्तापूर्ण समय निकालें। बच्चों की शिक्षा से लेकर उनको संस्कार संपन्न बनाने में अपना आवश्यक योगदान दें। ऐसा करने में उन्हें गहरी संतुष्टि बाद शांति मिलेगी और साथ ही जीवन की आपाधापी में खोए व्यस्त माता-पिता के लिए भी एक बड़ा संभल साबित होंगे। परिवार व समाज के लिए उपयोगिता के आधार पर जो सम्मान एवं गौरव का भाग मिलता है। उसके वे सहज रूप से अधिकारी बनेंगे आज यह वैज्ञानिकों द्वारा सिद्ध तथ्य है कि 8 वर्ष की आयु तक बच्चों का 80% बौद्धिक विकास हो जाता है। अतः जीवन के इन प्रारंभिक वर्षों में बुजुर्ग बच्चों की भावी जीवन की सशक्त नीम रखने में अपना उल्लेखनीय योगदान दे सकते हैं। घर में पढ़ाई लिखाई के साथ बच्चों के साथ बुजुर्ग बाहर घूमने का समय निकाल सकते हैं और उनकी बाल सुलभ जिज्ञासाओं का समुचित समाधान करते हुए उनके ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं।
इस तरह परिवार में बुजुर्ग अपनी मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए जीवन की ढलती शाम को संतोष पूर्ण ढंग से बिता सकते हैं और नई पीढ़ी के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण दे सकते हैं ही समय के थपेड़ों के बीच टूटते बिखरते परिवारों को प्रेम से जोड़े रखने का कार्य भी वे सहज ही संपन्न कर सकते हैं।
हजरत अबू बकर
हजरत अबू बकर का विश्वास था कि निर्धन से निर्धन नागरिक को जीवन यापन के लिए जितनी सुविधाएं उपलब्ध हैं, उससे अधिक सुविधाएं लेने का अधिकार राज्य के किसी कर्मचारी को नहीं होना चाहिए। इसलिए राज्य के कोषालय से अपने खर्च के लिए वे केवल 2 दिरहम लेते हैं।
हजरत की इस जानबूझकर निर्धनता से उनकी पत्नी तंग आ गई थी। उसे बिल्कुल पसंद ना था कि जिस व्यक्ति का पूरे राज्य में सम्मान हो उसकी पत्नी गरीबी और परेशानी से जीवन यापन करें। 1 दिन परेशान होकर उसने हजरत अबू बकर से कहा यह भी कोई व्यवस्था है कि जब देखो तब सूखी रोटियां। ऐसा प्रयत्न कीजिए कि किसी दिन कुछ मिठाइयों की भी व्यवस्था हो सके ताकि भोजन कुछ तो अच्छा लगे।
हजरत अबू बकर ने उत्तर दिया खाना बनाने का काम तुम्हारे जिममें है, रोज-रोज थोड़ा बता कर मिठाई की व्यवस्था की जा सकती है। उनकी पत्नी ने सुझाव पर विचार किया और अपने दैनिक भोजन में से कुछ बचत आरंभ कर दी अबू बकर ने मिठाई के विषय में पूछा तो पत्नी ने गर्भ पूर्वक बचत की बात बताइ। सुनकर अबू बकर प्रसन्न हुए उन्होंने सोचा कि यह दिन परमपिता परमात्मा की दैनं है। ऐसा सोचते हुए भी बोले जनता रुखा सुखा खाकर जिस जिस प्रकार अपना पेट पालती है। तब फिर सोचो कि हमें मिष्ठान जैसे स्वादिष्ट भोजन का अधिकार कहां है हमें। 2 दिरहम की जगह 1:30 दिरहम में ही काम चला लेना चाहिए। ऐसा कहकर उन्होंने गुजारे के लिए 1:30 दिरहम लेने शुरू कर दिए। उनके इस व्यवहार ने पत्नी को भी नतमस्तक कर दिया।
बेपरवाह
दिखे हम बेपरवाह सजाए पलकों पर आंसु रुके हुए थके हुए वीरान कोने में बैठे हैं।
पास बहुत कुछ है बयां करने को आज बस अल्फाज नहीं है।
हुई क्या नाराज जिंदगी जो ख्वाब बनकर रह गई,
मंजिले अपनी किया था वादा वक्त से साथ चलने का,
मगर वही वक्त आज छोड़ चला है।
शीशा कर लेता है प्रेम पत्थर से,
बहुत पर उसी पत्थर से चोट भी खाता है,
उस पाषाण को फर्क पड़ता नहीं मगर शीशा तो टूट जाता है।
शीशे जैसे ही हैं अरमान ढूंढते हैं दोस्तों को पर हर कोई पत्थर लिए नजर आता है,
दिखे हम बेपरवाह कितनी भी मगर पाषाण सा कठोर भी नीर से टूट जाता है।
तूफान चाहे ताउम्र हो या घड़ी भर का घरौंदा तो आखिर बिखर ही जाता है
स्वाभिमानी मुस्कान हूं
मैं त्याग की देवी नहीं। मैं स्वाभिमानी मुस्कान हूं। मैं संस्कृति का पिटारा खोलकर आदर्श यह बतलाना न सीता गांधारी के उदाहरणों से अब दुर्बल हमें बनाना न क्यों बांधे आंखों पर पट्टी खुली आंख सही पथ न दिखा दूं। क्यों दूं अग्नि परीक्षा न परीक्षकों को ही अब दें पाऊं। जीवनदान धर्म की आड़ में किया नारी को निर्बल इतनी क्यों हैरान हूं। मैं दे सको तो मान दो की साहस भरी इंसान हूं। मैं जीने को मिला अपना जीवन खुशियों के संग में वीर ही उर्मिला बनू किस लिए रहूं। अन ब्याही प्रेयसी राधा सी क्यों जहर पी मीरा सी बन प्रेम की दीवानी खुद को अबला नारी बतलाऊं। क्यों बुद्धि विवेक से रखती संयम शक्ति की अद्भुत पहचान हूं मैं दे सको तो मान दो की साहस भरी इंसान हूं मैं मुझ में वैसा ही साहस जो बुंदेलों की लक्ष्मीबाई में कूट भरा चमक है। मेरे हाथों में रजिया की तलवारों से बुद्धि मैं गार्गी सा ज्ञान खरा कमजोर समझने की भूल ना करना ना करने की अब हिम्मत भी करना दे सको तो बस मान ही दो साहस भरी इंसान हूं मैं।
महिला से चेन लूटी
नोएडा। सेक्टर 116 के पास बाइक सवार बदमाश ने एक महिला से सोने की चेन लूट ली। सोनवीर सिंह सेक्टर 116 मैं परिवार के साथ रहते हैं। 18 सितंबर शाम करीब 6:00 बजे उसकी भाभी अंजलि सेक्टर 77 की ओर जाने वाले रोड पर घूमने जा रही थी तभी बाइक सवार बदमाश उनसे चैन लूट ले गए। पिछले कुछ समय से नोएडा में चोरी, छिनौती आदि की घटनाओ में काफी इजाफा हुआ है लेकिन उस हिसाब से पुलिस की पेट्रोलिंग नहीं बढ़ी।
अवैध असले के साथ तीन गिरफ्तार
नोएडा। कोतवाली पेज दो पुलिस ने जांच के दौरान सेक्टर 83 मेट्रो स्टेशन के पास से तीन युवकों को असल है के साथ गिरफ्तार किया है आरोपितों की पहचान मोनू सिंह निवासी औरैया शिवम व प्रबल निवासी छतरपुर मध्य प्रदेश के रूप में हुई तीनों यहां याकूबपुर गांव में रहते हैं।
एससी/एसटी उद्यमियों के लिए बनेगी अलग नीति
लखनऊ। उद्यमियों की सहूलियत के लगातार नियम नीतियां बना रही। सरकार अब अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए अलग से नीति बनाने जा रही है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के ऊपर सचिव डॉ नवनीत सहगल ने इसके लिए कमेटी गठित कर अन्य प्रदेशों की नीतियों का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रवि कुमार के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केसर बाग स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन के अप्पर मुख्य सचिव से मुलाकात की चर्चा के बाद डॉक्टर सहगल ने कहा कि प्रदेश में दलित समाज के लोगों को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए एक्सक्लूसिव पॉलिसी लाई जाएगी। इसके लिए डिक्की के यूपी चैप्टर अध्यक्ष कुंवर शशांक आयुक्त उद्योग और संयुक्त आयुक्त एम एस एम ई की तीन सदस्यीय संयुक्त कमेटी गठित की गई है।
2018 -20 के दौरान बंदूकों के 22804 लाइसेंस जारी
नई दिल्ली। 2018 -20 के दौरान देशभर में इस्तेमाल की इजाजत के साथ बंदूकों के 22804 नए लाइसेंस जारी किए गए। इनमें सबसे ज्यादा 17905 लाइसेंस जम्मू कश्मीर के निवासियों को जारी किए गए हैं। दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश है, जहां 952 नए लाइसेंस जारी किए गए मध्यप्रदेश में 666 हिमाचल प्रदेश में 623 और पंजाब में 314 लोगों को बंदूकों के नए लाइसेंस जारी किए गए। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2018 से 15 सितंबर 2020 तक 94400 लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ। इनमें उत्तर प्रदेश मैं 19 238 हथियारों के लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ। इसके बाद जम्मू व कश्मीर 14 172 तथा हरियाणा 12230 का नंबर रहा।
ताइवान ने चेताया उकसाने की कोशिश ना करें चीन
चीन की धमकियों के आगे ताइवान झुकने को तैयार नहीं। ताइवान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सेना के पास आत्मरक्षा और जवाबी हमला करने का अधिकार है। ऐसे में चीनी सेना उसे उकसाने की कोशिश ना करें।
पिछले हफ्ते चीनी लड़ाकू विमानों ने कई बार ताइवान की खाड़ी में मध्य रेखा को पार किया, जिसे काफी संवेदनशील माना जाता है। दोनों देशों के लड़ाकू विमान आमतौर पर इस रेखा को पार नहीं करते। हालांकि इसे लेकर आपस में कोई संधि नहीं है तब ताइवान में चीनी विमानों को खदेड़ दिया था। ताइवान का ताजा बयान इसी चीनी खतरे के संदर्भ में आया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल दुश्मनों के युद्ध पोतों और लड़ाकू विमानों की ओर से हमारे लिए गंभीर खतरा पैदा किया गया। ताइवान टकराव नहीं चाहता, लेकिन आत्मरक्षा और जवाबी हमले का अधिकार रखता है। ताइवान ना किसी को उकसा ता है ना किसी से डरता है।
मंगलवार, 22 सितंबर 2020
उल्टी-सीधी नोटिंग कर अधिकारियों को गुमराह करते कर्मचारी
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों का खेल निराला है, कर्मचारी जानते हैं अधिकारी (आईएएस/ पीसीएस) कुछ समय के लिए प्राधिकरण में आते हैं और उन्हें नियम और नीतियों का ज्ञान नहीं होता है, इसलिए कर्मचारी अपनी मनमर्जी की फाइल बनाते हैं और अधिकारियों को गुमराह कर हस्ताक्षर भी करवा लेते हैं।
ऐसा ही कुछ आवासीय विभाग में भी होता है। प्राधिकरण तथा कोर्ट के आदेश से प्राधिकरण की नीति के अनुसार जब तक किसी सेक्टर में बिजली /पानी/ सीवर/ सड़कों की सुविधा नहीं होती तब तक आवंटी को भवन निर्माण के लिए समयअवधि नि:शुल्क दी जाती है, ऐसा नियम भी है। लेकिन कार्यालय के बाबू पैसे खाने के चक्कर में नियमों को ना मानकर भवन निर्माण के लिए सा शुल्क की फाइल चला देते हैं और उच्च अधिकारियों को गुमराह कर उनके गलत नोटिंग पर हस्ताक्षर ले लेते हैं। एक बार हस्ताक्षर के बाद दोबारा फाइल खोलने की परंपरा नहीं है और फाइल खुलेगी भी तो मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के आदेश के बाद।
अनपढ़ अधिकारी क्योंकि इनपर निर्भर होते हैं और पैसे का लेनदेन इन्हीं के मार्फत होता है तो बिना नियमों की जानकारी लिए फाइल कर बंद कर देते हैं। ऐसे कई केस हैं जिनपर पूर्व ओएस (आवासीय) ने गलत नोटिंग कर फाइल खराब कर दी। अब अन्य अधिकारी भी ऐसी फाइलों को छेड़ने से घबराते हैं। वैसे भी रिटायर होने के बाद भी ये साहब कई महीनों तक प्राधिकरण के कार्यालय में चक्कर लगाए पाए जाते हैं जैसे उनके बिना प्राधिकरण का काम अधूरा रह जाएगा या बंद हो जाएगा। अन्य कर्मचारियों का भी कहना था कि इन की आत्मा अभी भी प्राधिकरण में ही भटकती मिल जाएगी मिल जाएगी।
सोमवार, 21 सितंबर 2020
शनिवार, 19 सितंबर 2020
शुक्रवार, 18 सितंबर 2020
गौतम अवाना के नेतृत्व में पकोड़े तलकर विरोध जताया
नोएडा। नोएडा जिला कांग्रेस (किसान) ने गौतम अवाना के नेतृत्व गेझा गांव में नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर बेरोजगारी दिवस के रूप में काली पट्टी बाँध कर पकोड़े तल कर विरोद जताया। उन्होंने कहा की भाजपा की गलत नीतिओ के कारण आज युवा बेरोजगार होकर गरीबी का दंश झेल रहे है।
अब मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन
मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा समुदाय एक बार फिर आक्रमक हो गया है। पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में मराठा आरक्षण की चिंगारी भड़क उठी है। पुणे, कोल्हापुर आदि जिलों में मराठा समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे। कहीं मंत्रियों का घेराव किया गया तो कई मंत्रियों का रास्ता रोका गया। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थाओं में मराठा आरक्षण पर अंतरिम रोक लगाई है इसके बाद सही मराठा समुदाय तेवर दिखाने लगा।
रिश्ता
मैंने मां बनने के बाद जाना कि यह एहसास क्या होता है। अपने ही फूल पर जब शबनम मोती बनके चमके तो निखार क्या होता है। अपने ही शाख का पत्ता मुरझाने लगे तो दर्द का आभास क्या होता है। दिल का धड़कन से रिश्ता क्या होता है। मासूम आंखों में बसी है दुनिया उनकी खुशियों से हमारा बंधन क्या होता है? उनकी ख्वाहिशों और उम्मीदों की उड़ान से भरा हमारा एक और आसमान क्या होता है ?सागर का लहरों से और लहरों का सागर से रिश्ता क्या होता है? अपने हाथों की लकीरों में जुड़ जाती है कितनी लकीरें आंखों का उनके सपनों से रिश्ता फिर क्या होता है? बादल का आसमान से और सूरत का किरणों से रिश्ता क्या होता है? मां व औलाद के रिश्ते के किस्से पढ़ा करते थे। किताबों कहानियों मैं जिंदगी के पड़ा वो में अनुभवों के खजाने जुड़े तो जाना इस रिश्ते का रंग इतना गहरा क्यों होता है।
गुरुवार, 17 सितंबर 2020
सम्मान
महाभारत एक दूसरे को सम्मान ना दे पाने की ही भीषण प्रतिक्रिया के रूप में हुआ था। बचपन में दुर्योधन राज मध्य मैं पांडवों को सम्मान ना दे सका। भीम सहज प्रतिक्रिया के रूप में अपने बाल का उपयोग करके दुर्योधन को अपमानित तिरस्कार करने लगे। द्रोपती सहज परिहास में भूल गई कि दुर्योधन को अंधे के बेटे अंधे संबोधन से अपमान का अनुभव हो सकता है। दुर्योधन द्वेष वेस नारी के महत्व भूल गया तथा द्रोपती को भारी सभा में अपमानित करने पर उतारू हो गया। यही सब कारण जुड़ते गए तथा छोटी -छोटी शिष्टाचार की त्रुटियों की चिंगारियां भीषण ज्वाला बन गई। यदि परस्पर सम्मान का ध्यान रखा जा सका होता तो असिस्ट पर अंकुश रखा जा सका होता, तो स्नेह बनाए रखने मैं कोई कठिनाई ना होती। भीष्म पितामह और वासुदेव जैसे युग पुरुषों के प्रभाव का लाभ मिल जाता तथा एक महा समर टल जाता।
युग परिवर्तन
युग परिवर्तन कार्यक्रम का आधार ही यह संगठन होगा। व्यापक अनैतिकता का अंत सत्य पुरुषों कि संगठन शक्ति के बिना और किसी उपाय से संभव नहीं। जितना यह संगठन व्यापक और प्रबल होता जाएगा, उसी अनुपात से अपने कार्यक्रम बनते चलेंगे और एक-एक कदम उठते हुए उस लक्ष्य की पूर्णता तक पहुंच सकेंगे। जिसके ऊपर समस्त विश्व की समस्त मानव जगत की सुख शांति निर्भर है।
बुधवार, 16 सितंबर 2020
शनिवार, 12 सितंबर 2020
16 सो रुपए कोरोना टेस्ट के लिए निर्धारित, लेकिन कैलाश हॉस्पिटल में चार्ज अभी भी 25 सो
नोएडा। प्रदेश समेत शहर की निजी पैथोलॉजी लैब में अब कोरोना वायरस की जांच और सस्ती दरों पर हो सकेगी निजी लैब में जांच के लिए अब तक 25 सो रुपए शुल्क निर्धारित था लेकिन गुरुवार को शासन की ओर से इस शुल्क को घटाकर 1600 रुपए कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश का यह निर्देश प्रदेश भर के सभी हॉस्पिटल्स पर लागू है सिवाय नोएडा स्थित कैलाश हॉस्पिटल के, जहा अभी भी कोरोना टेस्ट के लिए 2500 रूपए लिए जा रहे है। गौर तलब है कि उक्त हॉस्पिटल भाजपा के संसद डॉ महेश शर्मा का है।
इस सम्बन्ध में नोएडा दर्पण को शुक्रवार को कराये कोरोना टेस्ट की रशीद मिली जिसमे इस हॉस्पिटल ने कोरोना टेस्ट के लिए बकायदा 2500 रुपए चार्ज किये हुए है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को ही 1600 रुपए में टेस्ट करने का निर्देश दिया था। ऐसे में खुद भाजपा के सांसद द्वारा भाजपा की ही सरकार के निर्देश की अवेहलना करना !
एक तरफ तो प्रदेश में भाजपा की सरकार आम लोगो को यह दिखाना चाहती है कि उन्हें लोगो की कितने परवाह है दूसरी ओर उनकी की पार्टी के नेता जनता को लूटने में लगे है।
सिक्योरिटी एजेंसी और गार्डों का होगा सत्यापन
नोएडा। जिले की सोसाइटीओ, सेक्टरों मॉल्स एटीएम बैंक व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों आदि में ड्यूटी कर रहे प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों और सिक्योरिटी एजेंसियों का सत्यापन किया जाएगा। यह आदेश अप्पर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बृहस्पतिवार को जारी किया अपर पुलिस आयुक्त के आदेश पर जनपद में सत्यापन के लिए अभियान चलाया जाएगा। गौरतलब है कि फेडरेशन ऑफ़ नोएडा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तरुण भरद्वाज ने भी इस सम्बंद में पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा था कि नोएडा में सैकड़ो सिक्योरिटी एजेंसिया अवैध रूप से चल रही है और इनके गार्ड विभिन्न आपराधिक घटनाओ में लिप्त है। और न तो इनके गार्ड सत्यापित होते है और न ही एजेंसी पंजीकृत। ऐसे में इंडस्ट्रीज की सुरक्षा इनके हाथो में सौपने ने नुक्सान होने की आशंका बनी रहती है।
इस दौरान सत्यापन करने और नियम के विरुद्ध संचालित की जा रही सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश है अभियान के तहत प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी के पंजीकरण और लाइसेंस वैधता अवधि को देखा जाएगा। अगर लाइसेंस की वैधता समाप्त होने पर भी संचालन किया जा रहा है तो विधिक कार्यवाही की जाएगी। गार्डों का चरित्र सत्यापन भी किया जाएगा साथ ही उनके दिए गए प्रशिक्षण को भी परखा जाएगा। अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में निजी सुरक्षाकर्मी काम करते हैं इन पर बड़ी जिम्मेदारी है इस कारण नियमानुसार सत्यापन आवश्यक है।
पर्स के साथ चोर गिरफ्तार
नोएडा। थाना सेक्टर 20 पुलिस ने संदीप पेपर मिल के पास से एक चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से एक चोरी का पर्स व एक चाकू बरामद किया है। थाना सेक्टर 20 के एस एच ओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पहचान पंकज मंडल निवासी नया बास सेक्टर 15 के रूप में हुई।
अब राहुल बोले करोड़ों लोग बेरोजगार हुए!
नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला किया है। राहुल ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियों की वजह से करोड़ों लोगों की नौकरियां गईं और जीडीपी में ऐतिहासिक गिरावट आई है। कहा कि इस सरकार ने भारत के युवाओं के भविष्य को कुचल दिया है।
छेड़छाड़ के दो आरोपित दबोचे एनबीटी
नोएडा .छेड़छाड़ के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को थाना सेक्टर 20 पुलिस ने गुरुवार सुबह सेक्टर 8 स्थित बैंक ऑफ इंडिया के पास से गिरफ्तार किया है .एस एच ओ थाना सेक्टर 20 राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पहचान शनिवार गोकुल निवासी झुग्गी झोपड़ी सेक्टर 8 के रूप में हुई .
परेश रावल एनएसडी के नए अध्यक्ष बने
नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता परेश रावल, 65 को बृहस्पतिवार को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा एनएसडी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। एनएसडी का अध्यक्ष पद 2017 से खाली था। वह 4 साल पद पर रहेंगे। परेश ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि यह चुनौतीपूर्ण लेकिन मजेदार होगा।
डीएम ने कराये एसी-पंखे बंद
गाजियाबाद। बिजली की बर्बादी से आहत डीएम ने एसी पंखे बंद करा दिए। गाजियाबाद की डीएम अजय शंकर पांडे ने अनोखी नजीर पेश की है व् अपने कार्यालय में बिजली का दुरुपयोग देख डीएम इतने आहत हुए कि उन्होंने कार्यालय की सभी लाइट पंखे एसी बंद करा दिए और गर्मी में बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनी। डीएम ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि उनके आने से पहले दफ्तर की लाइट और पंखे ऑन ना किए जाए। उन्होंने कहा कि यह सरकारी धन की बर्बादी है। यदि खाली कार्यालय में बिजली का दुरुपयोग पाया गया तो अर्थदंड लगाकर बिजली की वसूली की जाएगी।
भगवान की प्रेरणा
एक न्यायाधीश बड़ा ही धार्मिक स्वभाव का था। एक बार एक चोर उसके न्यायालय में लाया गया। उसे लगा कि न्यायाधीश के सम्मुख धार्मिक बातें करने से उसे सजा नहीं होगी। अतः हाजिर होने पर वह कहने लगा जज साहब, आप जैसे साधु वृत्ति के व्यक्ति के सामने उपस्थित होकर मुझे बड़ा आनंद आ रहा है। मैंने चोरी कोई अपने वश होकर नहीं कि मुझे ऐसी प्रभु प्रेरणा ही हुई कि चोरी करूं। अतः मैंने चोरी की। इसमें मेरे हाथों का दोष नहीं। तर्क सुनकर कचहरी वाले विस्मित से रह गए, सोचने लगे कि देखें ऐसे में न्यायाधीश अब कैसा दृष्टिकोण अपनाते हैं। इस पर न्यायाधीश ने फैसला सुनाया चोर का कथन पूर्णत मान्य है जिस भगवान ने उसे चोरी करने की प्रेरणा दी, उसी भगवान की प्रेरणा से मैं इस चोर को दंड देता हूं।
आकर्षण
एक लड़के ने एक धनवान व्यक्ति को देखकर धनवान बनने का निश्चय किया। वह कई दिनों तक कमाई करने में लगा रहा और कुछ पैसे भी कमा लिए। इसी बीच उसकी भेंट एक विद्वान से हुई तो उसने विद्वान बनने का निश्चय किया और कमाना छोड़ कर पढ़ने में लग गया। थोड़े दिन गंभीरता से अध्ययन किया होगा कि उसकी मुलाकात एक संगीतज्ञ से हो गई। उसे संगीत में अधिक आकर्षण दिखाई दिया तो उसने पढ़ाई छोड़ कर संगीत सीखना शुरू कर दिया।
काफी उम्र बीत गई ना वह धनवान बन सका और ना ही संगीतज्ञ या विद्वान, अब उसे बहुत दुख हुआ। 1 दिन उसकी भेंट एक महात्मा से हुई उसने अपने दुख का कारण उनको बताया, तो वे उसे समझाते हुए बोले बेटा इस दुनिया में आकर्षण बिखरे पड़े हैं जहां जाओगे वहां आकर्षण का कोई ना कोई कारण दिखाई पड़ेगा। अनेक जगह भटकने के स्थान पर कोई एक निश्चय है कर लो और फिर जीते जी उस पर अमल करते रहो तो तुम्हारी उन्नति अवश्य होगी। बार-बार रुचि बदलने से कोई उन्नति नहीं कर पाओगे। युवक उनके कहे का अर्थ समझ गया और एक उद्देश्य को निश्चित कर उसी को प्राप्त करने में जुट गया।
मधुमक्खी और तितली
मधुमक्खी और तितली एक ही पेड़ पर निवास किया करती थी। अक्सर वाटिका में फूलों के पास ही दोनों मिल जाती। एक दूसरे की कुशल पूछती और अपने काम पर लग जाती है। बरसात आ गई लगातार बारिश होने लगी थी, तितली उदास बैठी थी मधुमक्खी ने पूछा बहन क्या बात है ऐसे सुंदर मौसम में उदासी कैसी। तितली बोली मौसम की सुंदरता से पेट की भूख अधिक प्रभावित कर रही है। बरसात के कारण कहीं भोजन लेने जा नहीं सकती, इसलिए परेशान हु, मधुमक्खी बोली बहन ऐसे समय के लिए कुछ बचत क्यों नहीं की। कल की बात ना सोचने वाली यूं ही परेशान होते हैं। ऐसा समझा कर मधुमक्खी ने संचित कोष में से तितली की भी भूख शांत की।
बुद्धिमत्ता
एक बार की बात है, सम्राट अकबर ने अपने दरबारियों की बुद्धि परखने के लिए एक चादर मंगवाई, जो उनकी लंबाई से छोटी थी। सभी से ऐसा प्रश्न पूछा जा रहा था कि बिना चादर को घटाएं बढ़ाएं, उनका शरीर कैसे ढक जाए, दरबारियों में से किसी से भी उतर न बन पड़ा। तो बीरबल ने जवाब दिया हजूर अपने पैर मोड़े, तो मजे से उसी चादर में तन ढक कर सोए। यह बुद्धिमानी की बात सुनकर सम्राट सहित सभी दरबारी गणों ने उनकी बुद्धिमत्ता को खूब सराहा। वास्तव में साधनों को बढ़ाएं बिना भी आवश्यकताएं कम करके गुजर हो सकती है।
संस्कार !
वंश परंपरा बनाएं रखने के लिए व्यास जी ने गांधारी तथा कुंती दोनों को वर मांगने के लिए कहा। गांधारी ने 100 पराक्रमी पुत्र मांगे। किंतु कुंती ने पांच वीर और संस्कारी पुत्र मांगे। इतिहास साक्षी है कि सौ पुत्रों का पालन करने में समर्थ गांधारी, उनमे संस्कार ना बैठा सकी। निर्वाह के लिए परेशान रहकर भी कुंती पांच पुत्रों को संस्कार देने में सफल रही। गांधारी के सौ पुत्र मारे गए किंतु कुंती के पांच पुत्रों का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया।
क्या सोने में निवेश करना अब भी आकर्षक विकल्प है?
सोने में ग्रोथ साइकिल में होती है। 2008 से 2013 की साइकिल हो या 2018 से अब तक की साइकिल। सोने के रेट्स अचानक नहीं बढ़े हैं। सितंबर 2018 से इसमें तेजी आने लगी थी। यदि आप 2008 से 2013 तक की अवधि को समझेंगे तो पाएंगे कि आज की स्थिति बहुत ज्यादा अलग नहीं है।
ब्याज दरें कम हुई थी। मंदी का खतरा था, इसलिए सरकारों ने स्टिमुलस पैकेज घोषित किए थे। जियो-पॉलिटिकल टेंशन उस समय यूएस, ईरान और मिडिल ईस्ट में थे, आज भारत-चीन, अमेरिका-चीन और अमेरिका-ईरान में दिख रहे हैं। यह सब सोने के लिए फेवरेबल है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से इकोनॉमी ठप थी। हमारे यहां तो जीडीपी ही निगेटिव में चली गई। यदि आप निवेशक हैं तो कहां निवेश करना चाहेंगे? आपके सामने दो ही ऑप्शन हैं- इक्विटी और सोना। अगस्त की ही बात करें तो एफआईआई ने भारत में 5,500 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।
यह बताता है कि भारत से उम्मीदें बढ़ गई हैं। वहीं, यदि भारतीयों की मानसिकता समझने की कोशिश करेंगे तो उन्हें सोना ही आकर्षक विकल्प लगता है। हमारे यहां तो सोने में निवेश लोग तभी करते हैं जब इसके दाम बढ़ते हैं। इसका सीधा-सीधा उदाहरण है गोल्ड सोवरिन बॉन्ड में बढ़ रहा निवेश।
वह कहते हैं कि सोने की कीमतों में जो गिरावट आई है, उसकी वजह है पिछले दो महीनों में रुपए में आई मजबूती। रुपया अभी 73-74 रुपए प्रति डॉलर की रेंज में है। कुछ महीनों पहले 76-77 रुपए प्रति डॉलर तक पहुंच गया था। इससे भी सोने की कीमत कम हुई है।
लुढ़कने के बाद रिकवर कर रहे हैं स्टॉक मार्केट
कोरोनावायरस महामारी की वजह से स्टॉक मार्केट्स में जो गिरावट आई थी, उससे बाजार पूरी तरह उबरते नजर आ रहे हैं। दुनियाभर के ज्यादातर स्टॉक मार्केट फरवरी यानी कोरोनावायरस से पहले के दौर में आ चुके हैं, वहीं कुछ तेजी से आ रहे हैं।
भारत के सेंसेक्स और निफ्टी-50 ही नहीं बल्कि अमेरिका के डाउ जोंस इंडस्ट्रीयल इंडेक्स और एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 37% तक की गिरावट के बाद 6 महीने के भीतर ही अब अपने पुराने स्तर पर लौट रहे हैं।
दूसरी ओर, सेफ हैवन असेट समझे जाने वाले सोने की कीमतों में गिरावट नजर आ रही है। सात अगस्त को 56 हजार रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंचने के बाद सोना लगातार फिसल रहा है। अब तक पांच-छह हजार रुपए तक की गिरावट इसमें आ गई है।
लेकिन, एनालिस्ट कह रहे हैं कि सोने की कीमतों में गिरावट का कारण सिर्फ स्टॉक मार्केट में तेजी नहीं है। बल्कि कई अन्य कारण भी हैं। ऐसे में यदि आपको लग रहा है कि स्टॉक मार्केट में तेजी के साथ सोना और सस्ता होगा, तो आपका अंदाजा गलत भी हो सकता है।
चुनाव लड़ने वालों और वोट करने वालों में जागरुकता आएगी- आयोग
आयोग ने कहा कि जहां पर प्रत्याशी और पार्टियों द्वारा उतारे गए कैंडिडेट निर्विरोध जीत रहे हैं, उन्हें भी इसी तरह से क्रिमिनल बैकग्राउंड की जानकारी देनी होगी। इस संबंध में अब तक जो फॉरमेट और इंस्ट्रक्शन जारी किए गए हैं, उन्हें भी पब्लिश किया गया है।
चुनाव आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया से वोटरों, पार्टियों और प्रत्याशियों में जागरुकता फैलेगी। इससे वोटरों को ज्यादा जानकारी के साथ अपनी पसंद का चयन करने का मौका मिलेगा। आयोग ने कहा कि हमारा हमेशा ही इस बार पर जोर रहा है कि चुनावी लोकतंत्र की बेहतरी के लिए नैतिक सख्ती को लागू किया जाए। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे।
पार्टियों और कैंडिडेट्स को अपने क्रिमिनल बैकग्राउंड की जानकारी न्यूज पेपर और टीवी पर तीन बार देनी होगी
चुनाव आयोग ने नॉमिनेशन के लिए राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इसमें पार्टियों और प्रत्याशियों द्वारा उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पब्लिसिटी के समय में बदलाव किया गया है। इसके मुताबिक, राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशियों और निर्दलीय प्रत्याशियों को अपने क्रिमिनल बैकग्राउंड की जानकारी तीन बार न्यूज पेपर और टेलीविजन पर देनी होगी।
नए मरीज पर ट्रायल नहीं कर सकेगा सीरम इंस्टीट्यूट
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कोरोना वैक्सीन के फेज-2 और 3 के ट्रायल में किसी नए मरीज की भर्ती पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को डीसीजीआई ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया। अगले आदेश तक ट्रायल के लिए किसी नए मरीज की भर्ती न की जाए। इस नोटिस के जवाब में सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा कि जब तक वैक्सीन की सुरक्षा की स्थिति साफ नहीं होती है, तब तक किसी नए मरीज पर ट्रायल नहीं किया जाएगा।
24 घंटे में रिकॉर्ड 97 हजार मरीज बढ़े, 81 हजार ठीक भी हुए
देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 46 लाख 57 हजार 379 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। शुक्रवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 97 हजार 654 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। एक दिन में मिले संक्रमितों का यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है। इसके पहले गुरुवार को 96 हजार 760 नए मरीज मिले थे।
इस बीच, राहत की बात है कि मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी तेज होने लगी है। शुक्रवार को रिकॉर्ड 81 हजार 455 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। एक दिन में ठीक होने वालों की ये सबसे ज्यादा संख्या है। इससे पहले 8 सितंबर को 74 हजार 607 लोग ठीक हुए थे। इसी के साथ ठीक होने वालों की संख्या अब 36 लाख 21 हजार 438 हो गई है।
संक्रमण के चलते अब तक 77 हजार 506 लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें 1202 मरीजों की मौत शुक्रवार हो हुई थी। अभी 9 लाख 57 हजार 787 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। ये मरीज या तो होम आइसोलेशन में हैं या फिर अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें करीब 9 हजार मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
शब्दों में क्या रखा है?
स्वामी विवेकानंद एक सत्संग में भगवान के नाम की महत्वता बता रहे थे कि वहां उपस्थित एक तार्किक ने प्रश्न किया। शब्दों में क्या रखा है और उन्हें रखने से क्या लाभ। विवेकानंद ने उत्तर में उसे कतिपय अपशब्द कहे मूर्ख, जाहिल आदि, इस पर वह तार्किक आग बबूला हो गया और कहा आप सन्यासी के मुंह से ऐसे शब्द शोभा नहीं देते। उन्हें सुनकर मुझे बहुत चोट लगी है इस पर स्वामी जी ने हंसते हुए कहा भाई वह तो शब्द मात्र थे, शब्दों में क्या रखा है। मैंने कोई पत्थर तो नहीं मारा। इससे उसके साथ ही सुनने वालों तक का भी समाधान हो गया। शब्द जब किसी को क्रोध उत्पन्न कर सकते हैं तो जिसके लिए प्रेम शब्द भाव पूर्वक कहे जाएंगे तो उसका अनुग्रह वह क्यों आकर्षित ना करेंगे।
सर्वोत्तम सौंदर्य
एक गृहस्थ को सर्वोत्तम सौंदर्य की खोज थी, सो वे एक तपस्वी के पास पहुंचे और उनके सम्मुख अपनी जिज्ञासा प्रकट की उन्होंने उत्तर दिया श्रद्धा। श्रद्धा मिट्टी के ढेले को गणेश बना सकती हैं। तपस्वी से समाधान ना हो पाते देख एक भक्तजन के पास पहुंचे और अपना मंतव्य बताया। उन्होंने कहा प्रेम ही सुंदर है, काले कृष्ण गोपियों को प्राण प्रिय लगते थे। इससे समाधान कुछ हुआ, कुछ नहीं हुआ। सोच विचार करते हुए आगे चल पड़े, तो उन्होंने युद्ध भूमि से लौटा शस्त्रों से लदा एक सैनिक मिल गया। तो उससे भी पूछा सौंदर्य कहां हो सकता है, सैनिक का उत्तर था, शांति में। इस तरह जितने मुंह उतनी बातें निराश अपने घर लौटे। 2 दिन की प्रतीक्षा में सभी घरवाले व्याकुल हो रहे थे पहुंचे तो सभी लिपट गए। पुत्री की से आंसू गिर पड़े आत्मीयता का, स्नेह का, गहन श्रद्धा का, सागर सा उमड़ पड़ा। सभी को असाधार शांति का अनुभव हुआ। गृहस्थ ने तीनों समाधान का समन्वय अपने घर ही देखा। उसके मुंह से निकल पड़ा कहां भटक रहा था श्रद्धा, प्रेम और शांति इन तीनों के दर्शन तो अपने ही घर में हो रहे हैं। यही सबसे श्रेष्ठ एवं सर्वाधिक सौंदर्य पूर्ण कृति है।
गुरुवार, 10 सितंबर 2020
एलजी मनोज सिन्हा के प्रमुख सचिव बने यूपी के आईएएस नीतीश
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश काडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद एनसीटीआई में सदस्य सचिव नीतीशवर कुमार को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने रविवार को उनकी नियुक्ति को हरी झंडी दी। आईएएस अधिकारी कुमार उपराज्यपाल के रेल राज्य मंत्री रहते, उनके ओएसडी के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं। इससे पूर्व सिन्हा जब गाजीपुर के सांसद थे तब नीतीश कुमार उस दौरान जिले के सीडीओ थे। एलजी सिन्हा वे पद संभालते ही घाटी में अमन बहाली में सक्रिय भूमिका अदा कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता जगदीश शर्मा की माता जी का निधन
ग्रेटर नोएडा। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पीसीसी सदस्य जगदीश प्रसाद शर्मा (ऐचछर ग्राम) की माताजी श्रीमती कैलाशवती देवी पत्नी स्वर्गीय श्री रतीराम शर्मा का निधन 9 सितंबर को नोएडा स्थित मेट्रो अस्पताल में हो गया। उनकी अंत्येष्टि 10 सितंबर को 12:30 बजे की गई।
सचिन पायलट से मिले नोएडा कांग्रेस के कार्यकर्ता
नोएडा। रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मिलने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट को उनके जन्मदिन व पार्टी में वापसी करने पर बधाई दी व् जिले की स्थिति को लेकर काफी देर तक चर्चा की। जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी ने सचिन पायलट को जिले की सभी गतिविधियों से अवगत कराया और कार्यकर्ताओं के साथ कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। बबली नागर, देवेंद्र भाटी, राजेंद्र अवाना आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्राधिकरण में वर्षों से तैनात इंजीनियरों की शासन से शिकायत
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में वर्षों से तैनात इंजीनियरों की शासन से शिकायत करते हुए उन्हें मूल विभाग में भेजने की मांग की गई है। आवास विकास परिषद से इंजीनियर यमुना प्राधिकरण में तैनात है इन्हें 3 वर्ष की प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था लेकिन एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी उन्हें मूल विभाग में नहीं भेजा गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्षों से तैनात इंजीनियर भ्रष्टाचार में लिप्त है। वहीं स्टाफ की कमी से जूझ रहा यमुना प्राधिकरण उन्हें वापस भेजने की स्थिति में नहीं है, और मजबूरी वश भ्रस्ट अधिकारिओ से ही काम चलना पड़ रहा है। मूल विभाग में वापस भेजने से प्राधिकरण के विकास कार्य ठप हो जाएंगे, प्राधिकरण शासन से स्टाफ की मांग कर चुका है जो अभी पूरी नहीं हुई है
जिला अस्पताल: लाखों रुपए के बिलों को लेकर विवाद
नोएडा। जिला अस्पताल में 2 महीने में खरीदे गए सामान के लाखों रुपए के बिलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला अस्पताल की सीएमएस और कोविड-19 के एमएस में ठन गई है। चिकित्सा अधीक्षक एमएस डॉक्टर रेनू अग्रवाल ने उनके हस्ताक्षर बगैर खरीदे गए सामान को अनियमितता बताया है। वही एम् एस ने दो टूक कहा कि स्टोर प्रभारी बनना है, तो शासन से अनुमति लेकर।
जिला अस्पताल में एयर कंडीशन फ्रिज, साफ सफाई समेत जरूरत के लाखों रुपए के उपकरणों की खरीद जेम पोर्टल से की जाती है। इस खरीद की जिम्मेदारी स्टोर प्रभारी और सीएमएस पर होती है। डॉक्टर रेनू अग्रवाल ने सीएमएस को पत्र लिखा है कि कोविड-19 के साथ उनके पास जिला अस्पताल के स्टोर का भी दायित्व है। संज्ञान में आया है कि उनके हस्ताक्षर बिना ही लाखों रुपए का सामान खरीद लिया गया है जो अनियमितता है।
बसपा में शामिल हुए
नोएडा। बहुजन समाज पार्टी की बैठक में भाजपा और सपा और राष्ट्रीय लोक दल के नेता बसपा में शामिल हो गए। भाजपा से डॉक्टर विपुल राय, कमल किशोर रावत व अकरम खान। विश्व हिंदू महाशक्ति दल से साबिर तोमर व इरफान तोमर और राष्ट्रीय लोक दल से रमेश पुंडीर के अलावा सपा से मोहम्मद इरफान, मोहम्मद बशीर, मोहम्मद फिरोज, मोहम्मद इम्तियाज फुरकान मोहम्मद, शकील मोहम्मद, इरफान जावेद और दानिश भाजपा में शामिल हुए हैं। बैठक में मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह महानगर अध्यक्ष रवि शर्मा के अलावा जिला सचिव ब्रह्मानंद धीर सिंह गौतम उपाध्यक्ष नरेश उपाध्याय प्रधान सचिन राणा मुखर्जी राजकुमार गुर्जर एडवोकेट संतराम भारती एडवोकेट प्रिंस तंबर बबलू मौजूद रहे।
प्रतिनियुक्ति पर तैनात इंजीनियरों को हटाने की मांग
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के इंजीनियर 12 वर्षों बाद भी अपने मूल विभाग में नहीं लौटे हैं, जबकि वह 3 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर आए थे।
इतने वर्षों तक प्राधिकरण में जमे रहने की शिकायत शासन से की गई है। ग्रेटर नोएडा निवासी रविंद्र शर्मा ने उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के आयुक्त अजय चौहान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,शहरी आवास विकास मंत्री सुरेश खन्ना व शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भी यह शिकायत भेजी है कि आवास विकास विभाग के कई इंजीनियर यमुना प्राधिकरण में 12 वर्षों से जमे हुए हैं, जबकि यह इंजीनियर 3 वर्षों के लिए प्रतिनियुक्ति पर आए थे।
नियमानुसार सरकार के एक विभाग से दूसरे विभाग में कोई अधिकारी या कर्मचारी 3 वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है। यह प्रतिनियुक्ति अधिकतम 5 वर्ष की हो सकती है।
मंगलवार, 8 सितंबर 2020
योग संस्थान के जिलाध्यक्ष बने जितेंद्र भाटी
ग्रेटर नोएडा। भारतीय योग संस्थान ग्रेनो के पदाधिकारियों की चुनावी बैठक अल्फा वन के डी ब्लॉक स्थित पार्क में हुई संस्थान के केंद्रीय कार्यालय में चुनाव अधिकारी भूपेंद्र कौर को नियुक्त किया था। चुनाव अधिकारी ने 4 सितंबर को ऑनलाइन बैठक कर आवेदन मांगे थे। इसमें जिलाध्यक्ष के लिए जितेंद्र भाटी जिला मंत्री के लिए सीमा गुप्ता जिला संगठन मंत्री के लिए राकेश पंडित व क्षेत्र 1 में क्षेत्रीय अध्यक्ष के लिए बृजेश शर्मा क्षेत्रीय मंत्री के लिए ललिता जोशी और क्षेत्र 2 में क्षेत्रीय अध्यक्ष के लिए बलजीत नगर क्षेत्रीय मंत्री के लिए मुकेश शर्मा ने आवेदन किया एक पद पर एक ही आवेदन आने के कारण चुनाव अधिकारी ने इन सभी को नियुक्त करने की घोषणा की।
बामसेफ नेता आम आदमी पार्टी में शामिल
नोएडा .जालौन जिला के बामसेफ बसपा का संगठन के पूर्व संयोजक आनंद प्रकाश आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए .सेक्टर 63a में रहने वाले आनंद यूपीपीसीएल के पूर्व अधिकारी हैं .सोमवार को आप के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन ने प्रतीक चिन्ह टोपी पहना कर पार्टी में स्वागत किया .इस अवसर पर पार्टी के जिला प्रवक्ता प्रोफेसर एके सिंह जिला कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र चौधरी और अजय कुमार उपस्थित रहे .
युवक पर छेड़छाड़ का केस दर्ज
नोएडा। सेक्टर 24 कोतवाली में एक युवती ने युवक के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोप ने जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने बताया कि युवती एक निजी कंपनी में काम करती है शुक्रवार को वह स्कूटी से सेक्टर 22 पहुंची थी। वहां एक युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की पीड़िता ने शोर मचाया तो आरोपी भाग गया पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी युवती के पड़ोस में दिल्ली में रहता है।
जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे अधिकारी किसानों से मारपीट
मेरठ। 4 वर्षों से पांचली खुदाई में डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर के लिए जमीन पर किसानों से कब्जा लेने का मामला प्रशासन सुलझा नहीं सका है सोमवार को भी एसडीएम सदर संदीप के नेतृत्व में अमला कांचली खुद पहुंचा यहां एक बार फिर किसानों और प्रशासन के बीच नोकझोंक हुई। समस्या निस्तारण के बिना ही अधिकारियों को लौटना पड़ा वर्ष 2017 में पांचली खुर्द निवासी धर्म दत्त और ओमप्रकाश गुप्ता के खसरा नंबर 166 169 334 335 में जमीन का मामला चल रहा है। किसानों का कहना है कि रेलवे ने हमें मुआवजा देने के लिए खाते खुलवाए थे लेकिन प्रशासन और भूमाफिया में हमारी जमीन का मुआवजा ले लिया इस मामले को लेकर किसान हाई कोर्ट जा चुके हैं।
13 शहरों में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने का प्रस्ताव
लखनऊ। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में कंप्रेस्ड बायोगैस सीबीजी प्लांट स्थापित करने की योजना पर कार्यवाही शुरू हो गई है केंद्र ने देश में 5000 प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है पहले चरण में नोएडा गाजियाबाद मेरठ व सहारनपुर समेत यूपी के 13 शहरों में पीपीपी मॉडल पर यह प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसी से शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे केंद्र के सर्वे में पता चला था कि यूपी के 13 शहरों में रोजाना 200 टन से अधिक शहरी व औद्योगिक कचरा व बायोमास निकलता है। इन्हीं शहरों में शतक योजना के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना है केंद्र सरकार इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए इंडियन आयल कॉरपोरेशन विश्व बैंक एडीबी एसबीआई से विचार कर रही है इसमें डेवलपर को तकनीकी व वित्तीय सहयोग जैसी व्यवस्था पर निर्णय होना है प्लांट लगने से शहरों में कूड़े की वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर अंकुश लगेगा साथ ही कूड़ा कमाई का जरिया बन जाएगा।
आईएएस अधिकारियों के संगठन ने बदला नाम
नई दिल्ली। आईएएस अधिकारियों के संगठन ने औपनिवेशिक काल के नाम को बदल दिया गया। इंडियन सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज सेंट्रल एसोसिएशन का नाम अब आईएएस एसोसिएशन होगा। एसोसिएशन अध्यक्ष दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा शनिवार को एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में नए नाम को सर्व सम्मानित से मंजूरी दी गई।
प्रोफेसर केजी सुरेश मखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के कुलपति नियुक्त
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान में प्रोफेसर के जी सुरेश को मखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल का कुलपति नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 4 वर्ष का होगा वह भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक थे। स्पेशल केजी सुरेश अभी देहरादून के यूनिवर्सिटी आफ पैट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज के स्कूल ऑफ मॉडल मीडिया के डीन है।
अभिनेत्री रागिनी की हिरासत बढ़ी
बेंगलुरु मादक पदार्थ मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी की हिरासत को सोमवार को 5 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय अपराध शाखा सीसीबी ने बताया कि रागिनी को अदालत में पेश किया गया, इसके बाद सीसी बी के अनुरोध पर कोर्ट ने रागिनी को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
रविवार, 6 सितंबर 2020
विद्युत विभाग 'विजिलेंस जांच' के नाम पर उगाही
नोएडा| नोएडा स्थित विद्युत विजिलेंस विभाग दिवाली से काफी पहले डी एक्टिव हो गया और हर फैक्ट्री में जा जाकर चेकिंग कर रहा है। आमतौर पर दिवाली से 15 दिन पहले विजिलेंस विभाग उद्योगों की चेकिंग अपनी दिवाली मनाने के लिए चेकिंग करता था, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से पहली विभाग के अधिकारियों की जेब खाली है इसलिए कुछ जल्दी ही 'एक्टिवनेस' आ गई।
गौरतलब है कि प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत उद्योगों की नई परिभाषा विजिलेंस विभाग गढ़ रहा है और सभी को डराया जा रहा है कि आपका उद्योग इंडस्ट्री में जगह वाणिज्यिक विद्युत उपयोग है और जबरदस्ती सेक्टर 19 स्थित इंस्पेक्टर कार्यालय पर उद्यमियों को बुलाया जाता है और कार्यवाही के नाम पर उगाही की जा रही है विभाग के आला अधिकारियों के ही इशारे पर यह उगाही का धंधा चलाया जा रहा है।
सेक्टर 112 में सप्लाई का पानी ना आने की शिकायत सीईओ से की
नोएडा। फेडरेशन ऑफ नोएडा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती रितु महेश्वरी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि सेक्टर 112 में जिन निवासियों ने जल /सीवर का कनेक्शन लिया हुआ है, उन्हें पिछले छह माह से पानी की सप्लाई नहीं की जा रही, जबकि प्राधिकरण मासिक पानी के शुल्क ले रहा है। अधिकारियों से इस संबंध में जब बात की गई तो उन्होंने इसका गोलमोल जवाब दिया जो समझ से परे था।
दनकौर में दो दुकानों में लगी आग
ग्रेटर नोएडा। दनकौर में बिजली उपकरणों की दुकान में शुक्रवार देर रात आग लग गई, दमकल कर्मियों ने लगभग 1 घंटे में आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक दुकान के पीछे स्थित मेडिकल स्टोर में भी आग लग गई। एस एस ओ राम कृपाल सिंह ने बताया कि कृष्णा अस्पताल के पास ललित कुमार की ऐसी मरम्मत करने और बिजली उपकरण बेचने की दुकान है। रात 11:00 बजे अचानक आग लगी गई सूचना पाकर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया हालांकि तब तक टीटू ने मेडिकल स्टोर का भी कुछ सामान जल गया था। दोनों दुकानें बंद थी शॉर्ट सर्किट की आग लगने की आशंका है। वही आगजनी की सोशल मीडिया पर पुलिस को लोगों के फंसे होने की सूचना दी गई। लेकिन पुलिस और दमकल अधिकारियों ने इससे इनकार किया है।
साइबर ठगों ने 3 लोगों के खातों से उड़ाए 2.60 लाख
नोएडा। साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते व उनके दो क्रेडिट कार्ड से भी एक साथ ₹200000 निकाल लिए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक प्रबंधन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। सेक्टर 21 निवासी का सेक्टर 18 स्थित एक निजी बैंक में खाता है और उसी बैंक के दो क्रेडिट कार्ड है। पीड़ित का आरोप है कि साइबर ठगों ने बैंक से खाते और क्रेडिट कार्ड की डिटेल चोरी करके 1 अप्रैल से 19 मई के बीच ₹200000 निकाल लिए। उनका दावा है कि उनके पास इस बारे में मैसेज या कॉल नहीं आई। उन्होंने बैंक के अधिकारी कर्मचारियों पर ही डिटेल चोरी करने का आरोप लगाया है।
रेरा के आदेशों का पालन कराया जायेगा, तहसीलदार तक नहीं मानते निर्देशों को
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश रेरा आदेश तो दे देता है लेकिन उसपर जिले के अधिकारी अमल नहीं करते। न जिलाधिकारी न तहसीलदार, रेरा के द्वारा निर्देशों का कभी अनुपालन नहीं हुआ। नोएडा दर्पण ने इस सम्बंद में तीन महीने पहले रिपोर्ट्स छापी थी कि जिला प्रशाशन बिल्डरों से पैसा खा लेता है और रेरा के आदेशों को दरकिनारे रख देता है। व् लिखा रेरा से निवेशकों का कोई भला नहीं होगा इसलिए इसे बंद कर देना चाहिए। जब अधिकारी खुद ही निर्देशों का अनुपालन नहीं करवानेगे तो रेरा स्थापित करने का कोई फायदा नहीं होगा।
सरकार को या आला अधिकारिओ को इस सम्बंद में जांच करनी चाहिए कि रेरा ने कितने निर्देश जारी किये और जिला प्रसाशन ने कितनो का अनुपालन किया और अगर नहीं किया तो क्या कारण थे। साथ ही इस दोरान इनकी खातों की भी जांच होनी चाहिए ताकि भरस्टचारी अधिकारिओ के खिलाफ कार्यवाही भी की जा सके। देखा जाये तो रेरा पूरी तरह फ़ैल साबित हुआ है, कारन कुछ भी हो ?
बरहाल रेरा के आदेशों का पालन कराया जायेगा करने के लिए बनाई रणनीति ग्रेटर नोएडा ग्रेनो में 4 सितंबर 2018 को शुरू हुआ था, शुक्रवार को रेरा चेयरमैन राजीव कुमार ने सदस्यों व अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक की खरीदारों को जल्द से जल्द कब्जा दिलाने के लिए मंथन किया गया। साथ ही आदेशों का पालन कराने के लिए रणनीति बनाई गई, उधर बिल्डरों द्वारा जानकारी नहीं देने से रेरा अपनी बुक लॉन्च नहीं कर सका। अब यह 14 सितंबर को लांच हो सकती है। रेरा ने बिल्डरों से कहा है कि वह हर हाल में प्रोजेक्ट की परमिशन वायरल सितंबर तक दे दे। साथ ही अकाउंट वेरीफिकेशन 15 सितंबर से पहले करा लें। 2 साल में खरीदार 28025 शिकायतें कर चुके हैं 21000 शिकायतों का निस्तारण हो गया है। अभी भी 5000 से अधिक आदेश लंबित हैं पालन नहीं करने पर 2000 मामलों में रिकवरी के चालान हो चुके हैं।
झांसा देकर किशोरी से बनाए संबंध, मुकदमा दर्ज
नोएडा। सेक्टर 39 कोतवाली क्षेत्र में शादी का झांसा देकर किशोरी से संबंध बनाने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि किशोरी और पड़ोस में रहने वाले युवक के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था, आरोपी ने शादी का झांसा देकर उससे संबंध बना लिए। जब किशोरी गर्भवती हो गई तो परिजनों ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। इस पर नितिन कुमार मिश्रा, उसके फूफा बृजेंद्र तिवारी भाई अतुल और सचिन ने बालिक होने पर किशोरी के साथ शादी का प्रस्ताव रखा, इस बात पर पीड़ित परिवार मान गया, वही 2 दिन पहले आरोपी युवक अपने परिवार के साथ फरार हो गया।
दो शॉपिंग प्लाजा पर जुर्माना लगाया
ग्रेटर नोएडा। कूड़े का निस्तारण खुद ना करने पर प्राधिकरण ने दो शॉपिंग प्लाजा पर जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने रिलायंस और बीटा प्लाजा पर 21500 और बीटा प्लाजा में ही अशोक कुमार के शोरूम पर ₹5000 का जुर्माना लगाया है। दोनों खुले में कूड़ा डाल रहे थे।
प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक वैभव नागर की अगुवाई में टीम ने यह कार्यवाही की इन दोनों के संचालकों से कहा गया है कि वे कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था जल्दी करें इसके लिए कैंपस मैं मशीन लगानी होगी, ऐसा न करने पर अगली बार जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी जाएगी।
शनिवार, 5 सितंबर 2020
कहानी - टाइमपास
रमेश जैसे पति को पाकर खुद को धन्य मानने वाली रीना को आज क्यों अपनी दुनिया वीरान और सोनी लग रही थी। क्यों वह रमेश की परछाई से भी इस समय दूर जाना चाह रही थी। पार्वती तुम आज और अभी यह कमरा खाली कर दो और यहां से चली जाओ भाभी मैं कहां जाऊंगी मुझे इससे कोई मतलब नहीं तुम कहीं भी जाओ जियो मरो मेरी बला से मैं तुम्हारी शक्ल नहीं देखना चाहती रीना का दिल एक लाने के लिए पार्वती आखरी अस्त्र का प्रयोग करते हुए उनके पैर पकड़कर फूट-फूट कर रोने लगी।
अपना से उनके पैरों पर रख कर बोलना भी माफ कर दो मुझसे गलती हो गई तुम अपना सामान खुद बाहर निकालो की टीम निकालो घी की मैं वॉचमैन से कह कर बाहर निकलवा हूं रीना खिड़की से चोर नेताओं से रमेश के घबराए हुए चेहरे को देख रही थी। ड्राइंग रूम में बेचैनी से चहल कदमी करते हुए चक्कर काट रहे थे का साथ ही बार-बार चेहरे से पसीना पूछ रहे थे मीना की कड़कती आवाज और उसके क्रोध से पार्वती डर गई और निराश होकर उसने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया उसकी आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे। आज रमेश में रीना के विश्वास को तोड़ा था रीना के मन में विचारों की उमड़ घुमड़ मची हुई थी 30 वर्ष से उसका वैवाहिक जीवन खुशी खुशी बीत रहा था रमेश जैसा पति पाकर वह सदा से अपने को धन्य मानती थी पे मस्त मौला और हंस और स्वभाव के थे बातचीत में कहकहे लगाना उनकी आदत थी रोते हुए को हंसा ना उनके लिए छुट्टियों का काम था चुटकियों का काम था।
रमेश बहुत आशिक मिजाज ठीक है महिलाएं उन्हें बहुत पसंद करती थी 62 वर्षीय रीना तो प्यारी प्यारी बेटियों की सारी जिम्मेदारी पूरी कर चुकी कि त्रिशा और ईशा दोनों बेटियों को पढ़ा लिखा कर उनकी शादी ब्याह करके अपनी जिम्मेदारियों से कुर्ती बात की थी वह और रमेश दोनों आपस में सुख पूर्व रह रहे थे अपनी जिम्मेदारियों से छुट्टी आ चुकी थी और वह और रमेश दोनों आपस में सुख पूर्व कह रहे थे बड़ी बेटी त्रिशा की शादी को 8 वर्ष हो चुके थे। परंतु वह मां नहीं बन सकी थी अब इतने दिनों बाद कृत्रिम गर्भधान पद्धति से वह गर्भवती हुई थी डॉक्टर ने उसे पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी उसकी देखभाल के लिए उसके घर में कोई महिला सदस्य नहीं थी इसलिए वीना का जाना आवश्यक था। लेकिन वह निश्चिंत ही क्योंकि उसे पार्वती पर तुम विश्वास था कि वह घर और रमेश दोनों की देखभाल अच्छी तरह कर सकती हैं। रमेश हमेशा से छोटे बच्चे की तरह थी के तरह थे अपने लिए एक कप चाय बनाना भी उनके लिए मुश्किल काम था पार्वती के रहने के कारण रीना बिना किसी चिंता के आराम से चली गई थी कुछ दिनों बाद तृषा के घर में प्यारी सी गुड़िया का आगमन हुआ वह खुशी से फूली नहीं समा रही थी रमेश की गुड़िया से मिलने आए थे वह दो-तीन दिन वहां रहे थे और चिर परिचित अंदाज में बैठे तृषा से बोले तुम्हारी मम्मी को मेरे लिए टाइम पास का अच्छा इंतजाम करके आना चाहिए था।
घर में बिल्कुल अच्छा नहीं लगता उनकी बात सुनकर सब हंस पड़े थे रीना शर्मा गई थी वह भी मैं से बोली थी आप भी बच्चों के सामने तो सोच समझ कर बोला करिए वह चुपचाप उठकर रसोई में चली गई थी मुंबई से वह 3 महीने तक नहीं लौट सकी त्रिशा की बिटिया बहुत कमजोर थी और उसे पीलिया भी हो गया था वह 10:00 12 दिन तक इंक्यूबेटर में रही थी तृषा के टांके भी शौक नहीं पा रही थी इसलिए वह चाहकर भी जल्दी नहीं लौट सके। उसका लौटने का प्रोग्राम कई बार बना और कई बार कैंसिल हुआ इसलिए आखिर में जब उसका टिकट आ गया तो उसने मन ही मन रमेश को सरप्राइज देने के लिए सोच कर कोई सूचना नहीं दी और बेटी तृषा को भी अपने पापा को बताने के लिए मना कर दिया दोपहर का एक बजा था। वह एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर सीधी अपने घर पहुंची गाड़ी फोर्स में खड़ी देख कर उस उसका मन घबराए कि आज रमेश इस समय घर पर क्यों हैं वह दबे पांव घर में घुस गई। उसको बेडरूम से पार्वती और रमेश के खेल खिलौने की आवाज सुनाई दी वह अपने को रोक नहीं पाई उसने खिड़की से अंदर झांकने का प्रयास किया।
पार्वती बेड पर लेटी हुई थी यह देख सीना की आंखें शर्म से झुक गए पार्वती तो पैसे के लिए सब कुछ कर सकती है परंतु रमेश इतना गिर जाएगा वह भी इस उम्र में वह स्वपन में भी नहीं सोच सकती थी। आज रमेश को देखकर लग रहा था उनमें और जानवर में भला क्या अंतर है जैसे पशु अपनी भूख मिटाने के लिए यहां वहां कहीं भी मुंह मार लेता है वैसे ही पुरुष दी इतने दिन बाद कराने की उसकी सारी खुशी काफूर हो चुकी थी। उसके घर आने की खुशी काफूर हो चुकी थी उसे लग रहा था कि वह जलते हुए रेगिस्तान में अकेले झुलस कर खड़ी हुई है। दूर-दूर तक उसे सहारा देने वाला कोई नहीं है फिर भी अपने को संयंत्र करके उसने जोर से दरवाजा खटखटा दिया था जाने पहचाने आवाज रमेश जी की पार्वती दोनों देखो इस दोपहर में कौन मरा पार्वती अपनी साड़ी और बाल्टी करती हुई दरवाजे तक आई। उसने थोड़ा सा दरवाजा खोलकर ढाका रीना को देखते ही उसके होश उड़ गए रैना ने जोर से पैर मार कर दरवाजा पूरा खोल दिया। रमेश और बिस्तर दोनों अस्त व्यस्त थे वे पत्नी को अचानक सामने देख आश्चर्य से भर उठे थे अपने को संभालते हुए बोले तुमने अपने आने के बारे में कुछ बताया ही नहीं मैं गाड़ी लेकर एयरपोर्ट आ गया मैं तुम्हारी रंगरेलियां कैसे देख पाते तुम कैसी बात कर रही हूं कैसे देख पाती, तुम कैसी बात कर रही हो मुझे बुखार था इसलिए पार्वती से मैंने सिर दबाने को कहा था रमेश कुछ तो शर्म करो कि मियां की सीधी में आवाज में रमेश बोले तुम जाने क्या सोचता है ठीक हूं ऐसा कुछ भी नहीं है।
रीना मैं हिकारत से रमेश की और देखा था क्रोध में वह थरथर कांप रही थी उसने जोर से पार्वती को आवाज दी मां पार्वती व तुमने तो जिस थाली में खाना उसी मैसेज कर दिया मैंने तुम पर आंख मूंदकर विश्वास किया सब लोग तुम्हारे बारे में कितना कुछ कहते रहे लेकिन मैंने किसी को किसी की नहीं सुनी थी अभी यहां से निकल जाओ मैं तुम्हारा मुंह नहीं देखना चाहती रीना आज खुद को कोस रही थी क्यों पार्वती पर इतना विश्वास किया। वह ड्राइंग रूम में आकर चुपचाप बैठ गई थी थोड़ी देर में रमेश उसके लिए खुद चाय बना कर लाए उसके पैरों के पास बैठकर धीरे से बोले बिना प्लीज मुझे माफ कर दो। वह तो मैं बोर हो रहा था इसलिए टाइम पास के लिए उससे बातें कर रहा था रमेश तुम इस समय मुझे अकेला छोड़ दो आज मैंने जो कुछ अपनी आंखों से देखा है सहरसा उस पर विश्वास नहीं कर पा रही हूं प्लीज तुम मेरी नजरों से दूर हो जाओ मुझे एक बात बता दो यह सब कब से चल रहा है रीना तुम्हारी कसम खाता हूं ऐसा कुछ नहीं है। जो तुम सोच रही हो तो ठीक है जो बाकी है अभी करके अपनी इच्छा पूरी कर लो मेरा यहां रहने से परेशानी है तो मैं फिर से चली जाती हूं। तृषा को इस समय मेरी बहुत जरूरत है मैं तो तुम्हारे लिए भाभी आई थी परंतु तुम तो दूसरी दुनिया बसा चुके थे मैं बेकार में अपना माता खाली कर रही थी। व्यर्थ का तमाशा मत बनाओ मेरे सामने से हट जाओ घर में सन्नाटा छाया हुआ था। पार्वती की स्त्रियों की आवाज और सामान समेटने की आवाज बीच बीच में आ जाती थी घर उजड़ रहा था तभी ना दुखी थी।
उसे पार्वती से ज्यादा रमेश दोस्ती लग रहे थे वह मन ही मन सोच रही थी कि जब अपना सिक्का ही खोटा हो तो दूसरे को दोष क्यों दे कुछ भी हो पार्वती को यहां से हटाना आवश्यक है। वह उस घड़ी को पूछ रही थी जब उसने पार्वती को अपने घर पर काम करने के लिए रखा था लगभग 20 वर्ष पहले सुमित्रा जी ने पार्वती को उसके पास काम के लिए भेजा था। उसकी कामवाली भागवती हमेशा के लिए गांव चली गई थी। दो बेटियां पति और बूढ़ी अम्मा जी के सारे काम करते-करते उसकी हालत खराब थी उसे नई कामवाली की सख्त जरूरत थी सुमित्रा जी ने कह दिया था। पार्वती नहीं है इसलिए नहीं कहां रखना वह अतीत में खो गई थी पार्वती का जीवन तो उसके लिए खुली किताब है। 21- 22 वर्ष की पार्वती का रंग दूध की तरह सफेद था गोल चेहरा उसकी बड़ी-बड़ी आंखों में मेरी हत्था मेरी हफ्ता थी अपने में सिकुड़ी सिमटी हुई एक बच्चे की उंगली पकड़े हुए तो दूसरे को गोद में उठाए हुए कातर निगाहों से काम की यात्रा कर रही थी काम की याचना कर रही थी। उसे काम की सख्त जरूरत थी उसके माथे के जख्म को देखकर पूछ बैठी थी यह चोट कैसे लगी तुम्हारे पार्वती धीरे से बोली थी। मेरे आदमी ने हथियार फेंक कर मारा था वह माफी को छूता हुआ निकल गया था उसी से घाव हो गया ऐसे आदमी के साथ क्यों रहती हो। अब मैं उसे छोड़कर शहर आ गई हूं यहां नहीं हूं इसलिए ज्यादा किसी को जानती नहीं रीना को पार्वती पर दया आ गई थी। तुम्हारे बच्चे कहां रहेंगे वह पूछ बैठी जी जब तक कोटरी नहीं मिलती थी दोनों बरामदे में बैठे रहेंगे अम्माजी अंदर से बोली थी। इसको रखना बिल्कुल बेकार है तो दो बच्चे हैं सारे घूम घर में घूमते फिरेंगे रीना को रसोई के अंदर पड़े हुए ढेर सारे झूठे बर्तन याद आ रहे थे उसने पार्वती से बर्तन साफ करने को कहा उसने फुर्ती से अच्छी तरह बर्तन साफ किए। स्टैंड में लगाए प्ले और गैस साफ करके रसोई में पूछा भी लगा दिया था उसके काम से बहन निहाल हो उठी थी धीरे-धीरे वह उसकी मोहित होती गई। बच्चे सीधे थे बरामदे में बैठे रहते थे मेरी बच्चों के पुराने कपड़े पहन कर खुश होते टूटे-फूटे खिलौनों से खेलते और बचा कुचा खाना खाते हैं पार्वती मेरे घर के सारे कामों को मन लगाकर करती थी।
मेहमानों के आने पर वह घर के कामों के लिए ज्यादा समय देती वह भी उसका पूरा ध्यान रखती तीज त्योहारों पर वह बच्चों के लिए नए कपड़े बनवा देती थी पार्वती भी रीना के एहसान तले दबी रहती थी वीना को अपना आत्मीय समझता है अपने दिल की बातें कह दी थी थी दो छोटे-छोटे बच्चों को पालना आसान नहीं था। पार्वती ने धीरे-धीरे आसपास के कई घरों में काम पकड़ लिया था कहीं झाड़ू तो कहीं बर्तन तो कहीं खाना बनाना है देखती थी कैसे चिड़िया अपनी सोच में पानी भरकर सीधा अपने घोसले में रूकती है वैसी ही वह कहीं से कुछ मिलता तो सब इकट्ठा कर के बच्चों के लिए ले आती थी। कपड़े मिलते तो उन्हें काट पीट कर बच्चों की नाप के बनाकर पहना थी उसकी मेहनत से रीना बहुत प्रभावित हुई उसने अपनी पुरानी सिलाई मशीन उसे दे दी थी जिसे पाकर वह बहुत खुश थी पार्वती एक दिन महेश को लेकर आई थी। भाभी ने इसके साथ शादी करना चाहती हूं रीना उसे हिम्मत बांधते हुए बोली थी कि आदमी को अच्छी तरह जांच परख लेना कहीं पहले वाले की तरह दूसरा भी हाथ ना उठाने लगी है पार्वती ने खुशी-खुशी बताया था कि वह मेरे बच्चों को अपना आएगा। और वह पहले की तरह ही काम करती रहेगी आठ 10 दिन की छुट्टी लेकर चली गई थी रमेश को पता चला तो बोले गई भैंस पानी में वह तुम्हें धोखा दे गई। अब दूसरी ढूंढो इसके भी पर निकल आए हैं पार्वती अपने वादे की पक्की निकली वह 10 दिन बाद आ गई थी। परंतु यह क्या उसका तो रोज ही बदल गया था अब वह नई नवेली के रूप में थी लाल बड़ी सी बिंदिया उसके माथे पर सजी हुई थी फोटो पर गहरी लाल लिपस्टिक गोरे-गोरे पैर पायल बिछिया और महावर से सजे हुए थे हाथों में भर भर हाथ चूड़ियां और चटक लाल चमकीली साड़ी पहने हुए थी वह चेहरे पर शर्म की डाली थी रीना ने मजाकिया लहजे में उससे पूछा था। क्यों रे क्या मंडप से सीधे उठ कर चली आई है रमेश तो 1:00 तक उसको निहारते रह गए थे धीरे से बोली यह तो छम्मक छल्लो दिख रही है। वह तो बहुत खुश थी कि चलो इसके जीवन में खुशियों ने दस्तक तो दी जबकि आस-पड़ोस की महिलाओं को घोषित का एक नया विषय मिल गया था काश उस दिन मैसेज गुलाटी की बात रीना मान लेती उन्होंने उसे सावधान करते हुए कहा था।
इससे सावधान रहिएगा यह बच्चन औरत है इसके संबंध कई आदमियों से हैं शोभा जी ने नहले पर दहला मारा था यह बहुत बदमाश औरत है हम लोगों से साड़ी सूट मांग कर ले जाती है और अपनी झुग्गी पर जाते ही बेच देती है। रीना तल्खी से बोली थी इन बातों से उसे क्या मतलब है उसका काम है ठीक से करती है बस इतना काफी है। पार्वती ने अपने बच्चों के लिए ख्वाब पाल रखे थे दोनों बच्चों का स्कूल में नाम लिखा दिया था महेश से शादी के बाद बच्चों से उसका ध्यान बटने लगा था। वह बच्चों को स्कूल और ट्यूशन भेजकर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ बैठी थी। दोनों स्कूल जाने का बहाना करके इधर उधर घूमा करते थे बेटा दीप पान मसाला खाता पैसा चुराकर जुआ खेलता बेटी पूजा चाल के लड़कों से नजरें लड़ाती।
दोनों बच्चों की वजह से उसके और महेश के बीच अक्सर लड़ाई हो जाती महेश दे नकली चेहरा उतारकर खूब शराब पीने लगता था एक दिन वह पूजा को लेकर आई थी बोली यह दिन भर आपके पास रहेगी तो चार अच्छी बातें सीख लेगी पूजा को देखते हुए उसे काफी दिन हो गए थे वह जींस कुर्ती पहन कर आई थी। उसके कानों में बड़े-बड़े कुंडल थे वह स्वयं उस खूबसूरत परी को एकटक देखती रह गई थी वह हाथ में मोबाइल पकड़े हुए थे। उसका मोबाइल थोड़े-थोड़े अंतराल में बसता रहा। वह कमरे से बाहर जाकर देर देर तक बातें करती रही वह समझ गई थी कि पूजा का किसी के साथ चक्कर चल रहा है। उसने पार्वती को आने वाले खतरे के लिए आगाह कर दिया शायद वह भी उन बातों से वाकिफ थी उसने महेश की सहायता से आनन-फानन उसकी सगाई करवा दी थी पार्वती खुश होकर लड़के वालों के द्वारा दिया हुआ सोने का हार उसे दिखाने भी लाई थी।
उसने इशारों में उससे ₹10000 की फरियाद दी कर दी थी रमेश ने उनसे रुपए देने के लिए हां कर दी थी अम्मा जी के कान में भनक लग गई थी वेनाराज हो उठे थे क्योंकि उन्हें पार्वती फूटी आंख नहीं सुहाती थी जबकि सबसे ज्यादा काम वह उन्हीं का करती थी उनको रोज नहला धुला कर उनके कपड़े धोती थी उनके बाल बनाती थी। रोज उनके पैरों में मालिश किया करती थी उनकी नजर में वह बदचलन औरत थी काश उस समय वह उनकी बातों पर ध्यान दे देती तो आज उसे यह दिन ना देखना पड़ता तमीज और उसके डर से अम्माजी उसे भगा नहीं पाती थी वरना वे उसे 1 दिन ना रुकने देती कुछ ही दिनों में पता चला कि पूजा अपने प्रेमी के साथ बहस सोने का हार देखकर रफूचक्कर हो गई। पार्वती के रोने धोने के कारण महेश ने शादी के लिए जुड़े हुए रुपए लड़के वालों को देखकर किसी तरह मामले को ने बताया था। परंतु बिरादरी में वह उसकी बदनामी तो बहुत कर गई थी साल भर बाद जब पूजा के बेटी हुई तो भागती हुई सबसे पहले वह बेटी के पास पहुंची थी। यहां वहां भागकर चांदी के कड़े खरीद लाई थी और पांच 6 फ्रॉक भी खरीद लाई थी उसकी आवाज और चेहरे से खुशी छलक रही थी बोली थी भाभी हम नानी बन गए हैं वह है तो मेरी ही नातिन उसने पार्वती को ₹500 का नोट पकड़ा दिया था.
उसे याद आया था कि जब ईशा के बेटा हुआ था तो वह कितनी खुश हुई थी। रमेश ऑफिस से आ गया आ गए थे। उन्होंने उसे रुपए देते हुए देख लिया था वह बोले यह बहुत चालू है तुम्हें बेवकूफ बनाकर अपना मतलब सीधा करती है मैं बोल पड़ी थी रहने भी दीजिए जरूरत के समय वह हमेशा हाजिर रहती है यह नहीं देखते आप ठीक है। यह तुम्हारी दुनिया है जो ठीक समझो वह करो इधर महेश दूसरी औरत के चक्कर में पड़ गया था वह रोज शराब पीने लगा था। वह भी करते रात में आता और हंगामा करता अक्सर पार्वती पर हाथ भी उठाने लगा था पार्वती शुद्ध और अनमणि रहने लगी थी 1 दिन रमेश बीना से बोले थे। तुम्हारी छम्मक छल्लो आजकल चुपचाप रहती है शायद किसी परेशानी में है पूछ लो उससे यदि पैसों की जरूरत हो तो दे दो नहीं पैसे की बात नहीं है महेश और दीप दोनों शराब पीने लगे हैं महेश किसी दूसरी औरत के चक्कर में भी पड़ गया है। रमेश आचार्य से बोले थे इतनी सुंदर और सली केदार औरत होने के बावजूद वह दूसरी पर मुंह मार रहा है इधर काम पर आती थी उधर महेश की प्रेमिका उसके घर पर आ जाती थी धीरे-धीरे उसकी हिम्मत पड़ गई थी वह उसके घर में ही अपना हक जताने लगी थी यदि वह कोई शिकायत करती तो महेश पार्वती की पिटाई कर देता था। पार्वती किसी भी तरह अपने और महेश के रिश्ते को बचाना चाहती थी जब उसका नशा उतर जाता था।
तो वह पार्वती के पैरों में गिर कर माफी मांगने लगता था वह पिघल जाती थी यह सिलसिला काफी दिन से चल रहा था वह अपनी परेशानियों से मैं उलझी हुई थी। इधर दीप भी आवारा लड़कों के साथ चोरी जुआ शराब आदि का शौकीन बन गया था पार्वती के यहां वहां से पाए हुए पैसे वह चुपचाप गायब कर लेता था और महेश का नाम लगाकर घर में महाभारत मचवा देता था एक बार उसके नए मोबाइल को देखकर उसने पूछा था तो बोला हमारे मालिक ने हमें इसे ठीक करवाने के लिए दिया है। एक दिन अतीत के पन्ने रुपयों की गद्दी को देख उसका माथा ठनका था। परंतु दीप ने उसे पट्टी पढ़ाती थी वह भी ममता की मारी बुलावे में आ गई थी परंतु एक दिन वह चाल की एक लड़की को फुसलाकर ले भागा था। लड़की नाबालिक कि उसके पिता ने पुलिस में शिकायत कर दी पुलिस ने महेश और पार्वती को थाने में ले जाकर पिटाई की और 2 दिन के लिए बंद कर दिया था। चार-पांच दिन के अंदर पुलिस ने टीम को ढूंढ निकाला था। नाबालिक लड़की को भागने के जुर्म में 30 को जेल में बंद कर दिया था महेश की प्रेमिका माधुरी ने अपनी कोशिशों से महेश को छुड़ा लिया था।
पुलिस ने पार्वती को भी छोड़ दिया था अब महेश का घर उसके लिए पराया हो चुका था। उसकी साउथ माधुरी का हक महेश और उसके घर दोनों पर हो गया था पार्वती लुटी पिटी रीना के पास पहुंची थी। उसका रोना भी लगना देखकर उसका दिल निकला उठा था रमेश के लाख मना करने पर भी उसने पार्वती को घर पर रख लिया था। वह बहुत खुश थी रीना को पार्वती के घर पर रहने से बहुत आराम हो गया था वह उसके घर बाबा कार के सारे काम करती थी। उसको यहां रहते हुए लगभग 2 साल हो गए थे अक्सर में अपने बच्चों और महेश को याद करके आंसू बहाने लगती थी यह देख सीना का दिल पिघल उठता था। आज किसी पार्वती की वजह से उसके घर का सुख चैन लूट गया था शाम ढल चुकी थी। कमरे में अंधेरा छाया हुआ था उसे बिजली जलाने का भी होश नहीं था आज उसके जीवन में ही अंधकार छा गया था वह जब से यहां आई उसने मुंह में पानी की एक बूंद भी नहीं डाली आज वह बहुत अतिथि जीवन से निराश होकर उसका मन फूट-फूट कर रोने को हो रहा था।
रमेश की आवाज से वह वर्तमान में लौट आई थी पर उसे मोबाइल देकर वो ले लो तृषा का दो बार फोन आ चुका है कह रही है क्या बात है मां का फोन स्विच ऑफ आ रहा है। उनकी तबीयत तो ठीक है सुबह यहां से गई थी। तब तो बिल्कुल ठीक थी उनको फोन कीजिए फिर मुझसे बात करें गुड़िया बहुत रो रही है रीना की हेलो बोलते ही तृषा गीत कर बोली थी। क्यों मां बापा मिल गई तो मुझे और मेरी गुड़िया सबको भूल गई कम से कम पहुंचने की खबर तो दे देती रीना अपनी बेटी को शांति दे यथासंभव अपनी आवाज को सामान्य करती हुई बोली थी ना बेटा फ्लाइट में फोन बंद किया था और उसे ऑन करना ही भूल गई थी गुड़िया को गिनती पिला दो और उसके पेट पर ही मार दो पेट दर्द से रो रही होगी। उसने फोन काट दिया था। सामने खड़े रमेश का मुंह उतरा हुआ था वे हाथ जोड़कर उससे बेटी को कुछ ना बताने और कान पकड़कर माफी का इशारा कर रहे थे रीना कशमकश में थी क्या उसका और रमेश का इतना पुराना रिश्ता पल भर में टूट जाएगा। वह सिर पर हाथ रखकर चिंतित मुद्रा में ही बैठी थी हमें अपने अनगढ़ हाथों से सैंडविच और दूध बना कर लाए थे ना तुम मुझे जो चाहे वह सजा दे दो। लेकिन प्लीज पहले यह सैंडविच खा लो रीना को याद आया कि रमेश तो डायबिटिक है प्ले कई घंटों से उन्होंने कुछ नहीं खाया।
रमेश बोले थे उन्हें दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था आज सुबह से मेरे सिर में बहुत दर्द भी हो रहा था। इसलिए नाश्ता भी नहीं किया अब रीना ने सिर उठाकर रमेश पर भरपूर ने घर डाली तो वे काफी कमजोर देख रहे थे। उनका मासूम चेहरा डरे हुए बच्चे की तरह लग रहा था सब कुछ भूल कर उसका दिल कसक उठा था यदि रमेश को कुछ हो गया। तो उसने चुपचाप सैंडविच उठा ली थी रमेश ने सिर झुकाकर सैंडविच और दूध पी लिया था रात दिन मजाक करने वाले हंस और रमेश को चुप और गुमसुम देख उसे अटपटा लग रहा था परंतु आज वह मन ही मन एक निश्चय कर चुकी थी। वह आहिस्ता आहिस्ता अलमारी से अपना सामान हटाकर दूसरे बेडरूम में ले जा रही थी वह रमेश की परछाई से भी इस समय दूर जाना चाह रही थी। रमेश जी उदास और पनीर की आंखें चारों तरफ उसका पीछा कर रही थी ना दुनिया में बिल्कुल अकेली हो चुकी थी। जहां कोई ऐसा नहीं था जिससे वह अपने दर्द को कहकर अपना मन हल्का कर सके उसे घुटन महसूस हो रही थी। उसको अपनी दुनिया सुनी और वीरान लग रही थी पीछे से रमेश की धीमी सी आवाज उसके कानों में पड़ी थी। यार तुम्हारे बिना मेरा टाइम पास कैसे होगा आज उस के बढ़ते कदम नहीं रुके थे वह रमेश को अनदेखा करके दूसरे बेडरूम की ओर चल पड़ी थी
धर्म प्रचारकों का शब्द जाल- प्रचारकों का विशेष गुण
लच्छेदार भाषा का प्रयोग करना किसी भी धर्म के प्रचारकों का विशेष गुण हैं और उनके सारे प्रवचनों का अंत दान दक्षिणा पर होता है। चाहे वह आशाराम बापू हो, कथा वाचक सुरेंद्र विहारी गोस्वामी या कोई और। सबसे पहले ये लोग खास तोड़ पर हिन्दू धर्म की औरतों को शिकार बनाते है वो दूसरी बात है कि कई मुर्ख पुरुष भी उनके भरम जाल में फंस जाते है।
भीड़ में ज्ञान दिया था कि व्यक्तित्व मैं निखार तब आता है जब भक्ति की लहरें आने लगे, वरना व्यक्तित्व का सागर थमा रहता है। यह कैसा तर्क है? हमारा व्यक्तित्व हमारी बोलचाल हमारी बुद्धि, हमारे व्यवहार, हमारे गुणों पर निर्भर है। भक्ति और वह भी राधा व उसकी सहेलियों जैसी जो कृष्ण की बांसुरी की तान सुनकर सब काम छोड़ कर उसे निहारने के लिए दौड़ पड़े किस काम की। भक्ति का प्रपंच तो तथाकथित भगवान के बिचौलियों को खुश करने के लिए रचा जाता था। इसलिए कथा वाचक भक्ति को परमात्मा से और गुरु को परमात्मा का रूप सिद्ध करने में लगे रहते हैं। शब्द जाल का कमाल देखिए कि कथा वाचक चेतन और जड़ता का अंतर ही समाप्त कर देते हैं। चेतन का अर्थ है जो चैता हुआ है और जब वह चेता हुआ है तो जड़ से कैसे हुआ।
जड़ कोई कैसे हो सकता है जड़ होगा तो वाचक की कथा सुनने के लिए कैसे आएगा। कथा में जो लोग मौजूद होते हैं उन में पैसे वाले भी होते हैं, बड़े विश्वास से कह दिया जाता है कि भक्ति से आत्मा परमात्मा से मिल जाती है। अगर उन कथावाचकओं के अनुसार परमात्मा कण कण में मौजूद है तो किस की आत्मा में परमात्मा नहीं है। मैं कथा सुनकर परमात्मा के निकट आए, व कथा सुनकर परमात्मा के निकट आए यह शब्द जाल भ्रम फैलाने के लिए है। इसका उद्देश्य है कि परमात्मा के एजेंट गुरु को परमात्मा मानो उसे दान दो, उसकी तन- मन- धन से सेवा करो।
मजेदार बात यह है कि मंदिरों जहां इस प्रकार के ज्ञान का प्रवाह होता है वहां परमात्मा विराजे रहते हैं। मध्यप्रदेश के मुलताई के जगदीश मंदिर का एक विवाद 2007 से चल रहा है वहां मूर्तियों के आगे पेश या नहीं चल नहीं होती। अदालत में होती हैं विवाद मंदिर की जमीन को लेकर है पर ज्ञान से सराबोर गुरु और उनके समक्ष परमात्मा फैसला नहीं कर पा रहे, फैसला आम आदमी से जज बने न्यायधीश कर रहे हैं। क्या यही शक्ति है भक्ति है?
समलैंगिकता: दुनिया की बदलती सोच
अमेरिका में समलैंगिक विवाह को सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ही नहीं मिल गई। उसके पीछे अमेरिका की बदलती सोच है, अमेरिका कहने को तो सदा ही नए सितारों का स्वागत करता रहा है और वहां पुरातन की कमी ना थी जो चर्च की महत्ता अमेरिका के अधिकार गर्भपात पर पाबंदी समलैंगिकों को सामाजिक नासूर अपराधी मानना जैसी विचारधारा ऊपर विश्वास रखते थे।
अमेरिका की पूंजीवादी व्यवस्था का परिणाम रहा है और अमेरिकी सोचते रहे हैं कि उनके देश की प्रगति पूंजीवाद के कारण हुई है। पिछले 15 सालों में अमेरिका की सोच में फर्क आ रहा है सामाजिक व आर्थिक मुद्दों पर अमेरिका अब अति पूंजीवादी नीति का समर्थन करने में कतरा ने लगा है। अमेरिका में गे प्राइड उत्सव, समलैंगिक विवाह, लिव इन रिलेशनशिप, विदेशियों को जगह देने के बारे में कट्टरता कम हो रही है।
अमेरिका में एक सर्वे के अनुसार कट्टरपंथियों की गिनती 39% से घटकर 31 प्रतिशत रह गई है और उदार बनती वामपंथियों की संख्या पूरी जनता के 21% से बढ़कर 32% हो गई है, यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि अब अमेरिका की नीतियों का बदलाव दिखने लगा है अमेरिका ने अपनी आर्थिक प्रगति की ने को एक तरह से इंग्लैंड की कट्टरता के विरुद्ध उदार चेहरे के तौर पर पेश किया था। अमेरिका ने व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं को संविधान का होते हुए कट्टरपंथी भी बनाने लगा था जब दुनिया के दूसरे देशों में स्वतंत्रताए मिलने लगी तो अमेरिका का संवैधानिक ढांचा वोट के जरिए शासकों को चुना जाना न्यायपालिका प्रेस की स्वतंत्रता के ज्यादा माने नहीं रहे और कई मामलों में पिछली सदी के अंतिम दशकों में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन रोनाल्ड रिगन जॉर्ज बुश आदि की छत्रछाया में कट्टरपंथी फले फूले वर्ष 2008 के स्टॉक मार्केट गुब्बारे के फूटने के बाद अमेरिका को एहसास हुआ कि पूंजीवाद बेलगाम हो रहा है और सक्रिय होना जरूरी है वरना 1% लोग 99% पर कब्जा ही नहीं करेंगे उन्हें लूट भी लेंगे भारत में कट्टरपंथियों को हमेशा जगह मिलती रही है।
इंदिरा गांधी गरीबी हटाओ और समाजवाद के नारों के बावजूद कट्टरपंथी समाज को यथावत रखने के पक्ष में थी बाद में मंडल आयोग के आने के कारण राजनीति में आए नेताओं ने एक कट्टरपंथी सोच को दूसरी कट्टरपंथी सोच में बदलाव था मूलभूत सोच अभी वही ही है दहेज कन्या भ्रूण हत्या किसानों की जमीन हथियाना विचारों पर धार्मिक संस्थाओं के अंकुश का समर्थन ऑनर किलिंग बढ़ता जमीन संघर्ष उसी कट्टरपंथी सोच का नतीजा है। पिछड़े दबे कुचले गरीबों के मसीहा कम्युनिस्ट ममता बनर्जी, लालू प्रसाद यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव और राहुल गाँधी एक कट्टर सोच को दूसरी कट्टर सोच से हटाने मात्र का नाटक कर रहे है और इसलिए आज अति कट्टरपंथी हावी हो रहे हैं। यह असल में विस्फोटक स्थिति है। डकैती खुले विचारों की जमीन पर हो सकती है। पथरीली जमीन पर पेड़ नहीं उगते अमेरिका एक राह दिखा रहा है दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र क्या सर्वशक्तिमान लोकतंत्र से कुछ दिखेगा।
शुक्रवार, 4 सितंबर 2020
गौतम बुध नगर: 24 घंटे में दो हत्या व ताबड़तोड़ लूट से थर्राया जिला
गौतमबुद्ध नगर में पिछले 24 घंटे में हुई दो हत्या व लूट की ताबड़तोड़ वारदात ने पूरी जिले को हिला कर रख दिया है। लगातार हो रही घटनाओं का पर्दाफाश करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। बुधवार सुबह नौ बजे शुरू हुई घटनाएं बृहस्पतिवार सुबह तक हुई। काले रंग की पल्सर सवार बदमाश पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए है। नोएडा में छात्र से कार लूट के मामले में आशु गिरोह पर फिर से पुलिस की निगाह टेढ़ी हो गई है। वहीं जेवर में हुई हत्या का पर्दाफाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई है। हत्या के संबंध में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से बात कर स्वजन को आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया है। आलाधिकारियों का दावा है कि जिन घटनाओं का पर्दाफाश नहीं हुआ है उसके आरोपित जल्द ही पुलिस गिरफ्त में होंगे।
किसान नेता की गोली मारकर हत्या
जेवर कोतवाली क्षेत्र के गांव नीमका में बुधवार रात पुरानी रंजिश के चलते किसान नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक जेवर विधायक के करीबी था। हत्या के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। पोस्टमार्टम होने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें जेवर विधायक धीरेंद्र भी शामिल हुए। पुलिस ने बताया कि युवा किसान नेता 32 वर्षीय प्रदीप के फोन पर बुधवार शाम को गांव के ही लारेंस ने फोन किया। उन्हें गांव के बाहर स्थित एक ढाबे पर आने के लिए कहा। कुछ देर बाद प्रदीप वहां पहुंच गए। ढाबे पर पहले से ही साजिश के तहत लारेंस, आकाश, विपिन, चमन सिंह व उमेश उनका इंतजार कर रहे थे। प्रदीप के ढाबे पर पहुंचते ही आरोपित उसे जंगल की तरफ ले गए। वहां प्रदीप के सिर व सीने पर दो गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों के साथ स्वजन घटनास्थल पर पहुंच गए। स्वजन की शिकायत पर दस लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया है कि प्रदीप जेवर विधायक के करीबी थे।
जिद्दी इकलौती युवती के लिए चलाई राजधानी एक्सप्रेस,
ट्रेन में अनन्या इकलौती सवारी थी। 930 यात्रियों में 929 को रेलवे डालटनगंज से बसों से गंतव्य की ओर पहले ही रवाना कर चुकी थी। संभवत: रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सवारी को छोड़ने के लिए राजधानी एक्सप्रेस ने 535 किलोमीटर की दूरी तय की। डालटनगंज रेलवे स्टेशन के प्रबंधक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि वह मुगलसराय से रांची के लिए नई दिल्ली रांची स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस में सवार हुई थी। अनन्या ट्रेन की बी-3 कोच में सवार थी। 51 नंबर सीट पर बैठी थी। अनन्या रांची के एचइसी कालोनी की रहने वाली हैं। वह बीएचयू में एलएलबी की पढ़ाई करती हैं।
जाऊंगी तो राजधानी एक्सप्रेस से ही। यदि बस से जाना होता तो ट्रेन का टिकट क्यों लेती। बस से सफर कर रांची आती। टिकट राजधानी एक्सप्रेस का है तो इसी से जाऊंगी। टाना भगतों के आंदोलन से डालटनगंज स्टेशन पर फंसी राजधानी एक्सप्रेस में सवार अनन्या ने यह जिद पकड़ ली तो रेलवे अधिकारी भी परेशान हो गए। क्या करें, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था। अंत में जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा। राजधानी एक्सप्रेस शाम करीब चार बजे डालटनगंज से वापस गया ले जाकर गोमो और बोकारो होते हुए रांची के लिए रवाना करनी पड़ी। रात करीब 1.45 बजे ट्रेन रांची रेलवे स्टेशन पहुंची।
सज्जन कुमार को SC से नहीं मिली राहत
1984 में हुए दिल्ली सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद और दिल्ली के दिग्गज नेता सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। शुक्रवार को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि सज्जन कुमार की मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय उनके अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है, और इसलिए उन्हें अस्पताल में नहीं रहना चाहिए। पूर्वी दिल्ली स्थित मंंडोली जेल में सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत की गुहार लगाई थी।यहां पर बता दें कि दिल्ली से लोकसभा सांसद रह चुके कांग्रेस नेता सज्जन कुमार पर हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का आरोप था। पिछले साल दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके बाद से वह मंडोली जेल में सजा भुगत रहे हैं।