शनिवार, 12 सितंबर 2020

संस्कार !

वंश परंपरा बनाएं रखने के लिए व्यास जी ने गांधारी तथा कुंती दोनों को वर मांगने के लिए कहा। गांधारी ने 100 पराक्रमी पुत्र मांगे। किंतु कुंती ने पांच वीर और संस्कारी पुत्र मांगे। इतिहास साक्षी है कि सौ पुत्रों का पालन करने में समर्थ गांधारी, उनमे संस्कार ना बैठा सकी। निर्वाह के लिए परेशान रहकर भी कुंती पांच पुत्रों को संस्कार देने में सफल रही। गांधारी के सौ पुत्र मारे गए किंतु कुंती के पांच पुत्रों का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया। 


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