शनिवार, 12 सितंबर 2020

मधुमक्खी और तितली

मधुमक्खी और तितली एक ही पेड़ पर निवास किया करती थी। अक्सर वाटिका में फूलों के पास ही दोनों मिल जाती। एक दूसरे की कुशल पूछती और अपने काम पर लग जाती है। बरसात आ गई लगातार बारिश होने लगी थी, तितली उदास बैठी थी मधुमक्खी ने पूछा बहन क्या बात है ऐसे सुंदर मौसम में उदासी कैसी। तितली बोली मौसम की सुंदरता से पेट की भूख अधिक प्रभावित कर रही है। बरसात के कारण कहीं भोजन लेने जा नहीं सकती, इसलिए परेशान हु, मधुमक्खी बोली बहन ऐसे समय के लिए कुछ बचत क्यों नहीं की। कल की बात ना सोचने वाली यूं ही परेशान होते हैं। ऐसा समझा कर मधुमक्खी ने संचित कोष में से तितली की भी भूख शांत की। 


कोई टिप्पणी नहीं:

NOIDA DARPAN INDEPENDENCE DAY WISHES