गुरुवार, 7 जनवरी 2021

शाम होते ही शराब की दुकान पर भीड़ लग जाती है, कपड़ों में छिपाकर ट्रॉलियों में बोतल ले जाते हैं किसान

टीकरी बॉर्डर पर शाम होते ही शराब के ठेके पर भीड़ लग जाती है। ग्राहकों में ज्यादातर लोग आंदोलन में शामिल किसान हैं। इनमें युवा भी हैं और बुजुर्ग भी। लोग शराब खरीदते हैं। डिब्बा वही फेंकते हैं और बोतल को कपड़ों में रखकर अपनी ट्रॉलियों की तरफ बढ़ जाते हैं।

अरे एक बोतल दे दो, दे जाऊंगा पैसे। अरे मना ना करो, दे दो, अब तो हम यहां बस ही गए हैं, कहां जाएंगे, दे देंगे पैसे'। उधार शराब मांग रहे एक आंदोलनकारी किसान की गुहार को शराब बेचने वाले ने एक-दो बार अनसुना कर दिया। फिर एक बोतल निकाल कर हाथ में दे दी। किसान बोतल कुर्ते में रखकर चला गया। दुकानदार ने बताया, 'ये सामने ही ट्रॉली में रहते हैं, दे जाएंगे पैसे। एक दो बार पहले भी उधार ली है, फिर पैसे दे गए हैं।'


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