सोमवार, 31 अगस्त 2026

'महिलाओं के घर से बाहर निकलने से तबाही...': केरलम में मौलवी

केरलम में वरिष्ठ धर्मगुरु कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के महिलाओं के सार्वजनिक स्थानों पर जाने को लेकर दिए गए बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है। 95 वर्षीय मौलवी ने पर्दा प्रथा का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं को घर तक ही सीमित रहना चाहिए। उनके इस बयान की माकपा और भाजपा नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। बयान के बाद महिलाओं के अधिकार, धार्मिक निर्देश और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है।

केरलम की महिला एवं बाल विकास मंत्री बिंदु कृष्णा और वरिष्ठ माकपा नेता पी.के. श्रीमती ने सोमवार को मौलवी कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की इस टिप्पणी की आलोचना की कि महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए।

रविवार को कोच्चि में एक इस्लामी सम्मेलन में कंथापुरम ने कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से भारी तबाही होगी और इस्लाम में इसे रोकने के वास्ते महिलाओं के लिए पर्दा करने का नियम है।उन्होंने कहा था, ‘इस बात को ध्यान में रखते हुए कि महिलाओं को इस तरह सार्वजनिक मंचों पर लाने से तबाही मचेगी, इस्लाम ने महिलाओं के लिए पर्दा अनिवार्य किया है। कुरान में कहा गया है कि महिलाओं को अपने घरों के भीतर ही रहना चाहिए और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना चाहिए।

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