बिहार चुनाव के नतीजे आ गए हैं। हमेशा छोटे भाई की भूमिका में रही भाजपा इस बार बड़ा भाई बन गई। हालांकि, भाजपा इस बार भी छोटा भाई ही रह जाती अगर खुद को मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान एनडीए से अलग होकर चुनाव न लड़ते। चिराग की पार्टी लोजपा ने जदयू को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। या इसे यूं कहें कि मोदी के हनुमान ने जदयू की सीटों को बढ़ने से रोक दिया। जिस तरह लोजपा ने जदयू को नुकसान पहुंचाया, उसी तरह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने महागठबंधन का गेम बिगाड़ा। आइए समझते हैं कैसे लोजपा ने NDA को 150+ पहुंचने से रोका और कैसे ओवैसी की पार्टी ने तेजस्वी यादव के सीएम बनने के सपने को तोड़ दिया?
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