शुक्रवार, 12 जून 2020

चीफ सेक्रेटरीज पेशेंट मैनेजमेंट सिस्टम का जायजा लें और इस पर रिपोर्ट सौंपें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मरीजों के इलाज में लापरवाही और लाशों के साथ हो रहे सलूक के मामले में शुक्रवार को सख्त बातें कहीं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा- ‘अगर लाशें कचरे के ढेर में मिल रही हैं तो इंसानों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जा रहा है।’ जस्टिस एमआर शाह ने कहा- लाशें किस तरह से रखी जा रही हैं? ये क्या हो रहा है? अगर लाशों के साथ ऐसा सलूक हो रहा है, अगर लाशें कचरे के ढेर में मिल रही हैं तो यह इंसानों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक है।



सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र की गाइडलाइंस को नहीं अपनाया जा रहा। दिल्ली में तो डरा देने वाली स्थिति है। हालात ऐसे हैं कि तरस आता है। देश की राजधानी में जिस तरीके से कोरोना से निपटा जा रहा है, उसमें दिक्कतें हैं। बेंच ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में शवों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया जा रहा। यहां तक कि मरीज की मौत के बारे में परिवार के लोगों को भी नहीं बताया जा रहा। कुछ मामलों में तो परिवार के लोगों को अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होने दिया जा रहा। 


बेंच ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि सरकारी अस्पतालों में बेड खाली हैं, जबकि कोराेना के मरीज अस्पतालों में भर्ती होने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।


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