नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई सेवाएं जैसे पानी के बिल, भवन निर्माण नक्शा पास कराना, कंपलीशन सर्टिफिकेट आदि सुविधाएं ऑनलाइन कर दी गई है। बावजूद इसके नक्शा पास कराने से लेकर कंप्लीशन कराना एक टेढ़ी खीर है।
कहने के लिए तो यह सब ऑनलाइन कर दिया है, लेकिन विभाग में कुछ ऐसे कर्मचारी तैनात हैं जो छोटी-छोटी कमियां निकाल कर आवंटियों को केवल इसलिए परेशान करते हैं ताकि उनसे कुछ पैसा खाया जा सके। नोएडा दर्पण के सामने कई ऐसे मामले आए हैं जिसमें कार्यालय सहायक (L 1 ) लेवल पर आवंटियों के निर्माण में तमाम कमियां निकाली जाती हैं और आर्किटेक्ट के माध्यम पर रिश्वत देने का दबाव डाला जाता है। नक्शा 'पास' कराना या 'कंपलीशन सर्टिफिकेट' दोनों में ही 'आर्किटेक्ट' की अहम भूमिका होती है और लेन-देन केवल उसी के मार्फ़त होता है और बिना लिए किसी का भी काम इस विभाग में नहीं होता है, जो लोग रिश्वत नहीं देते उनके कामों में तमाम खामियां निकालकर महीनों फाइलें अटकी रहती हैं। विभाग के कर्मचारी उन पर निर्माण को तोड़ने अथवा भारी पेनल्टी लगाने की धमकी देकर रिश्वत देने के लिए विवश करते हैं। गौरतलब है कि प्राधिकरण में यह केवल दशकों से चल रहा है
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