नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने कोरोनावायरस का बहाना लेकर पार्टी अध्यक्ष पद चुनाव को तो 3 महीनों के लिए टाल दिये है, लेकिन कार्य समिति में कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने बंगाल में चुनाव पूर्व किए गए गठबंधन पर सवाल उठाए हैं। हालांकि कार्यसमिति की इस बैठक में अध्यक्ष के चुनावों को टालने के लिए कोई मतभेद नहीं दिखा।
कार्य समिति की बैठक में हरियाणा प्रदेश से दो बार विधानसभा चुनाव और एक संसदीय चुनाव में बुरी तरह से हारने वाले तथा फिलहाल कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सूरजवाला ने दलील दी कि चुनावों को अनंत काल के लिए नहीं बल्कि एक-दो महीनों के लिए ही टाला गया है तथा हार की समीक्षा के लिए 48 घंटे में समिति का गठन किया जाएगा।
कार्य समिति की इस बैठक में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व महासचिव गुलाम नबी आजाद ने बंगाल चुनावों सहित पांच राज्यों में हुए चुनाव पर कांग्रेस के घटिया प्रदर्शन के साथ-साथ चुनाव पूर्व किए गए गठबंधन के राहुल गांधी के फैसले पर सवाल उठाया। व कई तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का आईएसएफ व् वामपंथियों से गठबंधन से जनता में गलत संदेश गया, जिसके कारण कांग्रेस बंगाल में एक भी सीट नहीं जीत पाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने आजाद का समर्थन किया व आत्मचिंतन को कांग्रेस की संस्कृति बताया। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने G23 पर राहुल की टिप्पणी की सराहना करते हुए पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता व्यक्त की।

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