यह दंपती हैं : अनिर्वाण नंदी और उनकी पत्नी पौलमी चाकी नंदी। अनिर्वाण IIT खड़गपुर में सीनियर रिसर्च फेलो हैं और पौलमी सोशल साइंस और इकोनॉमी में रिसर्च एसोसिएट हैं। फिलहाल कॉलेज बंद होने की वजह से यह दोनों अपने घर पर रह रहे हैं।बागानों और गांवों के बच्चों को महज दस रुपए में ट्यूशन पढ़ाने और मोबाइल लाइब्रेरी के जरिए किताबें उधार देने के साथ ही यह लोग महिलाओं, मजदूरों और युवतियों में फ्री सैनेटरी पैड भी बांट रहे हैं।
गुरुवार, 3 दिसंबर 2020
पति-पत्नी मिलकर गरीब बच्चों को 10 रु में ट्यूशन पढ़ाते है, और महिलाओं को फ्री में सैनेटरी पैड बांटते हैं
पश्चिम बंगाल। कोरोना की वजह से महीनों चले लॉकडाउन ने यहां के लोगो की हालात और बदतर बना दी हैं। बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।काम करने वाले लंबे अरसे से जीवन की मौलिक सुविधाओं से भी वंचित हैं। कई चाय बागान बंद पड़े हैं। इस बीच यहां के रहने वाले एक दंपती ने नई पहल की है।
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