दिल्ली में आप के उदय से पहले अधिकतर मुस्लिम वोटर कांग्रेस को ही वोट करते थे। साल 2013 के चुनाव भी मुस्लिम वोटरों का रुझान कांग्रेस में रहा लेकिन 2015 के विधानसभा चुनाव में वह आप की ओर मुड़ गया। वैसे यह ऐसा चुनाव था, जिसमें पूरी दिल्ली ने ही आप को वोट दिया। पिछले साल लोकसभा के चुनाव में मुस्लिम वोटर एक बार फिर से कांग्रेस की ओर लौट गया। इसके चलते ही लोकसभा की सात लोकसभा सीटों में से पांच पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर आई और आप ओवरऑल तीसरे नंबर पर खिसक आई। इस चुनाव में कांग्रेस जिन दो लोकसभा सीटों पर दो नंबर पर रही, वह साउथ दिल्ली व नॉर्थ वेस्ट सीट है। इन सीटों पर मुस्लिम आबादी अन्य सीटों की अपेक्षा कम है।
माना गया कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मुस्लिमों का नौ प्रतिशत वोट पड़ा। इस चुनाव में आप व कांग्रेस ने पांच-पांच मुस्लिम वोटर उतारे हैं। वैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में इस बार आप व कांग्रेस दोनों का दबदबा नजर आ रहा है। लेकिन अगर इस चुनाव में मुस्लिम वोटर लोकसभा चुनाव की तरह कांग्रेस को पड़ गए तो नतीजे बेहद चौंकाने वाले हो सकते हैं। वैसे इस चुनाव में मुस्लिम वोटरों का रूझान आप की ओर दिख रहा है।
शनिवार, 8 फ़रवरी 2020
आप की ओर लौटेगा या कांग्रेस में रहेगा मुसलमान?
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