रविवार, 11 अप्रैल 2021

'मृत्यु नहीं, कांग्रेस नेतृत्व ने की रामकृष्ण द्विवेदी की हत्या'

लखनऊ। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी को जीवन के अंतिम दौर में पार्टी से निष्कासित किया जाना जैसे कांग्रेस के लिए कलंक बन गया। पहली पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते वरिष्ठ कांग्रेसी न सिर्फ भावुक हो गए बल्कि अपनी ही पार्टी के प्रति आक्रोश भी बाहर निकाला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि द्विवेदी जी की मृत्यु नहीं हुई थी बल्कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी हत्या की राजधानी स्थिति प्रेस क्लब सभागार में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर प्रदेश कांग्रेस की दशा पर चिंतन करने पर पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी सहित वरिष्ठ कर कांग्रेसियों को पार्टी से निकाल दिया गया। वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। जिससे उनकी जान चली गई। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व उनकी हत्या का दोषी है। अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद संतोष सिंह ने कहा कि प्रदेश की जिम्मेदारी संभाल रहे छुटभैया नेता इस स्थिति में नहीं थे। जो दिवेदी जी जैसे बड़े नेता के साथ गलत कर पाते। उनके हत्या का दोषी केंद्रीय नेतृत्व है। लगातार 10 वर्ष तक प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन रहे रामकृष्ण द्विवेदी ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को भी पत्र लिखे लेकिन उन्हें मिलने का समय तक नहीं दिया गया। संतोष सिंह ने कहा कि पार्टी में अब नेता नीति और नियत का अभाव है। दूसरों को अलोकतांत्रिक कहने वाली कांग्रेस में ही लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है। कार्यक्रम को प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष सतीश आजमानी, प्रदेश प्रवक्ता विजेंद्र कुमार सिंह, पूर्व विधायक नेक चंद पांडे, विनोद चौधरी, डॉ. सीपी भारती, अवधेश सिंह, पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी आदि ने संबोधित किया। 

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