बुधवार, 23 दिसंबर 2020

अवैध वसूली में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए

नोएडा। मध्य प्रदेश सरकार ने सब इंस्पेक्टर राशिद क्लोज, पंकज साहू और सिपाही आसिफ खान तीनों को बर्खास्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को इस संबंध में एमपी सरकार की ओर से एक ट्वीट भी किया गया। जल्द ही एक टीम नाडा कर पूरे प्रकरण की जांच करेगी और सरकार को रिपोर्ट सौंप देगी। 

उधर नोएडा पुलिस ने पिस्टल लूट के मामले में मेरठ और उत्तराखंड में डेरा डाल दिया है। कुछ दिनों पहले आरोपियों की लोकेशन मेरठ और फिर उत्तराखंड में मिली है। पोंजी स्कीम मामले की जांच करने आए मध्यप्रदेश के दो सब इंस्पेक्टरों से 18 दिसंबर को गाजियाबाद निवासी मनोज तिवारी ने चार साथियों संग मिलकर सर्विस पिस्टल लूट ली थी, सब इंस्पेक्टरों ने नोएडा पुलिस से शिकायत की जांच की गई तो मामला कुछ और ही निकला पुलिसकर्मी ही पोंजी स्कीम के 2870  रुपए हड़प चुके थे। करीब ₹800000 और पढ़ने की तैयारी की जा रही थी पोंजी स्कीम संचालक सूर्यभान के दोस्त मनोज ने इस पर ऐतराज जताया था। इसी बात पर सेक्टर 58 में मारपीट तक हो गई थी। वहीं पिस्टल लूट की वारदात हुई थी। अब पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। अंदेशा है कि कुछ आरोपी उत्तराखंड में छिपे हैं आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस में कुछ लोगों से पूछताछ भी की है। संरक्षण देने में मनोज का भाई गिरफ्तार पिस्टल लूट के आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस ने मनोज तिवारी के भाई का आशीर्वाद निवासी संतोष तिवारी को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सर्विस पिस्टल बरामद की जाए। विवेचक ऊपर नजर एमपी पुलिस जैसी गड़बड़ी ना कर बैठे। नोएडा मध्य प्रदेश की पुलिस द्वारा जांच करने के नाम पर अवैध वसूली के मामले को कमिश्नरेट पुलिस ने गंभीरता से लिया है आला अधिकारियों ने डीसीपी और एडीसीपी वाईसीपी को निर्देश दिए हैं कि आर्थिक मामलों से जुड़े इसकी जांच कर रहे अधीनस्थ अफसर व कर्मचारियों पर नजर रखें आला अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को सेक्टर 108 में हुई बैठक में यह मुद्दा उठा था। इतने पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नोएडा में भी धोखाधड़ी के मामलों की भरमार है ऐसे में सतर्कता बरतनी जरूरी है अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी पर संदेश है तो जांच अधिकारी बदला जाए अधिकारियों को चिंता है कि कहीं एमपी पुलिस जैसी कोई गड़बड़ी यहां ना हो जाए। 

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