बुधवार, 23 दिसंबर 2020

निलंबित आईपीएस अनंत देव खिलाफ विजिलेंस जांच

लीपापोती के लिए होती है विजिलेंस जांच 

पुलिस वाला ही पुलिस वालों की जांच करेगा 

निलंबित आईपीएस के खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश कानपुर विकरु कांड में निलंबित आईपीएस अनंत देव की मुश्किलें बढ़ना तय है। एसआईटी ने उनके खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश की है हालांकि अभी शासन में कार्रवाई की संबंध में कोई निर्देश नहीं आया है। आईपीएस अनंत देव पर विकास दुबे और जय बाजपेई से सांठगांठ और से देने के अलावा विभागीय कार्य शैली में लापरवाही बरतने का आरोप है। 

शहर के एक बड़े पुलिस अफसर ने बताया कि एसआईटी ने जांच के दौरान अनंत देश के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इसके आधार पर शासन से विजिलेंस जांच की सिफारिश की गई है सूत्रों के मुताबिक कानपुर में तैनाती के दौरान अनंत देव ने भ्रष्टाचार किया। शुरुआती तथ्य एसआईटी ने उपलब्ध कराए हैं वही लोगों का कहना है कि अनंत देव की माफियाओं से मिली भगत जग जाहिर है शासन को अगर कोई कार्यवाही दी थी करनी थी तो पहले इन पर आयकर के छापे पड़ पाए जाते और उनकी  प्रॉपर्टी देखी जाती। उसी से मालूम चल जाता की अनंत देव बेईमान पुलिस अधिकारी हैं। विजिलेंस जांच एक दिखावा है एक जूनियर अधिकारी अपने ही विभाग के आईपीएस के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर पाएगा, मौजूदा सरकार के कुछ नेता और अधिकारी अनंत देव को बचाना चाहते हैं इसलिए जांच का ढोंग किया जा रहा है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट में ...