मेरठ। भोला की झाल स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के चालन और रखरखाव करने वाले प्रतिभा इंडस्ट्रीज के दिवालिया होने के बाद 35 करोड़ रूपये के जीएसटी बकाया का मामला भी सामने आया है। फर्म ने जीएसटी समेत अन्य देयकों से बचने के लिए टीएल इंफ़्रा नाम की नई फर्म बनाकर लेनदेन शुरू कर दिया। सवाल उठता है कि जल निगम घोटालेबाज फर्म से प्लांट का संचालन क्यों करा रहा है ? जब कंपनी ने फर्म का नाम बदला था तब जल निगम ने इसकी जानकारी नगर निगम को नहीं दी। नगर निगम से प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए हर तीन माह में मिलने वाले 81 लाख रूपये का भुगतान नियम विरुद्ध टीएल इंफ़्रा को किया जाता रहा। नगर निगम के मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने इस संबंध में नगर आयुक्त मनीष बंसल को भेजे पत्र से हड़कंप मच गया।
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