डीजीपी से उन्होंने सुरक्षा की गुहार
इंस्पेक्टर ने आरोपों को झूठा बताया
नित नये कारनामो के लिए प्रसिद्द उप पुलिस का एक नया मामला सामने आया है, गाजियाबाद जिले में तैनात रहे डिप्टी एसपी ने एक इंस्पेक्टर से खुद की जान का खतरा बताया मुख्यमंत्री और डीजीपी से उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाई है।
एसएसपी से भी शिकायत की। तथा आरोप है कि उन्होंने बात सुनने बगैर कॉल काट दिया। वही इंस्पेक्टर ने आरोपों को झूठा बताते हुए मानहानि का दावा करने की बात है।
कानपुर के विक्रम कांड में शहीद डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा ने भी अपने अधीनस्थ इंस्पेक्टर पर ऐसा ही आरोप लगाया था। अभी महोबा में तैनात डिप्टी एसपी राजकुमार पांडे पहले लोनी के सीओ थे। एक ऑडियो बुधवार को वायरल हुआ उसमें आवाज डिप्टी एसपी राजकुमार पांडे की बताई जा रही है। डिप्टी एसपी कह रहे हैं कि इस्पेक्टर विजेंद्र सिंह बढ़ाना उनके खिलाफ जेल भेजने और जान से मरवाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने विजेंद्र को वर्दीधारी माफिया तक बताया और मुख्यमंत्री और डीजीपी से जान की सुरक्षा की गुहार लगाई।
राजकुमार ने बताया कि जब वे कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती थे तब इंस्पेक्टर ने गलत तरीके से जीडी में एंट्री कर जेल भेजने की प्लानिंग कर ली। इस संबंध में उन्होंने एसएसपी और एसपी रूरल को सूचना दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। राजकुमार ने दावा किया कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को बताने के लिए एसएसपी को कॉल किया, लेकिन उन्होंने कॉल काट दिया और उनके ट्रांसफर का पेपर भेज दिया।
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