कोरोना मरीजों को इलाज के नाम पर आइसोलेशन वार्ड में बदइन्तजामी
मरीज ने कहा या तो उनको गोली मार दी जाए या फिर घरों में जाने दिया जाए
तरनतारन सिविल अस्पताल में 100 के करीब मरीज आइसोलेशन वार्ड से बाहर निकल आए। इनमें बुजुर्ग महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल थे। डीएसपी सुच्चा सिंह बल्ल, एसएमओ डॉ. इंद्रमोहन गुप्ता मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी। अस्पताल का बाहरी गेट बंद करवा दिया गया। पंजाब पुलिस के कमांडो तैनात कर दिए गए। इन्हें देखकर मरीज कहने लगे या तो उनको गोली मार दी जाए या फिर घरों में जाने दिया जाए। वार्ड में बहुत गर्मी है, पानी भी बोतल बंद नहीं मिल रहा। वह सुबह पांच बजे जाग जाते हैं, लेकिन चाय साढ़े नौ बजे मिलती है। छोटे बच्चे दूध के लिए बिलखते रहते हैं। रोटी लंगर से लाकर खिलाई जा रही हैं। ये इतनी मोटी होती हैं कि बच्चों व बुजुर्गो से नहीं खाई जाती। 40 मिनट तक रोष जता मरीजों ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद चंडीगढ़ में बैठे हैं, उन्हें कोरोना मरीजों की परवाह ही नहीं है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें