गाइडलाइन्स के मुताबिक़ शवों को जलाया जाए.
- पोस्टमॉर्टम नहीं किया जाएगा.
- शव को ले जाने और तैयार करने के दौरान कोई अनुष्ठान का पालन नहीं होगा.
- शव को सील्ड बैग में ही रखा जाना चाहिए.
- एक बार शव को सील कर दिए जाने के बाद दोबारा उसे देखने की अनुमति नहीं होगी.
- सील किए जाने के बाद शव को कॉफ़िन में रखा जाएगा और उसके बाद ही उसे उठाया जा सकेगा.
- शव की अंत्येष्टि के लिए अधिकतम 24 घंटे का समय लिया जा सकता है. हालांकि बेहतर होगा कि यह 12 घंटे में ही कर दिया जाए.
हालांकि श्रीलंका के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अनिल जसिंघे ने पत्रकारों को बताया कि श्रीलंका विश्व स्वास्थ संगठन के दिशा निर्देशों को मानने के लिए बाध्य नहीं है. उन्होंने कहा, स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को यह तय करना चाहिए कि श्रीलंका क्या क़दम उठाए.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें