अमेरिकी बायोफार्मास्युटिकल कंपनी गिलियड साइंसेज ने इबोला महामारी के दौरान रेमडेसिविर बनाई थी। हालांकि, अफ्रीका में इसके क्लीनिकल ट्रायल के दौरान निराशा हाथ लगी थी। खास बात ये है कि रेमडेसिविर को कभी किसी बीमारी के इलाज के लिए अप्रूव नहीं किया गया। गिलियड के मुताबिक, रेमडेसिविर अभी तक अमेरिका या दुनिया में कहीं भी लाइसेंस्ड या अप्रूव्ड नहीं है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें