अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के नेता लगातार कह रहे हैं कि अगर चीन शुरुआती चरण में ही कोरोनावायरस के संबंध में जानकारी देने में पारदर्शिता रखता, तो बड़ी संख्या में लोगों की मौत नहीं होती और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बड़ा नुकसान नहीं पहुंचता। अमेरिका के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित यूरोपीय देश हैं। कई देश चीन से मुआवजा वसूलने की बात करना शुरू कर चुके हैं। उधर, ब्रिटेन ने अपनी सरकारी ब्रीफिंग से चीन के आंकड़ों को हटा दिया है।
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