पिछले कई दिनों से देवास-कानपुर नेशनल हाईवे 146 पर विदिशा और सांची के बीच दिख रहा नजारा अचंभित करने वाला है। रोजाना हजारों की संख्या में मजदूर सड़क पर नजर आ रहे हैं। न इनके पैरों में चप्पल है और न ही इनके बदन को ढंकने के लिए पूरे कपड़े हैं। चिलचिलाती धूप में पैदल चल रहे मजदूरों के पैर में फफोले दिख रहे हैं। पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ है। हाथों में सामान और सिर पर गठरी रखकर ये लोग चले जा रहे हैं।
ये ज्यादातर मजदूर उप्र के हैं, जो लॉकडाउन की वजह से मुंबई, पुणे आदि महाराष्ट्र के शहरों में फंसे हुए थे। जब इनके पास खाने पीने को कुछ नहीं बचा। रोजगार भी छिन गया और भीख मांगने जैसी नौबत आ गई, तब ये लोग बिना किसी की परवाह किए चल पड़े।
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