पाकिस्तान के डॉक्टरों ने अधिकारियों और मौलवियों से अनुरोध किया है कि वे रमज़ान के दौरान मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की अनुमति के फ़ैसले को वापस ले लें. उनका कहना है कि इससे कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने का ख़तरा बढ़ सकता है जिसे बाद में क़ाबू करने में काफ़ी मुश्किल हो सकती है. पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. क़ैसर सज्जाद का कहना है “दुर्भाग्यपूर्ण है. हमारे शासकों ने एक ग़लत फ़ैसला कर लिया है. हमारे मौलवियों ने एक बेहद ही गैर-ज़िम्मेदाराना रवैया दिखाया है.” बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की कोरोना वायरस टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई. हालांकि पाकिस्तान में अभी तक संक्रमण के दस हज़ार से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है जबकि देश में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या 212 है.
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