ईरान ने अमेरिकी सरकार की मदद को ठुकरा दिया है। देश के सर्वोच्च धर्मगुरू अयातुल्लाह खमैनी ने रविवार को कहा, “हमें शक है कि अमेरिका दवाओं के रूप में जो ईरान की मदद करना चाहता है, वो हमारे नागरिकों के लिए खतरनाक साबित हों। हो सकता है इन दवाओं से हमारे नागरिक पहले से भी ज्यादा बीमार हों। इसलिए, हम अमेरिका पर कतई भरोसा नहीं कर सकते। एक बात और समझ में नहीं आती। अमेरिका में तो पहले ही दवाओं की किल्लत है, फिर वो हमें ये कैसे दे सकता है।” ईरान में संक्रमण के 21,638 मामले सामने आए हैं। 1685 लोगों की मौत हो चुकी है।
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