राम मंदिर निर्माण के लिए गठित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में ओबीसी को भागीदारी देने के लिए मंथन का दौर शुरू हो गया है। मंथन की शुरुआत तब हुई जब मंदिर आंदोलन के अग्रणी चेहरों में शुमार कल्याण सिंह और उमा भारती ने ट्रस्ट में ओबीसी की भागीदारी न होने पर सवाल उठाए। इस समय ट्रस्ट में दो जगह खाली हैं। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इन खाली पदों में से एक पद ओबीसी वर्ग को देगी।
दरअसल वर्तमान में ट्रस्ट में जिन नौ लोगों को शामिल किया गया है उनमें से 8 ब्राह्मण और एक दलित वर्ग के हैं। ट्रस्ट में ओबीसी को भागीदारी नहीं मिलने पर राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने और अन्य पिछड़ा जाति वर्ग से आने वाले दो कद्दावर नेताओं कल्याण सिंह और उमा भारती ने सवाल उठाए। उमा का तो साफ कहना था कि मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कल्याण सिंह, विनय कटियार और उन्होंने खुद किया था जो कि ओबीसी से हैं।
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