प्रदेशभर में आठ नई जेल बनाई जानी हैं, जिनका काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में जेलों की क्षमता 60 हजार बंदियों की है, लेकिन इनमें एक लाख 5 हजार बंदी बंद हैं।
मीडिया से वार्ता के दौरान डीजी कारागार ने बताया कि शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और सहारनपुर में नई जेल बनाई जाएंगी। शामली में जमीन देखी जा रही है, जबकि मुजफ्फरनगर, हापुड़ और सहारनपुर में जेल के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
इनके अलावा संतकबीरनगर, श्रावस्ती, हाथरस और इटावा में नई जेल बनाने का काम चल रहा है। सभी जेल बनने के बाद अगले तीन साल में 14500 बंदियों को यहां शिफ्ट किया जाएगा। बरेली की जेल को सेंट्रल जेल बनाने के लिए केबिनेट ने प्रस्ताव पास कर दिया। उसे सेंट्रल जेल घोषित कर दिया गया है।
शनिवार, 8 फ़रवरी 2020
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनेंगे चार नए कारागार
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