बंधु तिर्की पर की गई कार्रवाई और विधायक प्रदीप यादव को जारी नोटिस को अब झाविमो का भाजपा में विलय की कवायद से जोड़ कर देखा जा रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव में बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के तीन विधायकों ने जीत दर्ज की थी। इसमें बंधु तिर्की और प्रदीप यादव शामिल हैं। बंधु को पार्टी ने पहले ही निष्कासित कर दिया है।
दरअसल, 17 जनवरी को झारखंड विकास मोर्चा ने नई कार्यसमिति घोषित की थी। झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को सिर्फ कार्यसमिति का सदस्य बनाया था। पहले की कमेटी में प्रदीप यादव प्रधान महासचिव और बंधु तिर्की केंद्रीय महासचिव थे। कार्यसमिति में प्रदीप यादव की जगह मरांडी के खास माने जाने वाले जमशेदपुर के अभय सिंह को प्रधान महासचिव बनाया गया था।
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