बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - द्वादशी शाम 06:05 तक तत्पश्चात त्रयोदशी

⛅ दिनांक 24 फरवरी 2021

⛅ दिन - बुधवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - वसंत

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - पुनर्वसु दोपहर 01:17 तक तत्पश्चात पुष्य

⛅ योग - सौभाग्य 25 फरवरी प्रातः 03:10 तक तत्पश्चात शोभन

⛅ राहुकाल - दोपहर 12:52 से दोपहर 02:19 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:04 

⛅ सूर्यास्त - 18:39 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - भीष्म द्वादशी, वराह-तिल द्वादशी, प्रदोष व्रत

 💥 विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

      

🌷 माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ दिलाएं महापुण्य पुंज

➡ 25, 26 एवं 27 फरवरी को माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ हैं ।

🚩 1) माघ मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम 3 तिथियाँ , त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियाँ बड़ी ही पवित्र और शुभकारक हैं । जो सम्पूर्ण माघ मास में ब्रह्म मुहूर्त में पुण्य स्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हो, वह यदि इन 3 तिथियों में भी उसे करे तो माघ मास का पूरा फल पा लेता है ।

🚩 2) वैसे तो माघ मास की हर तिथि पुण्यमयी होती है और इसमें सब जल गंगाजल तुल्य हो जाते हैं | सतयुग में तपस्या से जो उत्तम फल होता था, त्रेता में ध्यान के द्वारा, द्वापर में भगवान् की पूजा के द्वारा और कलियुग में दान-स्नान के द्वारा तथा द्वापर, त्रेता, सतयुग में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में 10 वर्ष शुद्धि, संतोष आदि नियमों का पालन करने से जो फल मिलता है, वह कलियुग में माघ मास में अंतिम 3 दिन- त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को प्रातः स्नान करने से मिल जाता है |

🚩 3) माघ मास प्रातः स्नान सब कुछ देता है . आयुष्य लम्बी करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है ,आरोग्य देता है, रूप देता है, बल देता है ,संतान की वृद्धि ,सदाचरण और सत्संग देता है,वृत्तियाँ निर्मल होती हैं और विचार ऊंचे होते हैं l

🚩 4) अक्षय धन(जिसका कभी क्षय नहीं ), रुपया पैसा भी बरकत वाला हो जाता है और विद्या भी अक्षय धन में बदल जाती है l

🚩 5) सकाम भाव से स्नान करते हैं तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, निष्काम भाव से भगवान् की प्रीति पाने के लिए स्नान करते तो वो भी सहेज में हो जाती है l

🚩 6) माघ मास स्नान, सत्संग स्नान जिसने किया उसे नरक का डर नहीं रहता, दरिद्रता और पाप उसके छू हो जाते हैं l ईश्वर प्राप्ति न भी करनी हो तो भी माघ मास का स्नान स्वर्ग लोक तो तुम्हारा सहज में ही रिज़र्व करा देता है l

🚩 7) जो माघ मास की अंतिम ३ तिथियों में ‘गीता’, ‘श्री विष्णु सहस्रनाम’ , ‘भागवत’ शास्त्र का पठन व श्रवण करता है वह महा पुण्यवान हो जाता है ।


🌷 कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में 🌷

➡ 25 फरवरी 2021 गुरुवार को सूर्योदय से दोपहर 01:17 तक गुरुपुष्यामृत योग है ।

🌳 बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |


🌷 वराह-तिल द्वादशी 🌷

🚩 24 फरवरी 2021 बुधवार को वराह-तिल द्वादशी | तिल का उपयोग करें स्नान में, प्रसाद में, हवन में, दान में और भोजन में | और तिल के तेल के दियें जलाकर सम्पूर्ण व्याधियों से रक्षा की भावना करोगे तो ब्रम्हपुराण कहता है कि तुम्हे व्याधियों से रक्षा मिलेगी |

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

'मैं अल्पसंख्यक नहीं भारतीय नागरिक हूं'

देहरादून। मेट्रोमैन ई श्रीधरन के केरल में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण संबंधी बयान को लेकर वहां के राज्यपाल भी गंभीर हैं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा देखना होगा कि श्रीधरण किस आधार पर आरोप लगा रहे हैं। केरल में हिंदू या ईसाई लड़कियों के धर्मांतरण पर श्रीधरण कुछ आरोप लगा रहे हैं, तो उनके पास इसका आधार होगा। वह लौटकर मामले की जानकारी लेंगे अल्पसंख्यकों की अनदेखी पर राज्यपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर मैं भाजपा या किसी अन्य पार्टी से सहमत नहीं। मुझे कहा गया कि अल्पसंख्यक मोर्चा की बैठक है तो मैंने कहा कि मैं तो हूं नहीं। जो अल्पसंख्यक हैं वह बैठक में जाएं। उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि आपका धर्म क्या है। 

 

20 साल बड़े दूल्हे से शादी करा रहे पिता को किशोरी ने कराया गिरफ्तार

वाराणसी। एसओ अंकल, मैं इस गांव में वह इस गांव से बोल रही हूं... । हमारे पापा हम से 20 साल बड़े आदमी से हमारी शादी की बात कर रहे हैं। मेरी उम्र अभी 15 साल ही है। किशोरी की इस सूचना के आधार पर चोलापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी के साहस की पुलिस और बाल संरक्षण इकाई ने खासी सराहना की। चोलापुर थाना अंतर्गत एक गांव में कुछ लोग मुरादाबाद से आए थे। वह अपने 35 वर्ष के बेटे की शादी के लिए लड़की तलाश रहे थे। उनका कहना था कि जो कोई अपनी बेटी से हमारे बेटे की शादी करआएगा। उसका घर बनवाने के साथ ही उसे पैसे देंगे। यह जानकारी पाकर शनिवार की रात किशोरी का पिता मुरादाबाद से आए 3 लोगों को अपने घर ले आया और अपनी बेटी की शादी बात करने लगा। शादी की बातचीत की किशोरी ने सुनी तो उसने पुलिस को फोन किया। चोलापुर थाना प्रभारी महेश कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी ने पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह ने बताया कि बच्ची काफी सहमी  हुई थी। उसका कहना था कि अभी पढ़ना चाहती है। उसके घर में उससे बड़े उसकी बुआ-चाचा है और उनकी शादी भी नहीं हुई है। किशोरी की काउंसलिंग कर उसे समझाया गया। और उससे अच्छे से पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उसकी मां को भी समझाया गया है। 

तालाब से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश

ग्रेटर नोएडा। एसडीएम दादरी में आनंदपुर गांव में तालाब से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश लेखपाल को दिए हैं। ग्राम प्रधान सोनपाल ने प्रशासन को पत्र लिखकर तालाब से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी आरोप है कि गांव के लोगों ने तलाक की जमीन पर कब्जा कर लिया है। इससे बारिश का पानी तालाब में नहीं पहुंच पाता है। रास्तों में पानी एकत्र होने से कीचड़ हो रहा है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने तालाब से अवैध कब्जा हटवा कर इसकी सफाई करने की मांग की है। 

 

सपा युवजन सभा की कार्यकारिणी गठित

नोएडा। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी सपा ने संगठन के विस्तार का काम इन दिनों तेज कर दिया है। रविवार को समाजवादी पार्टी युवजन सभा ग्रामीण इकाई का गठन किया गया। नई इकाई में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, 12 महासचिव, 14 सदस्य बनाए गए हैं। संगठन में अनिल पंडित को इकाई का अध्यक्ष, बाबी भाटी व बलराम यादव को उपाध्यक्ष, राहुल त्यागी को महासचिव, अर्जुन चौहान को कोषाध्यक्ष और अरविंद गिरी व अन्य को सचिव बनाया गया है। इस मौके पर सपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष यशपाल अवाना, विनोद अवाना प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसी क्रम में सेक्टर-80 स्थित ककराला में सपा अल्पसंख्यक सभा के महासचिव शेर मोहम्मद के नेतृत्व में सदस्यता अभियान चलाया गया। अभियान में कई लोगों ने पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता ली। इस मौके पर सपा अल्पसंख्यक सभा के जिला अध्यक्ष हाजी अली, शेर नौशाद अली, राशिद खान, नूर उल हसन, सिराजुद्दीन मलिक मौजूद रहे। 

गो तस्करी से पैसे कमाता था ममता का परिवार : विजयवर्गीय

कोलकाता। तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजीरा बनर्जी को सीबीआई नोटिस पर भाजपा ने कहा है कि कोयला तस्करी को सिर्फ एक बानगी है मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी)का परिवार गाय की तस्करी में भी शामिल रहा है। और उससे खूब पैसे कमाए हैं। आज का महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ट्रक के ट्रक रोज कोयला निकाला जाता था। जो बाहर भी जाता था। यह तो सिर्फ कोयला तस्करी की बात है। मेरे पास तो गाय की तस्करी के पैसे का क्या-कैसे लेनदेन हुआ है इसके भी सबूत हैं। आने वाले समय में यह भी पता लगेगा कि किस तरह मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) के परिवार के लोग गाय की तस्करी से पैसे कमाते थे। नोटिस की टाइमिंग को लेकर किए गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि सीबीआई की जांच का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई को जब तथ्य मिलेंगे तब वह सम्मान देंगे। अभिषेक के ससुराल के लोग इसमें कोयला तस्करी शामिल है। कई आईएएस,आईपीएस भी इसमें शामिल है। मेरे पास सारे कागजात हैं। बता दें सीबीआई का यह समय ऐसे समय आया है जब अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मानहानि केस किया था। अभिषेक का आरोप है कि अमित शाह ने कोलकाता में भाजपा की एक रैली के दौरान उनके खिलाफ अपमानजनक बयान दिए थे। 

सेक्टर-105 आरडब्लूए : मतदाता सूची में घाघली का आरोप, चुनावों पर रोक

नोएडा। सेक्टर 105-में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व निवासियों के बीच चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उपजिलाअधिकारी (एसडीएम) दादरी व आरडब्लूए सेक्टर-105 के निर्वाचन अधिकारी द्वारा डिप्टी रजिस्ट्रार के अगले आदेश तक चुनाव स्थगित करा दिए गए हैं। सेक्टर के लोगों ने मतदाता सूची पर आपत्ति जताई है। लोगों का आरोप है कि सूची में उनका नाम दर्ज नहीं है इसी के चलते एसडीएम के चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई है। बता दें कि सेक्टर-105 में आरडब्लूए चुनाव को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। यहां आगामी 5 मार्च को चुनाव होने थे। जिला प्रशासन द्वारा देखने के लिए चुनाव अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वही मतदाता सूची पर लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है साथ ही निवासियों ने मरम्मत व रखरखाव शुल्क जमा करने के लिए मौका मांगा है। ताकि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके। वही आरडब्लूए महासचिव दीपक शर्मा ने बताया कि आरडब्लूए का कार्यकाल जुलाई 2021 में खत्म हो रहा है। इससे पहले कि कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन जिन्होंने रखरखाव शुल्क नहीं जमा किया है। केवल उन्हीं के नाम सूची में नहीं है। कुछ लोगों द्वारा चुनाव न करने के लिए गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। 

वहीं सेक्टर-27 में भी वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा अवैध रूप से चुनाव टाल दिए हैं। 1 साल का कार्यकाल 35 लोगों की वार्षिक सभा बुलाकर प्रस्ताव पारु करवा लिया। वर्तमान में चुनाव लड़ने के इच्छुक भावी प्रत्याशी ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वर्तमान कार्यकारिणी को 1 साल और विस्तार का कारण पूछा है। और कहा कि ऐसा क्या लालच है कि वर्तमान पदाधिकारी चुनाव नहीं कराना चाहते हैं। 

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅  🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - सप्तमी सुबह 10:58 तक तत्पश्चात अष्टमी

⛅ दिनांक 19 फरवरी 2021

⛅ दिन - शुक्रवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - वसंत

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - कृत्तिका 20 फरवरी प्रातः 05:58 तक तत्पश्चात रोहिणी

⛅ योग - इन्द्र 20 फरवरी प्रातः 04:33 तक तत्पश्चात वैधृति

⛅ राहुकाल - सुबह 11:26 से दोपहर 12:53 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:07 

⛅ सूर्यास्त - 18:37 

⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - रथ-आरोग्य-विधान-अचला-चन्द्रभागा सप्तमी, नर्मदा जयंती, भीष्माष्टमी (भीष्म पितामह श्राद्ध दिवस) छत्रपति शिवाजी जयंती (दि.अ.)

 💥 विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 अभीष्ट सिद्धि हेतु 🌷

🚩 भीष्माष्टमी (19 फरवरी) के दिननिम्न मंत्र से भीष्मजी को तिल, गंध, पुष्प, गंगाजल व कुश मिश्रित अर्घ्य देने से अभीष्ट सिद्ध होता है :

🌷 वसूनामवताराय शन्तनोरात्मजाय च |

अर्घ्यं ददामि भीष्माय आबालब्रह्मचारिणे ||


🌷 माघ शुक्ल सप्तमी 🌷

➡  19 फरवरी 2021 शुक्रवार को माघ शुक्ल सप्तमी है ।

🚩 माघ शुक्ल सप्तमी को अचला सप्तमी, रथ सप्तमी, आरोग्य सप्तमी, भानु सप्तमी, अर्क सप्तमी आदि अनेक नामों से सम्बोधित किया गया है और इसे सूर्य की उपासना के लिए बहुत ही सुन्दर दिन कहा गया है। पुत्र प्राप्ति, पुत्र रक्षा तथा पुत्र अभ्युदय के लिए इस दिन संतान सप्तमी का व्रत भी किया जाता है।

🚩 स्कन्द पुराण के अनुसार

यस्यां तिथौ रथं पूर्वं प्राप देवो दिवाकरः॥सा तिथिः कथिता विप्रैर्माघे या रथसप्तमी॥ ५.१२९ ॥

तस्यां दत्तं हुतं चेष्टं सर्वमेवाक्षयं मतम्॥ सर्वदारिद्र्यशमनं भास्करप्रीतये मतम्॥ ५.१३० ॥

🚩 भगवान सूर्य जिस तिथि को पहले-पहल रथ पर आरूढ़ हुए, वह ब्राह्मणों द्वारा माघ मास की सप्तमी बताई गयी है, जिसे रथसप्तमी कहते हैं। उस तिथि को दिया हुआ दान और किया हुआ यज्ञ सब अक्षय माना जाता है। वह सब प्रकार की दरिद्रता को दूर करने वाला और भगवान सूर्य की प्रसन्नता का साधक बताया गया है।

🚩 भविष्य पुराण के अनुसार सप्तमी तिथि को भगवान् सूर्य का आविर्भाव हुआ था | ये अंड के साथ उत्पन्न हुए और अंड में रहते हुए ही उन्होंने वृद्धि प्राप्त कि | बहुत दिनोंतक अंड में रहने के कारण ये ‘मार्तण्ड’ के नामसे प्रसिद्ध हुए |

🚩 भविष्य पुराण के अनुसार ही सूर्य को अपनी भार्या उत्तरकुरु में सप्तमी तिथि के दिन प्राप्त हुई, उन्हें दिव्य रूप सप्तमी तिथि को ही मिला तथा संताने भी इसी तिथि को प्राप्त हुई, अत: सप्तमी तिथि भगवान् सूर्य को अतिशय प्रिय हैं |

🚩 भविष्य पुराण : श्रीकृष्ण उवाच ॥ शुक्लपक्षे तु सप्तम्यां यदादित्यदिनं भवेत् । सप्तमी विजया नाम तव्र दत्तं महाफलम् ॥

स्त्रांन दानं जपो होम उपवासस्तथैव च । सर्वें विजयसप्तम्पां महापातकनाशनम् ॥   

प्रदक्षिणां यः कुरुते फलैः पुष्पौर्दिवाकरम् । स सर्वगुणसंपन्नं पुव्रं प्राप्नोत्यनुत्तमम ॥   

🚩 भगवान श्रकृष्ण कहते है– राजन! शुक्ल पक्षकी सप्तमी तिथि को यदि आदित्यवार (रविवार) हो तो उसे विजय सप्तमी कहते है. वह सभी पापोका विनाश करने वाली है .उस दिन किया हुआ स्नान ,दान्, जप, होम तथा उपवास आदि कर्म अनन्त फलदायक होता है. जो उस दिन फल् पुष्प आदि लेकर भगवान सूर्यकी प्रदक्षिणा करता है। वह सर्व गुण सम्पन्न उत्तम पुत्र को प्राप्त करता है। 

🚩 नारद पुराण में माघ शुक्ल सप्तमी को “अचला व्रत” बताया गया है। यह “त्रिलोचन जयन्ती” है।  इसी को रथसप्तमी कहते हैं। यही “भास्कर सप्तमी” भी कहलाती है, जो करोङों सूर्य-ग्रहणों के समान है। इसमें अरूणोदय के समय स्नान किया जाता है। आक और बेर के सात-सात पत्ते सिर पर रखकर स्नान करना चाहिए। इससे सात जन्मों के पापों का नाश होता है। इसी सप्तमी को ‘’पुत्रदायक ” व्रत भी बताया गया है। स्वयं भगवान सूर्य ने कहा है - ‘जो माघ शुक्ल सप्तमी को विधिपूर्वक मेरी पूजा करेगा, उसपर अधिक संतुष्ट होकर मैं अपने अंश से उन्सका पुत्र होऊंगा’। इसलिये उस दिन इन्द्रियसंयमपूर्वक दिन-रात उपवास करे और दूसरे दिन होम करके ब्राह्मणों को दही, भात, दूध और खीर आदि भोजन करावें।

🚩 शिव पुराण के अनुसार रविवारी सप्तमी सूर्यग्रहण के बराबर फल देती है और इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है ।

🚩 अग्नि पुराण में अग्निदेव कहते हैं – माघ मासके शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथिको (अष्टदल अथवा द्वादशदल) कमल का निर्माण करके उसमें भगवान् सूर्यका पूजन करना चाहिये | इससे मनुष्य शोकरहित हो जाता है |

🚩 चंद्रिका में लिखा है “सूर्यग्रहणतुल्या हि शुक्ला माघस्य सप्तमी। अरुणोदगयवेलायां तस्यां स्नानं महाफलम्॥”

➡ अर्थात माघ शुक्ल सप्तमी सूर्यग्रहण के तुल्य होती है सूर्योदय के समय इसमें स्नान का महाफल होता है ।

🚩 नारद पुराण के अनुसार “अरुणोदयवालायां शुक्ला माघस्य सप्तमी ॥ प्रयागे यदि लभ्येत सहस्रार्कग्रहैः समा॥ अयने कोटिपुण्यं स्याल्लक्षं तु विषुवे फलम् ॥११२॥”

🚩 चंद्रिका में भी विष्णु ने लिखा है “अरुणोदयवेलायां शुक्ला माघस्य सप्तमी ॥ प्रयागे यदि लभ्येत कोटिसूर्यग्रहैः समा”

➡ अर्थात माघ शुक्ल सप्तमी यदि अरुणोदय के समय प्रयाग में प्राप्त हो जाए तो कोटि सूर्य ग्रहणों के तुल्य होती है ।

🚩 मदनरत्न में भविष्योत्तर पुराण का कथन है की “माघे मासि सिते पक्षे सप्तमी कोटिभास्करा। दद्यात् स्नानार्घदानाभ्यामायुरारोग्यसम्पदः॥”

➡ अर्थात माघ मास की शुक्लपक्ष सप्तमी कोटि सूर्यों के बराबर है उसमें सूर्य स्नान दान अर्घ्य से आयु आरोग्य सम्पदा करते हैं ।

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बुधवार, 17 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅ 🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - षष्ठी पूर्ण रात्रि तक

⛅ दिनांक 17 फरवरी 2021

⛅ दिन - बुधवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - अश्विनी रात्रि 11:49 तक तत्पश्चात भरणी

⛅ योग - शुक्ल 18 फरवरी रात्रि 02:39 तक तत्पश्चात ब्रह्म

⛅ राहुकाल - दोपहर 12:53 से दोपहर 02:19 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:08 

⛅ सूर्यास्त - 18:36 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - षष्ठी वृद्धि तिथि

 💥 विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 वसंत ऋतु का संदेश 🌷

🍝 खान-पान का ध्यान विशेष-वसंत ऋतु का है संदेश

➡  18 फरवरी 2021 गुरुवार से वसंत ऋतु प्रारंभ ।

🍃 ऋतुराज वसंत शीत व उष्णता का संधिकाल है | इसमें शीत ऋतु का संचित कफ सूर्य की संतप्त किरणों से पिघलने लगता है, जिससे जठराग्नि मंद हो जाती है और सर्दी-खाँसी, उल्टी-दस्त आदि अनेक रोग उत्पन्न होने लगते हैं | अतः इस समय आहार-विहार की विशेष सावधानी रखनी चाहिए |

🍝 आहार : इस ऋतु में देर से पचनेवाले, शीतल पदार्थ, दिन में सोना, स्निग्ध अर्थात घी-तेल में बने तथा अम्ल व रसप्रधान पदार्थो का सेवन न करें क्योंकि ये सभी कफ वर्धक हैं | (अष्टांगहृदय ३.२६)

🍃 वसंत में मिठाई, सूखा मेवा, खट्टे-मीठे फल, दही, आईसक्रीम तथा गरिष्ठ भोजन का सेवन वर्जित है | इन दिनों में शीघ्र पचनेवाले, अल्प तेल व घी में बने, तीखे, कड़वे, कसैले, उष्ण पदार्थों जैसे- लाई, मुरमुरे, जौ, भुने हुए चने, पुराना गेहूँ, चना, मूँग , अदरक, सौंठ, अजवायन, हल्दी, पीपरामूल, काली मिर्च, हींग, सूरन, सहजन की फली, करेला, मेथी, ताजी मूली, तिल का तेल, शहद, गौमूत्र आदि कफनाशकपदार्थों का सेवन करें | भरपेट भोजन ना करें | नमक का कम उपयोग तथा १५ दिनों में एक कड़क उपवास स्वास्थ्य के लिए हितकारी है | उपवास के नाम पर पेट में फलाहार ठूँसना बुद्धिमानी नही है |

➡ विहार : ऋतु-परिवर्तन से शरीर में उत्पन्न भारीपन तथा आलस्य को दूर करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना, व्यायाम, दौड़, तेज चलना, आसन तथा प्राणायाम (विशेषकर सूर्यभेदी) लाभदायी है | तिल के तेल से मालिश कर सप्तधान उबटन से स्नान करना स्वास्थ्य की कुंजी है |

🌷 वसंत ऋतु के विशेष प्रयोग 🌷

🔶 २ से ३ ग्राम हरड चूर्ण में समभाग मिलाकर सुबह खाली  पेट लेने से 'रसायन' के लाभ प्राप्त होते हैं |

🔶 १५ से २० नीम के पत्ते तथा २-३ काली मिर्च १५-२० दिन चबाकर खाने से वर्षभर चर्मरोग, ज्वर, रक्तविकार आदि रोगों से रक्षा होती है |

🔶 अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसमें नींबू का रस और थोडा नमक मिला के सेवन करने से मंदाग्नि दूर होती है |

🔶 ५ ग्राम रात को भिगोयी हुई मेथी सुबह चबाकर पानी पीने से पेट की गैस दूर होती है |

🔶 रीठे का छिलका पानी में पीसकर २-२ बूँद नाक में टपकाने से आधासीसी (सिर) का दर्द दूर होता है |

🔶 १० ग्राम घी में १५ ग्राम गुड़ मिलाकर लेने से सूखी खाँसी में राहत मिलती है |

🔶 १० ग्राम शहद, २ ग्राम सोंठ व १ ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम चाटने से बलगमी खाँसी दूर होती है |

🔥 *सावधानी : मुँह में कफ आने पर उसे तुरंत बाहर निकाल दें | कफ की तकलीफ में अंग्रेजी दवाइयाँ लेने से कफ सूख जाता है, जो भविष्य में टी.बी., दमा, कैंसर जैसे गम्भीर रोग उत्पन्न कर सकता है | अतः कफ बढ़ने पर ? जकरणी जलनेति का प्रयोग करें।

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी 16 फरवरी प्रातः 03:36 तक तत्पश्चात पंचमी

⛅ दिनांक 15 फरवरी 2021

⛅ दिन - सोमवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद शाम 06:29 तक तत्पश्चात रेवती

⛅ योग - साध्य 16 फरवरी रात्रि 01:19 तक तत्पश्चात शुभ

⛅ राहुकाल - सुबह 08:35 से सुबह 10:01 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:10 

⛅ सूर्यास्त - 18:35 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण -

 💥 विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 दरिद्रता नाश करने के लिये 🌷

🌞 सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें

➡ चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग …

[24:24, 2/16/2021] Amritanand: श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम


🚩जय सत्य सनातन🚩


🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅  🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - पंचमी 17 फरवरी प्रातः 05:46 तक तत्पश्चात षष्ठी


⛅ दिनांक 16 फरवरी 2021

⛅ दिन - मंगलवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - रेवती रात्रि 08:57 तक तत्पश्चात अश्विनी

⛅ योग - शुभ 17 फरवरी रात्रि 01:50 तक तत्पश्चात शुक्ल

⛅ राहुकाल - शाम 03:45 से शाम 05:11 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:09 

⛅ सूर्यास्त - 18:36 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - वसंत पंचमी-श्री पंचमी, सरस्वती पूजा

 💥 विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

 

🌷 वसंत पंचमी 🌷

➡ 16 जनवरी 2021 मंगलवार को वसंत पंचमी हैं ।

🚩 ब्रह्मवैवर्त पुराण तथा देवीभागवत पुराण के अनुसार जो मानव माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन संयमपूर्वक उत्तम भक्ति के साथ षोडशोपचार से भगवती सरस्वती की अर्चना करता है, वह वैकुण्ठ धाम में स्थान पाता है। माघ शुक्ल पंचमी विद्यारम्भ की मुख्य तिथि है। “माघस्य शुक्लपञ्चम्यां विद्यारम्भदिनेऽपि च।”

 श्रीकृष्ण ने सरस्वती से कहा था

🌷 प्रतिविश्वेषु ते पूजां महतीं ते मुदाऽन्विताः । माघस्य शुक्लपञ्चम्यां विद्यारम्भेषु सुन्दरि ।।

मानवा मनवो देवा मुनीन्द्राश्च मुमुक्षवः । सन्तश्च योगिनः सिद्धा नागगन्धर्वकिंनराः ।।

मद्वरेण करिष्यन्ति कल्पे कल्पे यथाविधि । भक्तियुक्ताश्च दत्त्वा वै चोपचारांश्च षोडश ।।

काण्वशाखोक्तविधिना ध्यानेन स्तवनेन च । जितेन्द्रियाः संयताश्च पुस्तकेषु घटेऽपि च ।।

कृत्वा सुवर्णगुटिकां गन्धचन्दन चर्च्चिताम् । कवचं ते ग्रहीष्यन्ति कण्ठे वा दक्षिणे भुजे ।।

पठिष्यन्ति च विद्वांसः पूजाकाले च पूजिते । इत्युक्त्वा पूजयामास तां देवीं सर्वपूजितः ।।

ततस्तत्पूजनं चक्रुर्ब्रह्मविष्णुमहेश्वराः । अनन्तश्चापि धर्मश्च मुनीन्द्राः सनकादयः ।।

सर्वे देवाश्च मनवो नृपा वा मानवादयः । बभूव पूजिता नित्या सर्वलोकैः सरस्वती ।।

🚩 “सुन्दरि! प्रत्येक ब्रह्माण्ड में माघ शुक्ल पंचमी के दिन विद्यारम्भ के शुभ अवसर पर बड़े गौरव के साथ तुम्हारी विशाल पूजा होगी। मेरे वर के प्रभाव से आज से लेकर प्रलयपर्यन्त प्रत्येक कल्प में मनुष्य, मनुगण, देवता, मोक्षकामी प्रसिद्ध मुनिगण, वसु, योगी, सिद्ध, नाग, गन्धर्व और राक्षस– सभी बड़ी भक्ति के साथ सोलह प्रकार के उपचारों के द्वारा तुम्हारी पूजा करेंगे। उन संयमशील जितेन्द्रिय पुरुषों के द्वारा कण्वशाखा में कही हुई विधि के अनुसार तुम्हारा ध्यान और पूजन होगा। वे कलश अथवा पुस्तक में तुम्हें आवाहित करेंगे। तुम्हारे कवच को भोजपत्र पर लिखकर उसे सोने की डिब्बी में रख गन्ध एवं चन्दन आदि से सुपूजित करके लोग अपने गले अथवा दाहिनी भुजा में धारण करेंगे। पूजा के पवित्र अवसर पर विद्वान पुरुषों के द्वारा तुम्हारा सम्यक प्रकार से स्तुति-पाठ होगा। इस प्रकार कहकर सर्वपूजित भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती की पूजा की। तत्पश्चात, ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अनन्त, धर्म, मुनीश्वर, सनकगण, देवता, मुनि, राजा और मनुगण– इन सब ने भगवती सरस्वती की आराधना की। तब से ये सरस्वती सम्पूर्ण प्राणियों द्वारा सदा पूजित होने लगीं।

🚩 वसन्त पंचमी पर सरस्वती मूल मंत्र की कम से कम 1 माला जप जरूर करना चाहिए। 

➡ मूल मंत्र : “श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा”

🚩 सरस्वती जी का वैदिक अष्टाक्षर मूल मंत्र जिसे भगवान शिव ने कणादमुनि तथा गौतम को, श्रीनारायण ने वाल्मीकि को, ब्रह्मा जी ने भृगु को, भृगुमुनि ने शुक्राचार्य को, कश्यप ने बृहस्पति को दिया था जिसको सिद्ध करने से मनुष्य बृहस्पति के समान हो जाता है ।

🚩 सरस्वती पूजा के लिए नैवैद्य (ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार)

नवनीतं दधि क्षीरं लाजांश्च तिललड्डुकान् । इक्षुमिक्षुरसं शुक्लवर्णं पक्वगुडं मधु ।।

स्वस्तिकं शर्करां शुक्लधान्यस्याक्षतमक्षतम्। अस्विन्नशुक्लधान्यस्य पृथुकं शुक्लमोदकम् ।।

घृतसैन्धवसंस्कारैर्हविष्यैर्व्यञ्जनैस्तथा । यवगोधूमचूर्णानां पिष्टकं घृतसंस्कृ तम् ।।

पिष्टकं स्वस्तिकस्यापि पक्वरम्भाफलस्य च । परमान्नं च सघृतं मिष्टान्नं च सुधोपमम् ।। 

नारिकेलं तदुदकं केशरं मूलमार्द्रकम् । पक्वरम्भाफलं चारु श्रीफलं बदरीफलम् ।।

कालदेशोद्भवं पक्वफलं शुक्लं सुसंस्कृतम् ।।

🚩 ताजा मक्खन, दही, दूध, धान का लावा, तिल के लड्डू, सफेद गन्ना और उसका रस, उसे पकाकर बनाया हुआ गुड़, स्वास्तिक (एक प्रकार का पकवान), शक्कर या मिश्री, सफेद धान का चावल जो टूटा न हो (अक्षत), बिना उबाले हुए धान का चिउड़ा, सफेद लड्डू, घी और सेंधा नमक डालकर तैयार किये गये व्यंजन के साथ शास्त्रोक्त हविष्यान्न, जौ अथवा गेहूँ के आटे से घृत में तले हुए पदार्थ,पके हुए स्वच्छ केले का पिष्टक, उत्तम अन्न को घृत में पकाकर उससे बना हुआ अमृत के समान मधुर मिष्टान्न, नारियल, उसका पानी, कसेरू, मूली, अदरख, पका हुआ केला, बढ़िया बेल, बेर का फल, देश और काल के अनुसार उपलब्ध ऋतुफल तथा अन्य भी पवित्र स्वच्छ वर्ण के फल – ये सब नैवेद्य के समान हैं।

🌷 सुगन्धि शुक्लपुष्पं च गन्धाढ्यं शुक्लचन्दनम् । नवीनं शुक्लवस्त्रं च शङ्खं च सुमनोहरम् ।।

माल्यं च शुक्लपुष्पाणां मुक्ताहीरादिभूषणम् ।।

🚩 सुगन्धित सफेद पुष्प, सफेद स्वच्छ चन्दन तथा नवीन श्वेत वस्त्र और सुन्दर शंख देवी सरस्वती को अर्पण करना चाहिये। श्वेत पुष्पों की माला और श्वेत भूषण भी भगवती को चढ़ावे। 

🚩 स्मरण शक्ति प्राप्त करने के लिए वसंत पंचमी से शुरू करके प्रतिदिन याज्ञवल्क्य द्वारा रचित भगवती सरस्वती की स्तुति करनी चाहिए।

सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी 16 फरवरी प्रातः 03:36 तक तत्पश्चात पंचमी

⛅ दिनांक 15 फरवरी 2021

⛅ दिन - सोमवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद शाम 06:29 तक तत्पश्चात रेवती

⛅ योग - साध्य 16 फरवरी रात्रि 01:19 तक तत्पश्चात शुभ

⛅ राहुकाल - सुबह 08:35 से सुबह 10:01 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:10 

⛅ सूर्यास्त - 18:35 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण -

 💥 विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 दरिद्रता नाश करने के लिये 🌷

🌞 सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें

➡ चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें

➡ इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है ।

💥 ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नही ।


🌷 कफ़ रोग का इलाज 🌷

🌿 50 ग्राम शहद (honey), 50 ग्राम लहसुन (garlic), 1 ग्राम तुलसी के बीज पीस कर उसमें डाल दो, चटनी बन गयी थोड़ा-थोड़ा बच्चे को चटाओ हृदय भी मजबूत हो जायेगा, कफ़ भी नाश हो जायेगा ।


🌷 वसंत पंचमी 🌷

🚩 16 फरवरी 2021 मंगलवार को वसंत पंचमी माँ सरस्वती का प्रागट्य दिवस है । सारस्वत्य मंत्र लिए हुए जो भी साधक हैं , सरस्वती माँ का पूजन करें और सफेद गाय का भी । जीभ तालू पर लगाकर सारस्वत्य मंत्र का जप इस दिन करें तो वे प्रतिभासम्पन्न हो जायेंगे ।

🚩 वसंत पंचमी सरस्वती माँ का आविर्भाव  का दिवस है । जो भी पढ़ते हों और शास्त्र आदि या जो भी ग्रन्थ, उनका आदर-सत्कार-पूजन करो । और भ्रूमध्य में सूर्यदेव का ध्यान करो । जिससे पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ोगे ।

कैनरा बैंक, सेक्टर-6, नोएडा : लाखो की मशीने महीनो से खराब है, लेकिन किसी को परवाह ही नहीं



शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम🚩

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - प्रतिपदा रात्रि 12:29 तक तत्पश्चात द्वितीया

⛅ दिनांक 12 फरवरी 2021

⛅ दिन - शुक्रवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - धनिष्ठा दोपहर 02:23 तक तत्पश्चात शतभिषा

⛅ योग - परिघ 13 फरवरी रात्रि 02:20 तक तत्पश्चात शिव

⛅ राहुकाल - सुबह 11:27 से दोपहर 12:53 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:11 

⛅ सूर्यास्त - 18:34 

⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - विष्णुपदी संक्रांति (पुण्यकाल दोपहर 12:53 से सूर्यास्त तक)

 💥 विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 गुप्त नवरात्रि 🌷

👉 माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रथम नौ तिथियाँ गुप्त नवरात्रियाँ है जिसकी शुरुआत 12 फरवरी से होने जा रही है l

🚩 एक वर्ष में कुल चार नवरात्रियाँ आती हैं , जिनमे से सामान्यतः दो नवरात्रियो के बारे में आपको पता है ,पर शेष दो गुप्त नवरात्रियाँ हैं l

🌷 शत्रु को मित्र बनाने के लिए 🌷

🚩 नवरात्रि में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने, मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए और शत्रुओं को मित्र बनाने वाले मंत्र की सिद्धि का योग होता है।

🚩 नवरात्रि में स्नानादि से निवृत्त हो तिलक लगाके एवं दीपक जलाकर यदि कोई बीज मंत्र 'हूं' (Hum) अथवा 'अं रां अं' (Am Raam Am) मंत्र की इक्कीस माला जप करे एवं 'श्री गुरुगीता' का पाठ करे तो शत्रु भी उसके मित्र बन जायेंगे l

👩 माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 1

👵 जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा सताते हैं, वे नवरात्रि के प्रथम दिन (देवी-स्थापना के दिन) दिया जलायें और कुम-कुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें ,पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें :

🌷 “अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले "

🚩 भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओ बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है l

👩 माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 2

🚩 माघ मास शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें l (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं l)

🌷 • " ॐ ह्रीं गौरये नमः " 🌷 

🚩 मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वयं को कुमकुम का तिलक करें l

🐄 गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ ओर रोटी खिलाएं l

💶 श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति हेतु 💶

💥 प्रयोग : नवरात्रि में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है

🌷 "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह् "

🌷 " OM SHREEM HREEM KLEEM AIM KAMALVAASINYE SWAHA "

   👦 विद्यार्थियों के लिए 👦

 प्रथम नवरात्रि के दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्रि के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी सारस्वत्य मंत्र का जप करें।

 इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलती है l

🚩 बुद्धि व ज्ञान का विकास करना हो तो सूर्यदेवता का भ्रूमध्य में ध्यान करें । जिनको गुरुमंत्र मिला है वे गुरुमंत्र का, गुरुदेव का, सूर्यनारायण का ध्यान करें।

बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩🚩विक्रम संवत-२०७७*

⛅ 🚩तिथि - चतुर्दशी 11 फरवरी रात्रि 01:08 तक तत्पश्चात अमावस्या

⛅ दिनांक 10 फरवरी 2021

⛅ दिन - बुधवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - उत्तराषाढा दोपहर 02:12 तक तत्पश्चात श्रवण

⛅ योग - व्यतिपात 11 फरवरी प्रातः 05:09 तक तत्पश्चात वरीयान्

⛅ राहुकाल - दोपहर 12:53 से दोपहर 02:18 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:13 

⛅ सूर्यास्त - 18:32 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - मासिक शिवरात्रि

 💥 विशेष - चतुर्दशी और अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

 

🌷 मौनी अमावस्या 🌷

🚩 11 फरवरी 2021 गुरुवार को मौनी अमावस्‍या है उस दिन प्रयाग में स्नान की तिथि है | आप सब प्रयाग तो नहीं जाओगे पर अपने घर पे ही उस दिन स्नान करते समय – 

🌷 ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा | ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा |

🔥 ये मंत्र बोलकर उबटन शरीर पर लगाकर स्नान करें तो गंगा स्नान का पुण्य मिलता है | अमावस्या के दिन तो जरुर करें | उस दिन गीता का सातवाँ अध्याय का पाठ करें और भगवान ने धन दिया है तो उस दिन घर में आटे की, बेसन की २ – ४ किलो मिठाई बना ले और गरीब बच्चे-बच्चियों में बाँट आयें, अपने पितरो के नाम दादा, दादी, नानी उनके नाम से बाँट कर आ जायें |

🌷 धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए 🌷

🔥 हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।

🍛 सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।

🔥 विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।

🔥 आहुति मंत्र 🔥

🌷 १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः

🌷 २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः

🌷 ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः

🌷 ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः

🌷 ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः


🌷 मौनी अमावस्या का मंत्र 🌷

🚩 भविष्योत्तर पुराण में बताया है कि  माघी अमावश्या के दिन  अगर भगवान ब्रम्हाजी का कोई पूजन करे, श्लोक और गायत्री मंत्र बोलकर जो ब्रम्हाजी को नमन करते हैं और थोड़ी देर शांत बैठे और फिर गुरुमंत्र का जप करें तो उनको विशेष लाभ होता है | जो भाई-बहन जो सत्संग में आते हैं  वो दैवी सम्पदा पायें और लौकिक सम्पदा भी पायें | किसी के सिर पे भार न रहें | दैवी सम्पदा से खूब धनवान हों और लौकिक धन की भी कमी न रहें |

🌷 मंत्र इस प्रकार है –

स्थानं स्वर्गेथ पाताले यन्मर्ते किंचिदत्तंम | तद्व्पोंत्य संधिग्धम पद्मयोंने प्रसादत: || 

🌷 गायत्री मंत्र – 

ॐ भू भुर्व: स्व: तत सवितुर्वरेण्यं | भर्गो देवस्य धीमहि | धियो यो न: प्रचोदयात् ||

🌷 नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए 🌷

🏡  घर में हर अमावस्या अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।

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सोमवार, 8 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️  सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - द्वादशी 09 फरवरी प्रातः 03:19 तक तत्पश्चात त्रयोदशी

⛅ दिनांक 08 फरवरी 2021

⛅ दिन - सोमवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - मूल शाम 03:21 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा

⛅ योग - हर्षण सुबह 11:32 तक तत्पश्चात वज्र

⛅ राहुकाल - सुबह 08:38 से सुबह 10:03 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:14 

⛅ सूर्यास्त - 18:31 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - षटतिला एकादशी (भागवत)

 💥 विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।

💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l

💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।

💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।

💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।


🌷 आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो 🌷

➡ 09 फरवरी 2021 मंगलवार को भौम प्रदोष योग है ।

🚩 किसी को आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो भौम प्रदोष योग हो, उस दिन शाम को सूर्य अस्त के समय घर के आसपास कोई शिवजी का मंदिर हो तो जाए और ५ बत्ती वाला दीपक जलाये और थोड़ी देर जप करें :

👉🏻 ये मंत्र बोले :–

🌷 ॐ भौमाय नमः

🌷 ॐ मंगलाय नमः

🌷 ॐ भुजाय नमः

🌷 ॐ रुन्ह्र्ताय नमः

🌷 ॐ भूमिपुत्राय नमः

🌷 ॐ अंगारकाय नमः

👉🏻 और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:-

🌷 धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम |

कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलम प्रणमाम्यहम ||

 🌷 कर्ज-निवारक कुंजी भौम प्रदोष व्रत 🌷

🚩 त्रयोदशी को मंगलवार  उसे भौम प्रदोष कहते हैं ....इस दिन नमक, मिर्च नहीं खाना चाहिये, इससे जल्दी फायदा होता है | मंगलदेव ऋणहर्ता देव हैं। इस दिन संध्या के समय यदि भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तो भोलेनाथ की, गुरु की कृपा से हम जल्दी ही कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इस दैवी सहायता के साथ थोड़ा स्वयं भी पुरुषार्थ करें। पूजा करते समय यह मंत्र बोलें –

🌷 मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्। जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः।।

शनिवार, 6 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - नवमी सुबह 08:13 तक तत्पश्चात दशमी


⛅ * 06 फरवरी 2021*

⛅ दिन - शनिवार

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - अनुराधा शाम 05:18 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा

⛅ योग - ध्रुव शाम 04:38 तक तत्पश्चात व्याघात

⛅ राहुकाल - सुबह 10:03 से सुबह 11:28 तक

⛅ सूर्योदय - 07:15 

⛅ सूर्यास्त - 18:30 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - दशमी क्षय तिथि

 💥 विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 एकादशी व्रत के लाभ 🌷

➡ 07 फरवरी 2021 रविवार को प्रातः 06:27 से 08 फरवरी, सोमवार को प्रातः 04:47 तक एकादशी हैं (यानी 07 फरवरी रविवार को षटतिला एकादशी स्मार्त एवं 08 फरवरी सोमवार को षटतिला एकादशी भागवत)

💥 विशेष - 08 फरवरी, सोमवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

🌺 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।

🌺 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

🌺 जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

🚩 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।

🌺 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।

🌺 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

🌺 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी  ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

 

🌷 निरापद पद की प्राप्ति में सहायक व्रत 🌷

➡ (षट्तिला एकादशी : 08 फरवरी )

🚩 धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान् श्रीकृष्ण से पूछा : “देव ! माघ  मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का माहात्म्य मैं जानना चाहता हूँ |”

🚩 भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं : “यह एकादशी ‘षट्तिला’ के नाम से विख्यात है | पुलस्त्य ऋषि ने दाल्भ्य ऋषि से इसके माहात्म्य का वर्णन किया था | इस एकादशी का व्रत पापों का शमन  करता है | जीव को निरापद पद की प्राप्ति के लिए षट्तिला एकादशी का व्रत करना चाहिए, सर्वव्यापक भगवान हरि का पूजन करना चाहिए | काम=क्रोध आदि से लिप्त नीच कर्मों और अति भाषण का त्याग करके मौन का अवलम्बन लेना चाहिए और भगवत्सुमिरन बढ़ाकर भगवदरस लेते हुए रात्रि का जागरण करना चाहिए | (रात्रि में १२ बजे तक का जागरण ) ”

👉🏻 इस दिन तिलों का ६ जगह उपयोग कर लेना चाहिए –

➡ १] तिल, आँवला आदि मिलाकर बना उबटन लगाना |

➡ २] जल में तिल डालकर स्नान करना |

➡ ३] पीनेवाले जल में तिल डाल के पानी पीना |

➡ ४] भोजन में तिल का उपयोग करना |

➡ ५] तिल का दान करना और

➡ ६] हवन-यज्ञ में तिल का उपयोग करना |

💥 तिल हितकारी हैं परन्तु रात्रि में तिल-मिश्रित पदार्थ का सेवन हानि करता है | दही और तिल रात्रि को नहीं खाने चाहिए | जो षट्तिला एकादशी का उपवास करते हैं वे भी तिल-शक्कर की चिक्की अथवा लड्डू खा सकते हैं |


🌷 एकादशी के दिन करने योग्य 🌷

 एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

🌷 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌷

🚩 महीने में १५-१५ दिन में  एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

'वेश्यावृत्ति' के चलते स्पा सेंटर पर कार्यवाही

नोएडा में सैकड़ों स्पा सेंटर फिर कार्यवाही सिर्फ एक पर क्यों ?

कहीं रिश्वत/महीने ना देने पर कार्यवाही तो नहीं? 

हर महीने करोड़ों का चढ़ावा जाता है विभाग को

नोएडा। सेक्टर 18 स्थित वेव मॉल में चल रहे 12 स्पा सेंटरों में बुधवार शाम पुलिस ने छापेमारी इनमें से एक में वेश्यावृत्ति पकड़ी गई और यहां से तीन ग्राहकों व एक कर्मी को गिरफ्तार किया गया। चार युवतियों को पुनर्वास केंद्र में भेजा गया है, अन्य 11 सेंटर संचालकों को पुलिस नोटिस भेजेगी और नियम के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहेगी। 

गौरतलब है कि सभी जानते है कि स्पा सेंटर में क्या होता और सभी को मालूम है कि सब कुछ पुलिस की सरपरस्ती में ही किया जा रहा है। फिर अचानक कार्यवाही करना सबको अचरज में डाल रहा है? प्राप्त जानकारी के अनुसार स्पा सेंटर महीना देते है तभी वे चल पाते है। 

कोतवाली सेक्टर 20 के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि वेब मॉल में चल रहे 12 इस बार सेंटरों में छापे मारे गए 11 की जांच में अधिकांश मानक के अनुरूप सही पाए गए। यहां के दरवाजे अंदर से बंद नहीं थे और युवतियां भी पोशाक में थी, केवल आनंदम में वेश्यावृत्ति होती पकड़ी गई और यहां आपत्तिजनक सामान मिला यहां काम करने वाली चार युवतियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुनर्वास केंद्र भेज दिया जबकि एक कर्मी समेत चार ग्राहकों को गिरफ्तार कर लिया। 

इनके खिलाफ कोतवाली सेक्टर 20 में देह व्यापार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है बृहस्पतिवार चारों को कोर्ट में पेश किया जाएगा इस बार सेंटर के मालिक सुरेंद्र की पुलिस तलाश कर रही है इधर छापे के लिए पुलिस के पहुंचते ही भगदड़ की स्थिति हो गई कर्मचारियों व कस्टमर को कुछ समझ नहीं आ रहा था जब आनंदम के पास पुलिस पहुंची तो वहां दरवाजा बंद मिला पुलिस ने सख्ती से कार्रवाई की तो आपत्तिजनक सामान मिला इसके बाद पुलिस ने अन्य 11 स्पा सेंटरों को नोटिस देने की बात कही। 

पांच बड़े बकायेदारों के आवंटन निरस्त

नोएडा। बड़े बकायेदारों के खिलाफ प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू कर दी है, इसी कड़ी में कई विभागों ने बकायेदारों के आवंटन को निरस्त किया है। सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि औद्योगिक संस्थागत और वाणिज्यिक विभागों के कई बड़े बकायेदारों के आवंटन निरस्त किए गए हैं। बार-बार नोटिस देने के बावजूद इनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही थी इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। 

ओएसडी राजेश कुमार ने बताया कि हाल ही में करीब 45 बड़े बकायेदारों के आवंटन प्राधिकरण ने निरस्त कर दिए हैं। संस्थागत विभाग के यह बताएं दार पैसे जमा नहीं कर रहे थे। इसमें सेक्टर 44 के की एक ग्रेनाइट कंपनी पर 1188 करोड़ का बकाया था सेक्टर 15 की  एम सानिया  पर 4 20 करोड़ का बकाया था सेक्टर 94 की विजन टाउन प्लानर पर 168 करोड का बकाया था इन तीनों कंपनियों के जमीन आवंटन को प्राधिकरण ने निरस्त कर दिया है। 

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६   ⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - सप्तमी दोपहर 12:07 तक तत्पश्चात अष्टमी


⛅ दिनांक 04 फरवरी 2021

⛅ दिन - गुरुवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - स्वाती शाम 07:45 तक तत्पश्चात विशाखा

⛅ योग - गण्ड रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात वृद्धि

⛅ राहुकाल - दोपहर 02:17 से शाम 03:42 तक

⛅ सूर्योदय - 07:15 

⛅ सूर्यास्त - 18:29 

⛅ दिशाशूल - दक्षिण दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - 

 💥 विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 वायु की तकलीफ में 🌷

➡ वायु की तकलीफ है, जोडों का दर्द है तो १०-१५ तुलसी के पत्ते, १-२ काली मिर्च, १०-१५ ग्राम गाय का घी मिलाकर खाया करें l वायु सम्बन्धी बीमारियों में आराम होगा l


🌷 दीर्घायु के लिए 🌷

👉🏻 २ ग्राम सौंठ में पानी मिलाकर रात को लोहे की कड़ाही के अंदर लेप करें l प्रातः काल वह सौंठ दूंध में मिलाकर पीने से दीर्घायुश की प्राप्ति होती है l


🌷 सौभाग्य और ऐश्वर्य बढाने हेतु 🌷

🚩 शुक्रवार के दिन जो लोग अपने जीवन में सुख सौभाग्य और ऐश्वर्य को बढ़ाना चाहे वे शुक्रवार का व्रत करें | व्रत मतलब नमक -मिर्च बिना का भोजन ..खीर आदि खा सकते हैं और जप ज्यादा करें |

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

VENUE-2


 

VENUE FOR PARTIES


 

TO LET - CLASSIFIED


 

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श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️🚩 सप्तर्षि संवत-५०९६  ⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - पंचमी शाम 04:19 तक तत्पश्चात षष्ठी


⛅ दिनांक 02 फरवरी 2021

⛅ दिन - मंगलवार

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - हस्त रात्रि 10:33 तक तत्पश्चात चित्रा

⛅ योग - धृति 03 फरवरी प्रातः 03:57 तक तत्पश्चात शूल

⛅ राहुकाल - शाम 03:41 से शाम 05:05 तक 

⛅ सूर्योदय - 07:16 

⛅ सूर्यास्त - 18:28 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - 

 💥 विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 माघ मास 🌷

🚩 माघ मास हिंदू पञ्चाङ्ग का 11 वां चंद्रमास है। इस मास में मघा नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम माघ रखा गया (मघायुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः)।

➡ उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार माघ मास प्रारंभ हो चुका है।

👉🏻 माघ मास में श्रवण और मूल शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है।

🚩 माघ मास में कृष्ण पक्ष की पंचमी व शुक्ल पक्ष की षष्ठी मास शून्य तिथियां होती हैं।

➡ इन तिथियों शुभ काम नहीं करना चाहिए।

🚩 महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार

माघं तु नियतो मासमेकभक्तेन य: क्षिपेत्।

श्रीमत्कुले ज्ञातिमध्ये स महत्त्वं प्रपद्यते।। 

👉🏻 अर्थात जो माघ मास में नियमपूर्वक एक समय भोजन करता है, वह धनवान कुल में जन्म लेकर अपने कुटुम्बजनों में महत्व को प्राप्त होता है।

➡ माघ में मूली का त्याग  करना चाहिए। देवता और पितर को भी मूली अर्पण न करें।

🚩 श्री हरि नारायण को माघ मास अत्यंत प्रिय है। वस्तुत: यह मास प्रातः स्नान (माघ स्नान), कल्पवास, पूजा-जप-तप, अनुष्ठान, भगवद्भक्ति, साधु-संतों की कृपा प्राप्त करने का उत्तम मास है। माघ मास की विशिष्टता का वर्णन करते हुए महामुनि वशिष्ठ ने कहा है, ‘जिस प्रकार चंद्रमा को देखकर कमलिनी तथा सूर्य को देखकर कमल प्रस्फुटित और पल्लवित होता है, उसी प्रकार माघ मास में साधु-संतों, महर्षियों के सानिध्य से मानव बुद्धि पुष्पित, पल्लवित और प्रफुल्लित होती है। यानी प्राणी को आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।

 🚩 पद्मपुराण, उत्तरपर्व  में कहा गया है 

ग्रहाणां च यथा सूर्यो नक्षत्राणां यथा शशी

मासानां च तथा माघः श्रेष्ठः सर्वेषु कर्मसु

👉🏻 अर्थात जैसे ग्रहों में सूर्य और नक्षत्रों में चन्द्रमा श्रेष्ठ है, उसी प्रकार महीनों में माघ मास श्रेष्ठ है।

🚩 पद्मपुराण में कहा गया है की माघ मास आने पर नाना प्रकार के फूलों से भगवान की पूजा करें। उस समय कपूर से तथा नाना प्रकार के नैवेद्य एवं लड्डूओं से पूजा होनी चाहिए। इस प्रकार देवदेवेश्वर के पूजित होने पर मनुष्य निश्चय ही मनोवाञ्छित फलों को प्राप्त कर लेता है।

🚩 पद्मपुराण में वसिष्ठजी कहते हैं कि वैशाख में जल और अन्न का दान उत्तम है, कार्तिक में तपस्या और पूजा की प्रधानता है तथा माघ में जप, होम और दान ये तीन बातें विशेष हैं। जिन लोगों ने माघ में प्रातः स्नान, नाना प्रकार का दान और भगवान विष्णु का स्तोत्र पाठ किया है, वे दिव्यधाम में आनन्दपूर्वक निवास करते हैं।

🌷 माघ मास में प्रातःकाल स्नान का विशेष महत्व है

व्रतैर्दानैस्तपोभिश्च न तथा प्रीयते हरि:। माघमज्जनमात्रेण यथा प्रीणाति केशव:।।

प्रीतये वासुदेवस्य सर्वपापापनुक्तये। माघस्नानं प्रकुर्वीत स्वर्ग लाभाय मानव:।।

👉🏻 पूरे माघ मास में प्रयाग में निवास तथा प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान बहुत भाग्यशाली मनुष्य को प्राप्त होता है ।

🚩 स्कन्दपुराण वैष्णवखण्ड के अनुसार

प्रयागो माघमासे तु पुष्करं कार्तिके तथा ।।

अवन्ती माधवे मासि हन्यात्पापं युगार्जितम् ।।

👉🏻 माघ मास में प्रयाग, कार्तिक में पुष्कर और वैशाख मास में अवन्तीपुरी (उज्जैन) - ये एक युगतक उपार्जित किये हुए पापों का नाश कर डालते हैं।

🚩 ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार

जो व्रती पुरुष चैत्र अथवा माघ मास में शंकर की पूजा करता है तथा बेंत लेकर उनके सम्मुख रात-दिन भक्ति पूर्वक नृत्य करने में तत्पर रहता है, वह चाहे एक मास, आधा मास, दस दिन, सात दिन अथवा दो ही दिन या एक ही दिन ऐसा क्यों न करे, उसे दिन की संख्या के बराबर युगों तक भगवान शिव के लोक में प्रतिष्ठा प्राप्त हो जाती है।

👉🏻 माघ में तिलों का दान जरूर जरूर करना चाहिए। विशेषतः तिलों से भरकर ताम्बे का पात्र दान देना चाहिए।

🚩 महाभारत अनुशासन पर्व के 66वें अध्याय के अनुसार 

माघ मासे तिलान् यस्तु ब्राह्मणेभ्यः प्रयच्छति। सर्वसत्वसमकीर्णं नरकं स न पश्यति॥

👉🏻 जो माघ मास में ब्राह्मणों को तिल दान करता है, वह समस्त जन्तुओं से भरे हुए नरक का दर्शन नहीं करता।

🚩 माघ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया (14 फरवरी 2021) को मन्वंतर तिथि कहते है उस दिन जो कुछ दान दिया जाता है उसका फल अक्षय बताया गया है ( पद्मपुराण - सृष्टि खंड )🕉️

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️🚩 सप्तर्षि संवत-५०९६                    ⛅ 🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - चतुर्थी शाम 06:24 तक तत्पश्चात पंचमी

⛅ दिनांक 01 फरवरी 2021

⛅ दिन - सोमवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात हस्त

⛅ योग - अतिगण्ड सुबह 09:46 तक तत्पश्चात सुकर्मा

⛅ राहुकाल - सुबह 08:40 से 10:04 तक

⛅ सूर्योदय - 07:17 

⛅ सूर्यास्त - 18:27 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण -

 💥 विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

   

🌷 पौष्टिक गुणों से युक्त तिल की बर्फी 🌷

🍛 १ – १ कटोरी तिल व मूँगफली अलग – अलग सेंकलें व एक सूखा नारियल – गोला किस लें | ५०० ग्राम गुड़ की दो तार की चाशनी बनाकर इन सबकी बर्फी जमालें |

💪🏻 स्वादिष्ट व पौष्टिक गुणों से युक्त यह बर्फी शीत ऋतु में बहुत लाभकारी है |


🌷 वात और पित्त सम्बन्धी बीमारियों में 🌷

🌿 ३ नीम के पत्ते, २ बेल के पत्ते और २ काली मिर्च......उनको अच्छी तरह से पीसें और १ कप (७०-८० ml) पानी में घोल के सुबह शाम पिया करें .......तो वात और पित्त सम्बन्धी बीमारियाँ मिटेंगी और भूख भी अच्छी लगेगी l


🌷 ग्रह दोष की शांति के लिए 🌷

🚩 कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति हो तो दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। किसी एक ग्रह की वजह से भी हमारे कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यहां जानिए ज्योतिष शास्त्र के कुछ ऐसे उपाय,जिनसे ग्रहों के दोष दूर होते हैं और बाधाएं दूर हो सकती हैं।

▶ सूर्य से संबंधित दोष को दूर करने के लिए शिवलिंग पर पीले फूल अर्पित करना चाहिए ।

▶ चंद्र से संबंधित दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।

▶ मंगल दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर कुम -कुम और लाल पुष्प अर्पित करना चाहिए ।

▶ बुद्ध संबंधित दोषों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर बिल्ब पत्र अर्पित करें ।

▶ गुरु के दोषों को दूर करने के लिए शिवलिंग पर चने की दाल और बेसन के लड्डू अर्पित करें।

▶ शुक्र के दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर हर रोज जल अर्पित करें ।

▶ शनि, राहु और केतु से संबंधित दोषों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना चाहिए ।

रविवार, 31 जनवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६   ⛅  🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - तृतीया रात्रि 08:24 तक तत्पश्चात चतुर्थी

⛅ दिनांक 31 जनवरी 2021

⛅ दिन - रविवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी 01 फरवरी रात्रि 01:18 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी

⛅ योग - शोभन दोपहर 12:33 तक तत्पश्चात अतिगण्ड

⛅ राहुकाल - शाम 05:04 से शाम 06:28 तक

⛅ सूर्योदय - 07:17 

⛅ सूर्यास्त - 18:27 

⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:05)

 💥 विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए 🌷

👉 31 जनवरी 2021 रविवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:05)

🚩 शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :

🌷 ॐ गं गणपते नमः ।

🌷 ॐ सोमाय नमः ।


 🌷 चतुर्थी  तिथि विशेष 🌷 चतुर्थी तिथि के स्वामी  भगवान गणेश जी हैं।

📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं। 

🚩 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।

🚩 शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥

➡ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।


🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷

🚩 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |

👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं –

🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।

🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।

🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।

🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और  जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।

🌷 ॐ अविघ्नाय नम:

🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम: 

शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅  🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - प्रतिपदा रात्रि 11:41 तक तत्पश्चात द्वितीया

⛅ दिनांक 29 जनवरी 2021

⛅ दिन - शुक्रवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - माघ

⛅ पक्ष - कृष्ण 

⛅ नक्षत्र - अश्लेशा 30 जनवरी प्रातः 03:21 तक तत्पश्चात मघा

⛅ योग - आयुष्मान् शाम 05:28 तक तत्पश्चात सौभाग्य

⛅ राहुकाल - सुबह 11:28 से दोपहर 12:22 तक

⛅ सूर्योदय - 07:17 

⛅ सूर्यास्त - 18:25 

⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण -

 💥 विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 माघ में तिलदान 🌷

👉🏻 28 जनवरी से लेकर 27 फरवरी तक (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार माघ मास दिनांक 12 फरवरी से) माघ महिना रहेगा |

🚩 माघ में तिलों का दान जरूर जरूर करना चाहिए। विशेषतः तिलों से भरकर ताम्बे का पात्र दान देना चाहिए।

🚩 शिवपुराण के अनुसार "तिलदानं बलार्थं हि सदा मृत्युजयं विदुः" तिलदान बलवर्धक एवं मृत्यु का निवारक होता हैं |

🚩 महाभारत अनुशासनपर्व में वर्णित तिलदान का महत्व

🌷 पितॄणां प्रथमं भोज्यं तिलाः सृष्टाः स्वयंभुवा। तिलदानेन वै तस्मात्पितृपक्षः प्रमोदते।।

माघमासे तिलान्यस्तु ब्राह्मणेभ्यः प्रयच्छति। सर्वसत्वसमाकीर्णं नरकं स न पश्यति।।

सर्वसत्रैश्च यजते यस्तिलैर्यजते पितॄन्। न चाकामेन दातव्यं तिलैः श्राद्धं कदाचन।।

महर्षेः कश्यपस्यैते गात्रेभ्यः प्रसृतास्तिलाः। ततो दिव्यं गता भावं प्रदानेषु तिलाः प्रभो।।

पौष्टिका रूपदाश्चैव तथा पापविनाशनाः। तस्मात्सर्वप्रदानेभ्यस्तिलदानं विशिष्यते।।

आपस्तम्बश्च मेधावी शङ्खश्च लिखितस्तथा। महर्षिर्गौतमश्चापि तिलदानैर्दिवं गताः।।

तिलहोमरता विप्राः सर्वे संयतमैथुनाः। समा गव्येन हविषा प्रवृत्तिषु च संस्थिताः।।

सर्वेषामिति दानानां तिलदानं विशिष्यते। अक्षयं सर्वदानानां तिलदानमिहोच्यते।।

उच्छिन्ने तु पुरा हव्ये कुशिकर्षिः परन्तपः। तिलैरग्नित्रयं हुत्वा प्राप्तवान्गतिमुत्तमाम्।।

🚩 ब्रह्माजी ने जो तिल उत्पन्न किये हैं, वे पितरों के सर्वश्रेष्ठ खाद्य पदार्थ हैं। इसलिये तिल दान करने से पितरों को बड़ी प्रसन्नता होती है । जो माघ मास में ब्राह्माणों को तिल दान करता है, वह समस्त जन्तुओं से भरे हुए नरक का दर्शन नहीं करता। जो तिलों के द्वारा पितरों का पूजन करता है, वह मानो सम्पूर्ण यज्ञों का अनुष्ठान कर लेता है। तिल-श्राद्ध कभी निष्काम पुरूष को नहीं करना चाहिये । प्रभो। यह तिल महर्षि कश्‍यप के अंगों से प्रकट होकर विस्तार को प्राप्त हुए है; इसलिये दान के निमित्त इनमें दिव्यता आ गयी है। तिल पौष्टिक पदार्थ है। वे सुन्दर रूप देने वाले और पाप नाशक हैं इसलिये तिल-दान सब दानों से बढ़कर है। परम बुद्विमान महर्षि आपस्तम्ब, शंख, लिखित तथा गौतम- ये तिलों का दान करके दिव्य लोक को प्राप्त हुए हैं। वे सभी ब्राह्माण स्त्री-समागम से दूर रहकर तिलों का हवन किया करते थे, तिल गौर घृत के समान हवी के योग्य माने गये हैं इसलिये यज्ञों में गृहित होते हैं एवं हर एक कर्मों में उनकी आवश्‍यकता है । अतः तिल दान सब दानों से वढ़कर है। तिल दान यहां सब दानों में अक्षय फल देने वाला बताया जाता है।पूर्व काल में परंतप राजर्षि कुशिक हविष्य समाप्त हो जाने पर तिलों से ही हवन करके तीनों अग्नियों को तृप्त किया था; इससे उन्हें उत्तम गति प्राप्त हुई।

🚩 ब्रह्मवैवर्तपुराण, प्रकृतिखण्ड, अध्याय 27 तथा देवीभागवतपुराण, स्कन्ध 09, अध्यायः 30 के अनुसार 

🌷 तिलदानं ब्राह्मणाय यः करोति च भारते । तिलप्रमाणवर्षं च मोदते विष्णुमन्दिरे ।।

ततः स्वयोनिं संप्राप्य चिरजीवी भवेत्सुखी। ताम्रपात्रस्थदानेन द्विगुणं च फलं लभेत्।।

🚩 जो भारतवर्ष में ब्राह्मण को तिलदान करता है, वह तिल के बराबर वर्षों तक विष्णुधाम में सम्मान पाता है। उसके बाद उत्तम योनि में जन्म पाकर चिरजीवी हो सुख भोगता है। ताँबे के पात्र में तिल रखकर दान करने से दुगना फल मिलता है।

राकेश टिकैत की संपत्ति

 साल 2014 के लोक सभा चुनाव में राकेश टिकैत द्वारा दिए गए शपथपत्र के अनुसार, उनकी संपत्ति की कीमत 4,25,18,038 थी. इसके अलावा राकेश टिकैत के शपथपत्र के मुताबिक, उस समय उनके पास 10 लाख रुपये कैश था.

दो बार चुनाव लड़ चुके हैं राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने पहली बार साल 2007 में मुजफ्फरनगर की खतौली विधान सभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी हार हो गई थी. इसके बाद राकेश टिकैत ने साल 2014 में अमरोहा जिले से राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर लोक सभा चुनाव लड़ा था. लेकिन वो चुनाव नहीं जीत पाए.

राकेश टिकैत का परिवार

राकेश टिकैत के बड़े भाई नरेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. राकेश टिकैत खुद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता हैं. राकेश टिकैत के छोटे भाई सुरेंद्र टिकैत मेरठ की एक शुगर मिल में मैनेजर हैं. वहीं सबसे छोटे भाई नरेंद्र टिकैत खेती करते हैं.

गुरुवार, 28 जनवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६ ⛅  🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - पूर्णिमा रात्रि 12:45 तक तत्पश्चात प्रतिपदा

⛅ दिनांक 28 जनवरी 2021

⛅ दिन - गुरुवार

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - पुष्य 29 जनवरी प्रातः 03:51 तक तत्पश्चात अश्लेशा

⛅ योग - प्रीति रात्रि 07:25 तक तत्पश्चात आयुष्मान्

⛅ राहुकाल - दोपहर 02:15 से शाम 03:39 तक

⛅ सूर्योदय - 07:18 

⛅ सूर्यास्त - 18:25 

⛅ दिशाशूल - दक्षिण दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - व्रत पूर्णिमा, पौषी पूर्णिमा, माघ स्नान प्रारंभ, गुरुपुष्पामृत योग (सूर्योदय से 29 जनवरी प्रातः 03:51 तक)

 💥 विशेष - पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)


🌷 सर्वफलप्रदायक माघ मास व्रत 🌷 

👉🏻 28 जनवरी से लेकर 27 फरवरी तक (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार माघ मास दिनांक 12 फरवरी से) माघ महिना रहेगा |

🚩 पुण्यदायी स्नान सुधारे स्वभाव

माघ मास में प्रात:स्नान (ब्राम्हमुहूर्त में स्नान) सब कुछ देता है | आयुष्य लम्बा करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य व सदाचरण देता है | जो बच्चे सदाचरण के मार्ग से हट गये हैं उनको भी पुचकारके, इनाम देकर भी प्रात:स्नान कराओ तो उन्हें समझाने से, मारने-पीटने से या और कुछ करने से वे उतना नहीं सुधर सकते हैं, घर से निकाल देने से भी इतना नहीं सुधरेंगे जितना माघ मास में सुबह का स्नान करने से वे सुधरेंगे |

🚩 तो माघ स्नान से सदाचार, संतानवृद्धि, सत्संग, सत्य आचरण उदारभाव आदि का प्राकट्य होता है | व्यक्ति की सुंदरता माने समझ उत्तम गुणों से सम्पन्न हो जाती है | उसकी दरिद्रता और पाप दूर हो जाते हैं | दुर्भाग्य का कीचड़ सूख जाता है | माघ मास में सत्संग-प्रात:स्नान जिसने किया, उसके लिए नरक का डर सदा के लिए खत्म हो जाता है | मरने के बाद वह नरक में नहीं जायेगा | माघ मास के प्रात:स्नान से वृत्तियाँ निर्मल होती हैं, विचार ऊँचे होते हैं | समस्त पापों से मुक्ति होती है | ईश्वरप्राप्ति नहीं करनी हो तब भी माघ मास का सत्संग और पुण्यस्नान स्वर्गलोक तो सहज में ही तुम्हारा पक्का करा देता है | माघ मास का पुण्यस्नान यत्नपूर्वक करना चाहिए |

🚩 यत्नपूर्वक माघ मास के प्रात:स्नान से विद्या निर्मल होती है | मलिन विद्या क्या है ? पढ़-लिखके दूसरों को ठगो, दारु पियो, क्लबों में जाओ, बॉयफ्रेंड – गर्लफ्रेंड करो – यह मलिन विद्या है | लेकिन निर्मल विद्या होगी तो इस पापाचरण में रूचि नहीं होगी | माघ के प्रात:स्नान से निर्मल विद्या व कीर्ति मिलती है | ‘अक्षय धन’ की प्राप्ति होती है | रूपये – पैसे तो छोड़के मरना पड़ता है | दूसरा होता है ‘अक्षय धन’, जो धन कभी नष्ट न हो उसकी भी प्राप्ति होती है | समस्त पापों से मुक्ति और इन्द्रलोक अर्थात स्वर्गलोक की प्राप्ति सहज में हो जाती है |

🚩 ‘पद्म पुराण’ में भगवान राम के गुरुदेव वसिष्ठजी कहते हैं कि ‘वैशाख में जलदान. अन्नदान उत्तम माना जाता है और कार्तिक में तपस्या, पूजा लेकिन माघ में जप, होम और दान उत्तम माना गया है |’

मंगलवार, 26 जनवरी 2021

काँग्रेस: गणतंत्र दिवस पर झण्डारोहण किया


उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग काँग्रेस के प्रदेश महासचिव लियाक़त चौधरी के सेक्टर 15 नयाबांस स्थित पार्टी कार्यालय पर 72 वे गणतंत्र दिवस पर झण्डारोहण किया गया, इस अवसर पर मुख्यरूप से उपस्थित वरिष्ठ नेता कुँवर नूर मोमहद ने सभी काँग्रेस के कार्यकर्ता सहित नोएडावासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते होये कहा है कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना भाग्य रचा था, उत्तर प्रदेश काँग्रेस कमेटी के सद्स्य सतेन्द्र शर्मा ने बताया कि आज पूरे देश गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा हुआ है 72 साल पहले सविधान ने हमे लोकतांत्रिक गणराज्य दिया,इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शहाबुदीन,पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव, वरिष्ट नेता कुँवर नूर मोमहद, प्रदेश अल्पसंख्यक महासचिव लियाक़त चौधरी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सद्स्य सतेन्द्र शर्मा ,महासचिव यतेन्द्र शर्मा, सगठन प्रभारी उपाध्यक्ष ललित अवाना, महासचिव रिजवान चौधरी, ब्लॉक अध्य्क्ष जावेद खान, ब्लॉक अध्य्क्ष जीतू शर्मा, नेता विक्रम चौधरी, सुंदर कुमार,कृष्णपाल, सौरव अग्रवाल, कुलदीप अधाना आदि लोग उपस्थित रहे।




श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - त्रयोदशी 27 जनवरी रात्रि 01:11 तक तत्पश्चात चतुर्दशी


⛅ दिनांक 26 जनवरी 2021

⛅ दिन - मंगलवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - आर्द्रा 27 जनवरी प्रातः 03:12 तक तत्पश्चात पुनर्वसु

⛅ योग - वैधृति रात्रि 09:59 तक तत्पश्चात विष्कम्भ

⛅ राहुकाल - शाम 03:38 से शाम 05:02 तक

⛅ सूर्योदय - 07:18 

⛅ सूर्यास्त - 18:23 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - भौमप्रदोष व्रत, गणतंत्र दिवस, चतुर्दशी-आर्द्रा नक्षत्र योग (रात्रि 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात् 27 जनवरी 01:12 AM से 03:12 AM तक) (ॐकार का जप अक्षय फलदायी)

 💥 विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 माघ मास 🌷

  28 जनवरी से लेकर 27 फरवरी तक (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार माघ मास दिनांक 12 फरवरी से) माघ महिना रहेगा | माघ स्नान से बढ़कर पवित्र पाप नाशक दूसरा कोई व्रत नही है | एकादशी के व्रत की महिमा है, गंगा स्नान की महिमा है, लेकिन माघ मास में सभी तिथियाँ पर्व हैं, सभी तिथियाँ पूनम हैं | और माघ मास में सूर्योदय से थोड़ी देर पहले स्नान करना पाप नाशक और आरोग्य प्रद और प्रभाव बढ़ाने वाला है | पाप नाशनी उर्जा मिलने से बुद्धि शुद्ध होती है, इरादे सुंदर होते हैं |

🚩 पद्म पुराण में ब्रह्म ऋषि भृगु कहते हैं की तप परम ध्यानं त्रेता याम जन्म तथाह | द्वापरे व् कलो दानं | माघ सर्व युगे शुच ||

🚩 सत युग में तपस्या से उत्तम  पद की प्राप्ति होती है, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में भगवत पूजा से और कलियुग में दान सर्वोपरी माना गया है | दानं केवलं कलियुगे || परन्तु माघ स्नान तो सभी युगों में श्रेष्ठ माना गया है |

🚩 सतयुग में सत्य की प्रधानता थी, त्रेता में तप की, द्वापर में यज्ञकी, कलियुग में दान की लेकिन माघ मास में स्नान की चारो युग में बड़ी भारी महिमा है | सभी दिन माघ मास में स्नान कर सकें तो बहुत अच्छा नहीं  तो ३ दिन तो लगातार करना चाहिए | बीच में तो करें लेकिन आखरी ३ दिन तो जरूर करना चाहिए | माघ मास का इतना प्रभाव है कि सभी जल गंगा जल के तीर्थ पर्व के समान हैं |

 🚩 पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में १० वर्ष पवित्र शौच, संतोष आदि नियम पालने से जो फल मिलता है माघ मास में ३ दिन स्नान करने से वो मिल जाता है, खाली ३ दिन | माघ मास प्रात: स्नान सब कुछ देता है | आयु, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य, सदाचरण देता है |

 🚩 जिनके बच्चे सदाचरण से गिर गए हैं उनको भी पुचकारके, इनाम देकर भी बच्चो को स्नान कराओ तो बच्चों को समझाने से, मारने-पीटने से या और कुछ करने से उतना नहीं सुधर सकते हैं, घर से निकाल देने से भी इतना नहीं सुधरेंगे जितना माघ मास के स्नान से |

🚩 तो सदआचरण, संतान वृद्धि, सत्संग, सत्य और उदार भाव आदि का प्रादितय होता है | व्यक्ति की सुदंरता उत्तम गुण

 समझ, उतम गुण से सम्पन होती है | नर्क का डर उसके लिए सदा के लिए खत्म हो जाता है | मरने के बाद फिर वो नर्क में नही जायेगा |

 🚩 दरिद्रता और पाप दूर हो जायेंगे | दुर्भाग्य का कीचड नाश हो जायेगा | यत्न पूर्वक माघ स्नान, माघ प्रात: स्नान से विद्या निर्मल होती है | मलिन विद्या क्या है ? कि पढ़-लिख के दूसरों को ठगों | दारू पियो, क्लबों में जाओ, बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड करो ये मलिन विद्या है | लेकिन निर्मल विद्या होगी तो ये पापाचरण में रूचि नही होगी |

🚩 माघ प्रात: स्नान से विद्या निर्मल, कीर्ति बढ़ती है,  आरोग्य और आयुष्य, अक्षय धन की प्राप्ति होती है | जो धन कभी नष्ट ना हो, वह अक्षय धन की भी प्राप्ति होती है | रुपये-पैसे तो छोड़के मरना पड़ता है, दूसरा अक्षय धन वो भी प्राप्त होता है | समस्त पापों से मुक्ति और इंद्र लोक की प्राप्ति सहज में हो जाती है अर्थात स्वर्ग लोक की प्राप्ति |

 🚩 पद्म पुराण में वशिष्टजी भगवान कहते हैं, भगवान के गुरु, भगवान वशिष्टजी कहते हैं वैशाख में जल, अन्न दान उत्तम हैं | कार्तिक में तपस्या और पूजा, माघ में जप और होम दान उत्तम है |

🚩 प्रिय वस्तु अर्थात रूचिकर वस्तु का त्याग करने से व्यक्ति वासनाओं की गुलामी के जंजाल को काटने का बल ले आता है | नियम पालन, पवित्र नियम पालने से अधर्म की जड़े कटती हैं | जो लोग तत्वज्ञान सुनते हैं लेकिन अधर्म करते रहते हैं तो तत्वज्ञान में रूचि नहीं होती, तत्वज्ञान उनको पचता नहीं है | 

 🚩 मूर्ख हृदय न चेतिए यदपि गुरु मिले विरंची सम || ब्रह्माजी जैसा गुरु मिले लेकिन जिसको अधर्म में रूचि है वह फिर फिसल जाता है | मैं मिलियनर, बिलियनर, तिलियनर बनू | लेकिन वो सुसाईड करके मर गए कई  मिलियनर, कई तिलियनर, बड़े-बड़े | तो बड़े धनाढ़्य थे, और उनकी बड़ी दुर्गति हुई | तो जिस वस्तु में आसक्ति है उस वस्तु को बल पूर्वक त्याग दे तो अधर्म की जड़े कटती हैं |

 🚩 सकाम भावना से माघ महिने का स्नान करने वाले को मनोवांछित फल प्राप्त होता है लेकिन निष्काम भाव से कुछ नहीं चाहिए खाली भगवत प्रसन्नता, भगवत प्राप्ति के लिए माघ का स्नान करता है, तो उसको भगवत प्राप्ति में भी बहुत-बहुत आसानी होती है |

 🚩 सामर्थ्य के अनुसार प्रति दिन हवन और १ बार भोजन करें  माघ मास में | ३-३ बार खाना ये आध्यात्मिक जगत में और बच्चों के लिए ३-३ बार भोजन बुद्धि मोटी बना देगा | माघ मास में जरा नाश्ते से बच जाओ | २ टाईम भोजन करो | लिखा तो १ टाईम है लेकिन फिर भी २ टाईम कर सकते हैं |

 🚩 माघ मास में पति-पत्नी के सम्पर्क से दूर रहने वाला व्यक्ति दीर्घ आयु वाला रहता है और सम्पर्क करने वाले की आयुष्य नाश होती है | भूमि पे शयन नहीं तो गद्दा हटाकर सादे बिस्तर पर, पलंग पर और समर्थ जितना हो धन में, विद्या में, जितना भी कमजोर हो, असमर्थ हो, उतना ही उसको बल पूर्वक माघ स्नान कर लेना चाहिए | तो धन में, बल में, विद्या में बढ़ेगा | माघ मास का स्नान असमर्थ को सामर्थ्य देता है, निर्धन को धन देता है, बीमार को आरोग्य देता है | पापी को पुण्य, निर्बल को बल देता है | माघ मास में तिल उबटन स्नान | मिक्सी में पिस जाते हैं थोडा पानी में घोल बनाकर शरीर को मलकर फिर तिल और जौ वो पुण्य स्नान है | उबटन स्नान, तर्पण, हवन और दान और भोजन, भोजन में भी थोडा तिल हो जाये | वो कष्ट निवारक है |

noida darpan


 

tarun bhardwaj- rahul gandhi

 


tarun bhardwaj -rews

 


सोमवार, 25 जनवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩सप्तर्षि संवत-५०९६⛅ 🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - द्वादशी रात्रि 12:24 तक तत्पश्चात त्रयोदशी


⛅ दिनांक 25 जनवरी 2021

⛅ दिन - सोमवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - मॄगशिरा 26 जनवरी रात्रि 01:56 तक तत्पश्चात आर्द्रा

⛅ योग - इन्द्र रात्रि 10:29 तक तत्पश्चात वैधृति

⛅ राहुकाल - सुबह 08:41 से सुबह 10:04 तक

⛅ सूर्योदय - 07:18 

⛅ सूर्यास्त - 18:23 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण -

 💥 विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

         

🌷 प्रणव’ (ॐ) की महिमा (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 26 जनवरी 2021  रात्रि को 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात्  27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक)

🚩 सूतजी ने ऋषियों से कहा : “महर्षियों ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का | प्रणव इससे पार करने के लिए (नव) नाव है | इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं | ॐकार अपना जप करनेवाले साधकों से कहता है – ‘प्र –प्रपंच, न – नहीं है, व: - तुम लोगों के लिए |’ अत: इस भाव को लेकर भी ज्ञानी पुरुष ‘ॐ’ को ‘प्रणव’ नाम से जानते हैं | इसका दूसरा भाव है : ‘प्र – प्रकर्षेण, न – नयेत, व: -युष्मान मोक्षम इति वा प्रणव: | अर्थात यह तुम सब उपासकों को बलपूर्वक मोक्ष तक पहुँचा देगा|’ इस अभिप्राय से भी ऋषि-मुनि इसे ‘प्रणव’ कहते हैं | अपना जप करनेवाले योगियों के तथा अपने मंत्र की पूजा करनेवाले उपासको के समस्त कर्मो का नाश करके यह उन्हें दिव्य नूतन ज्ञान देता है, इसलिए भी इसका नाम प्रणव – प्र (कर्मक्षयपूर्वक) नव (नूतन ज्ञान देनेवाला) है |

🚩 इस मायारहित महेश्वर को ही नव अर्थात नूतन कहते हैं | वे परमात्मा प्रधान रूप से नव अर्थात शुद्धस्वरुप है, इसलिए ‘प्रणव’ कहलाते हैं | प्रणव साधक को नव अर्थात नवीन (शिवस्वरूप) कर देता है, इसलिए भी विद्वान पुरुष इसे प्रणव के नाम से जानते हैं  अथवा प्र – प्रमुख रूप से नव – दिव्य परमात्म – ज्ञान प्रकट करता है, इसलिए यह प्रणव है | यद्यपि जीवन्मुक्त के लिए किसी साधन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सिद्धरुप है, तथापि दूसरों की दृष्टि में जब तक उसका शरीर रहता है,  उसके द्वारा प्रणव – जप की सहज साधना स्वत: होती रहती है | वह अपनी देह का विलय होने तक सूक्ष्म प्रणव मंत्र का जप और उसके अर्थभूत परमात्म-तत्त्व का अनुसंधान करता रहता है | जो अर्थ का अनुसंधान न करके केवल मंत्र का जप करता है, उसे निश्चय ही योग की प्राप्ति होती है | जिसने इस मंत्र का ३६ करोड़ जप कर लिया हो, उसे अवश्य ही योग प्राप्त हो जाता है | ‘अ’ शिव है, ‘उ’ शक्ति है और ‘मकार’ इन दोनों की एकता यह त्रितत्त्वरूप है, ऐसा समझकर ‘ह्रस्व प्रणव’ का जप करना चाहिए | जो अपने समस्त पापों का क्षय करना चाहते हैं, उनके लिए इस ह्रस्व प्रणव का जप अत्यंत आवश्यक है |

🚩 वेद के आदि में और दोनों संध्याओं की उपासना के समय भी ॐकार का उच्चारण करना चाहिए | भगवान शिव ने भगवान ब्रम्हाजी और भगवान विष्णु से कहा : “मैंने पूर्वकाल में अपने स्वरूपभूत मंत्र का उपदेश किया है, जो ॐकार के रूप में प्रसिद्ध है | वह महामंगलकारी मंत्र है | सबसे पहले मेरे मुख से ॐकार ( ॐ ) प्रकट हुआ, जो मेरे स्वरूप का बोध करानेवाला है | ॐकार वाचक है और मैं वाच्य हूँ | यह मंत्र मेरा स्वरुप ही है | प्रतिदिन ॐकार का निरंतर स्मरण करने से मेरा ही सदा स्मरण होता है |

🚩 मुनीश्वरो ! प्रतिदिन दस हजार प्रणवमंत्र का जप करें अथवा दोनों संध्याओं के समय एक-एक हजार प्रणव का जप किया करें | यह क्रम भी शिवप्रद की प्राप्ति करानेवाला है |

🚩 ‘ॐ’ इस मंत्र का प्रतिदिन मात्र एक हजार जप करने पर सम्पूर्ण मनोरथों की सिद्धि होती है |

🚩 प्रणव के ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ इन तीनों अक्षरों से जीव और ब्रम्ह की एकता का प्रतिपादन होता है – इस बात को जानकर प्रणव ( ॐ ) का जप करना चाहिए | जपकाल में यह भावना करनी चाहिए कि ‘हम तीनों लोकों की सृष्टि करनेवाले ब्रम्हा, पालन करनेवाले विष्णु तथा संहार करनेवाले रुद्र जो स्वयंप्रकाश चिन्मय हैं, उनकी उपसना करते हैं | यह ब्रम्हस्वरूप ॐकार हमारी कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों की वृत्तियों को, मन की वृत्तियों को तथा बुद्धि की वृत्तियों को सदा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले धर्म एवं ज्ञान की ओर प्रेरित करें | प्रणव के इस अर्थ का बुद्धि के द्वारा चिंतन करता हुआ जो इसका जप करता है, वह निश्चय ही ब्रम्ह को प्राप्त कर लेता है | अथवा अर्थानुसंधान के बिना भी प्रणव का नित्य जप करना चाहिए | 🚩 (‘शिव पुराण’ अंतर्गत विद्धेश्वर संहिता से संकलित)

👉🏻 भिन्न-भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा

➡ आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 26 जनवरी 2021 को रात्रि 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात्  27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक) प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है |

🕉️

REWS- Tarun Bhardwaj- Advt


 

शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

सेक्टर 105: 1 सप्ताह में लावारिस कुत्तों ने 5 लोगों को काटा

नोएडा। सेक्टर 105 में लावारिस कुत्ते 1 सप्ताह में 5 लोगों को काट चुके हैं 70 के महासचिव दिव्य कृष्णात्रेय उर्फ दीपक शर्मा ने बताया कि निवासी इन कुत्तों से परेशान हैं पार्क जाने वालों और सड़क पर चलने वालों को लावारिस कुत्ते अपना निशाना बना रहे हैं बुधवार को 5 वर्षीय विकास को कुत्ते ने काट कर घायल कर दिया इसके अलावा गेट 3 पर तैनात गार्ड लेखराज समेत कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं सेक्टर के निवासी सोशल मीडिया के जरिए इस बारे में शिकायत कर रहे हैं। 

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩


🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - नवमी शाम 06:29 तक तत्पश्चात दशमी


⛅ दिनांक 22 जनवरी 2021

⛅ दिन - शुक्रवार

⛅ सप्तर्षि संवत-५०९६  ⛅विक्रम संवत - 2077*

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - भरणी शाम 06:40 तक तत्पश्चात कृत्तिका

⛅ योग - शुभ रात्रि 09:19 तक तत्पश्चात शुक्ल

⛅ राहुकाल - सुबह 11:27 से दोपहर 12:50 तक

⛅ सूर्योदय - 07:19 

⛅ सूर्यास्त - 18:21 

⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में

⛅ *व्रत पर्व विवरण - 

 💥 विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


🌷 किसानो के लिए 🌷

🌳 अपना खेत हो तो खेत में पश्चिम की तरफ पीपल का पेड़ लगा दो, पितर लोग राजी होंगे व सुख शांति होगी l खेत में कुआँ पूर्व-उत्तर के कोने में हो l पश्चिम और दक्षिण की तरफ अपना निवास हो खेत में बरकत आएगी l


🌷 कदवृद्धि 🌷

👉🏻 जिन बच्चों का कद नहीं बढता वे पुलअप्स का अभ्यास करें और बेल के ६ पते व २-४ काली मिर्च हनुमानजी का स्मरण करते हुए चबा चबाकर खाएं उसमे पानी डाल के पीसकर भी खा सकते हैं l


🌷 कैन्सर में 🌷

🐄 १)सुबह मंजन करने के पहले बासी मुंह, १ तोला (१०-१२ मि. ग्रा.) देशी गाय का गौ मूत्र छानकर ले या ये न मिले तो गौझरण में १०-१२ मि.ग्रा पानी डाल के लें ....( आश्रम में मिलता है ).. थोड़े दिन में कैन्सर की बीमारी मिट जायेगी l

🌿 २) २० ग्राम तुलसी का रस , ५० ग्राम ताजा दही के साथ कुछ दिन सुबह - शाम लेने से कैन्सर में आराम होता है ।

सीबीआई में रिश्वत का खेल डीएसपी इंस्पेक्टर गिरफ्तार

सहारनपुर और रुड़की के ठिकानों पर छापे नई दिल्ली सीबीआई ने एजेंसी के अंदर रिश्वतखोरी का कारोबार करने वाले अपने ही डीएसपी आरके ऋषि और इंस्पेक्टर कपिल धनखड़ को एक वकील के साथ गिरफ्तार किया है जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी अधिकारियों ने चार तीन सौ करोड़ रुपए के बैंक लोन की हेराफेरी में कंपनियों की मदद की तीनों को सीबीआई कोर्ट में पेशी के बाद 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया भेज दिया गया उधर सीबीआई ने ऋषि के यूपी स्थित सहारनपुर और उनकी पत्नी के रुड़की स्थित घरों पर छापे मारे सीबीआई ने ऋषि धनकड़ और वकील मनोहर मलिक सहित डिप्टी एसपी आरके सांगवान और अन्य वकील अरविंद कुमार गुप्ता के खिलाफ जांच को प्रभावित करने का मामला दर्ज किया है f.i.r. में श्री श्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स के अतिरिक्त निर्देशक मनदीप कौर ढिल्लों और फ्रास्ट इंटरनेशनल के निदेशकों पूजा देसाई और उदय देसाई के भी नाम है। 

बुधवार, 20 जनवरी 2021

श्री शारदा सर्वज्ञ पीठम

🚩जय सत्य सनातन🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२२ 

🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०७७

⛅ 🚩तिथि - सप्तमी दोपहर 01:16 तक तत्पश्चात अष्टमी

⛅ दिनांक 20 जनवरी 2021

⛅ दिन - बुधवार

⛅ सप्तर्षि संवत-५०९६, ⛅🚩विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ नक्षत्र - रेवती दोपहर 12:37 तक तत्पश्चात अश्विनी

⛅ योग - सिद्ध रात्रि 07:31 तक तत्पश्चात साध्य

⛅ राहुकाल - दोपहर 12:50 से दोपहर 02:13 तक

⛅ सूर्योदय - 07:19 

⛅ सूर्यास्त - 18:20 

⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण - बुधवारी अष्टमी (दोपहर 01:16 से 21 जनवरी सूर्योदय तक)

 💥 विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा  शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

        

🌷 करेला सेवन 🌷

👉🏻 हफ्ते में एक दिन करेला खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है (कड़वा रस भी शरीर के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है)


🌷 कालसर्प दोष से मुक्ति 🌷

➡ ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ जप करें तो कालसर्प दोष की शांति हो जाती है |

👉🏻 विषम संख्या ३ बार, ७ बार, ११ बार, २१ बार, ३१ बार, ५१ बार, १०१ बार विषम संख्या में जप करने से – ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’, किसी को कालसर्प दोष हो तो उसी को बता देना |


🌷 घर में शांति आने का अद्भुत चमत्कार 🌷

🔥 शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाकर गहरा श्वास लेके रोकें फिर ‘ॐ तं नमामि हरिं परम् |’ मंत्र बोले | ऐसा १५ – २० मिनट नियत समय, नियत स्थान पर कुटुम्ब के सभी लोग करें | ३ – ४ दिन में अद्भुत चमत्कार होगा, घर में शांति होगी 

NOIDA DARPAN INDEPENDENCE DAY WISHES