नोएडा। तीन हजार से अधिक फर्जी कंपनी बनाकर करीब 15 हजार करोड़ के जीएसटी फ्रॉड के आरोपी ने सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी हिसार हरियाणा निवासी कुणाल मेहता उर्फ गोल्डी पर पुलिस की तरफ से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की का वारंट जारी हो चुका था। इस मामले में अब तक 29 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। जबकि पांच आरोपियों की अचल संपति कुर्क हो चुकी है।
सोमवार को सूरजपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाला कुणाल भी जीएसटी फ्रॉड गिरोह का सक्रिय बदमाश था। आरोनी ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर कंपनी खोली थी। कंपनी के टर्न ओवर के आधार पर करोड़ों रुपये के जीएसटी आईटीसी लिया था। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा जून 2023 में किया था। अब तक इस मामले में गौरव सिंघल, गुरमीत सिंह, राजीव ,राहुल, विनीता, अश्वनी, अतुल सेंगर, दीपक मुरजानी, यासीन, विशाल, राजीव, जतिन, नंदकिशोर, अमित कुमार ,महेश, प्रीतम शर्मा, राकेश कुमार, अजय कुमार, दिलीप कुमार, मनन सिंघल, पीयूष, अतुल गुप्ता, सुमित गर्ग समेत 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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