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जय सत्य सनातन
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युगाब्द-५१२५*
युगाब्द-५१२५**
विक्रमसंवत-२०८०*
विक्रमसंवत-२०८०**
तिथि - अष्टमी शाम 05:20 तक तत्पश्चात नवमी*
तिथि - अष्टमी शाम 05:20 तक तत्पश्चात नवमी**
दिनांक - 03 फरवरी 2024*
दिनांक - 03 फरवरी 2024**
दिन - शनिवार*
दिन - शनिवार**
अयन - उत्तरायण*
अयन - उत्तरायण**
ऋतु - शिशिर*
ऋतु - शिशिर**
मास - माघ*
मास - माघ**
पक्ष - कृष्ण*
पक्ष - कृष्ण**
नक्षत्र - विशाखा पूर्ण रात्रि तक*
नक्षत्र - विशाखा पूर्ण रात्रि तक**
योग - गण्ड दोपहर 12:52 तक तत्पश्चात वृद्धि*
योग - गण्ड दोपहर 12:52 तक तत्पश्चात वृद्धि**
राहु काल - सुबह 10:06 से 11:30 तक*
राहु काल - सुबह 10:06 से 11:30 तक**
सूर्योदय - 07:19*
सूर्योदय - 07:19**
सूर्यास्त - 06:28*
सूर्यास्त - 06:28**
दिशा शूल - पूर्व*
दिशा शूल - पूर्व**
ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:36 से 06:27 तक*
ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:36 से 06:27 तक**
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:28 से 01:19 तक*
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:28 से 01:19 तक**
व्रत पर्व विवरण -*
व्रत पर्व विवरण -**
विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)**
थकान मिटाने हेतु
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थकान मिटाने हेतु
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ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ । अनाज पीसने कि हाथवाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ । फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर । इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी ।*
ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ । अनाज पीसने कि हाथवाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ । फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर । इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी ।**
कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो...
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कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो...
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घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें । नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये ।*
घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें । नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये ।**कुछ देर ‘प्रभु‘ का कीर्तन करें-करायें । ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है ।*
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विद्यार्थी विशेष
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विद्यार्थी विशेष
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सर्वांगीण विकास के पाँच दिव्य सोपान
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सर्वांगीण विकास के पाँच दिव्य सोपान
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एकाग्रता, अनासक्ति, श्रद्धा, सच्चरित्रता और ब्रह्मचर्य पाँच साधन इतने प्रभावशाली हैं कि छोटे-से-छोटे व्यक्ति को भी महान बनाने में देर नहीं करते । ये सद्गुण विकसित करें तो ईश्वरप्रापि हो जाय । और ईश्वरप्राप्ति हो गयी तो क्या बाकी रहा ! जगत की कोई भी चीज उसके लिए अप्राप्त नहीं है, आसान है । फिर तो पढ़ाई में भी छक्का स्वास्थ्य में भी छक्का, आनंद में भी छक्का !*
एकाग्रता, अनासक्ति, श्रद्धा, सच्चरित्रता और ब्रह्मचर्य पाँच साधन इतने प्रभावशाली हैं कि छोटे-से-छोटे व्यक्ति को भी महान बनाने में देर नहीं करते । ये सद्गुण विकसित करें तो ईश्वरप्रापि हो जाय । और ईश्वरप्राप्ति हो गयी तो क्या बाकी रहा ! जगत की कोई भी चीज उसके लिए अप्राप्त नहीं है, आसान है । फिर तो पढ़ाई में भी छक्का स्वास्थ्य में भी छक्का, आनंद में भी छक्का !**
शनिवार के दिन विशेष प्रयोग
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शनिवार के दिन विशेष प्रयोग
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शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ' नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ' नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)**
हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*
हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)**
आर्थिक कष्ट निवारण हेतु
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आर्थिक कष्ट निवारण हेतु
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एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*
एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*
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