IAS की नियुक्ति और ट्रांसफर के नियम में प्रस्तावित संशोधन का बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने जोरदार विरोध किया है। ममता ने इसे संघीय ढांचे पर हमला करार दिया है।
अशोक गहलोत ने कहा है कि इससे राज्य में पोस्टेड आईएएस अफसरों में निर्भीक होकर और निष्ठा के साथ काम करने की भावना में कमी आएगी। वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि IAS अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्तावित संशोधन में राज्यों और संबंधित अधिकारियों की सहमति को शामिल नहीं किए जाने को संविधान में उल्लेखित संघीय भावना के एकदम विपरीत बताया है।
बंगाल, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
आमतौर पर IAS की नियुक्ति के मामले में राज्यों की ही चलती आई है। इसका ताजा उदाहरण मई 2020 में बंगाल सरकार और मोदी सरकार के बीच IAS अधिकारी अलपन बंद्योपाध्याय को लेकर हुआ विवाद है।
दिसंबर 2020 दिसंबर 2020 में कोलकाता के बाहरी इलाके में जेपी नड्डा के काफिले पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के हमले के बाद उनकी सिक्योरिटी का जिम्मा संभाल रहे तीन IPS ऑफिसर को केंद्र में नियुक्ति का आदेश जारी हुआ था, लेकिन बंगाल की ममता सरकार ने राज्य में IPS अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए तीनों अधिकारियों को भेजने से इनकार कर दिया था।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें