🚩जय सत्य सनातन🚩
🌥️ 🚩युगाब्द-५१२४
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०७९
⛅ 🚩तिथि - तृतीया रात्रि 10:35 तक तत्पश्चात चतुर्थी
⛅दिनांक - 14 अगस्त 2022
⛅दिन - रविवार
⛅शक संवत् - 1944
⛅अयन - दक्षिणायन
⛅ऋतु - वर्षा
⛅मास - भाद्रपद
⛅पक्ष - कृष्ण
⛅नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद रात्रि 09:56 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद
⛅योग - सुकर्मा रात्रि 01:38 तक तत्पश्चात धृति
⛅राहु काल - शाम 05:36 से 07:13 तक
⛅सूर्योदय - 06:16
⛅सूर्यास्त - 07:13
⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में
⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 04:47 से 05:31 तक
⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:22 से 01:07 तक
⛅व्रत पर्व विवरण -
⛅ विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🔹त्वचा की कांति के लिए🔹
🌹१०-१० ग्राम सौंफ सुबह-शाम खूब चबा-चबाकर नियमित रूप से खाने से त्वचा कांतिमय बनती है । गर्भवती स्त्री यदि पूरे गर्भकाल में सौंफ का सेवन करे तो शिशु गोरे रंग का होता है । साथ ही जी मिचलाना, उल्टी होना, अरुचि जैसी शिकायतें नहीं होतीं और रक्त शुद्ध होता है ।
🔹 रविवार के दिन क्या करें, क्या ना करें ?🔹
🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।
🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।
🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।
🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।
🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें