उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की ओर से चुनाव मैदान में उतरीं मार्गरेट अल्वा का कहना है कि राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू इतनी अच्छी प्रत्याशी थीं कि अगर इस चुनाव में मतदान का उनको हक होता तो वह मुर्मू को ही वोट देतीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी को चुनकर देश ने आदिवासी समाज को आवाज दी है। उनको हमेशा हकों के लिए लड़ना पड़ा है।
करीब 30 साल सांसद, केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल रह चुकीं अल्वा ने भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहा कि देश के सामने पहली महिला उपराष्ट्रपति चुनने का ऐतिहासिक अवसर आया है। उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 6 अगस्त को होना है।
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