🌥️ *🚩युगाब्द-५१२३*
🌥️ *🚩सप्तर्षि संवत-५०९७ *🌥️ *🚩विक्रम संवत-२०७८*
⛅ *🚩तिथि - अष्टमी शाम ०७:१२ तक तत्पश्चात नवमी*
⛅ *दिनांक - ११दिसम्बर २०२१*
⛅ *दिन - शनिवार*
⛅ *शक संवत -१९४३*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - शरद*
⛅ *मास - मार्ग शीर्ष मास*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद रात्रि १०:३२ तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद*
⛅ *योग - सिद्धि १२ दिसम्बर सुबह ०६:०४ तक तत्पश्चात व्यतिपात*
⛅ *राहुकाल - सुबह ०९:४९ से सुबह ११:१० तक*
⛅ *सूर्योदय - ०७:०७*
⛅ *सूर्यास्त - १७:५६*
⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः २७-२९-३४)*
🌷 *विद्याध्ययन में आनेवाली पाँच बाधाएँ* 🌷
👉🏻 *बालकों को विद्याध्ययन में पाँच बाधाओं से सावधान रहना चाहिए*
➡ *1) अभियान,*
➡ *2) क्रोध,*
➡ *3) प्रमाद ,*
➡ *4) असंयम,*
➡️ *5) आलस्य*
👉🏻 *ये पाँच दोष शिक्षा में बाधक बनते है।*
🚕 *_यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।_*
🤷🏻♀️ *_आज का उपाय-शनि मंदिर में सौंफ़ चढाएं।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
✍🏼 *_तिथि विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती एवं व्याधि नाशक तिथि मानी जाती है। इस तिथि के देवता भगवान शिव जी माने जाते हैं। इसलिये इस तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए।_*
🕉 *_जीवनोपयोगी कुंजियां_*
*_खाना चबाकर खाएं अक्सर लोग जल्दी-जल्दी खाने के चक्कर में खाना को अच्छी तरह चबाते ही नहीं हैं जिससे खाना आसानी से पचता नहीं है। इसलिए खाने को चबा-चबाकर खाएं। इससे पाचन शक्ति मजबूत होगी।_*
*_ज्यादा भोजन करने से बचें अधिकतर लोगों की आदत होती है कि वह खाना खाते वक्त ढेर सारा खाना लेकर बैठ जाते हैं। ऐसा करने आपको खाना पचाने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा पेट से जुड़ी कई तरह की परेशानियां भी हो सकती है। इसलिए ऐसा करने से बचें और हमेशा प्लेट में थोड़ा सा खाना लें।_*
*_पालक और बथुआ का करें सेवन पालक और बथुआ सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो कई बीमारियों बचाने में मदद करते हैं। इसका सेवन करने से पाचन शक्ति भी मजबूत होती है साथ ही पेट से जुड़ी परेशानियां भी दूर होगी।_*
🍃 *_आरोग्य संजीवनी_* ☘️
*_कैफिन का अधिक सेवन - ठंड जरा सी भी सहन नहीं होती है। हम इतने आदि हो जाते हैं कि हर थोड़ी देर में या 1 दिन में करीब 4 कप चाय या कॉफी पी लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं बॉडी को गर्माहट तो दे रहे हैं लेकिन यह आपकी नींद उड़ा सकता है। जी हां, कैफिन के अधिक सेवन से आपके रात की नींद उड़ सकती है। और नींद नहीं आने पर तनाव, सिर दर्द होना, आलस बना रहना जैसी छोटी बीमारियां घेर सकती है।_*
*_गर्म पानी - ठंड में गर्म पानी से नहाने से ठंड कम लगती है। लेकिन कितनी भी ठंड हो वैज्ञानिक गुनगुने पानी से नहाने की सलाह देते हैं। दरअसल, अधिक गरम पानी से नहाने से केराटिन नामक सेल्स खत्म हो जाते हैं, जो बालो की तरह बॉडी के लिए भी जरूरी होते हैं। इसका असर स्किन पर बुरी तरह से पड़ता है। जिससे त्वचा पर खुजली होना, ड्रायनेस, रेषैज होना जैसी समस्या होने लगती है। इसलिए गरम पानी से ना ही बालों को धोना चाहिए और ना ही बहुत देर तक नहाना चाहिए।_*
🕉️ *_गुरु भक्ति योग_* 🚩
*_गजकेसरी योग किसे कहते हैं?_*
*_ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कई प्रकार के योग होते हैं, जैसे पंचमहापुरुष योग, पराशरी राजयोग, नीचभंग राजयोग, धनयोग आदि। इन्हीं में से एक होता है गजकेसरी योग। आओ जानते हैं कि क्या होता है यह योग।_*
*_क्या होता है गजकेसरी योग : यदि कुंडली में यदि किसी जातक की जन्मपत्रिका में गुरु और चन्द्र एक दूसरे से केन्द्र में स्थित हों तब गजकेसरी नामक योग बनता है। और यदि यह दोनों ग्रह किसी क्रूर ग्रह से संबंध नहीं रखते हों तो कुंडली में गज केसरी राजयोग बनता है। अर्थात इन दोनों ग्रहों पर कोई पाप ग्रह या क्रूर ग्रह का प्रभाव ना हो तो गजकेसरी योग की शुभता में कई गुना वृद्धि हो जाती है।_*
*_क्या फल होता है गज केसरी योग का : कहते हैं कि इस योग के बनने से व्यक्ति के जीवन में कभी भी_*
*_धन-सम्पदा, स्त्री सुख, सन्तान सुख, घर, वाहन, पद-प्रतिष्ठा, सेवक आदि में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती है। वह जीवन पर्यंत सुख-समृद्धि युक्त रहता है और वह सफलता के शिखर को छूता है और वह उच्चपद प्राप्त करता है। इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है।_*
⚜️ *_अष्टमी तिथि जया तिथि कहलाती है ।यदि अष्टमी तिथि बुधवार को हो तो मृत्युदा योग बनाती है। इस समय शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।_*
*_लेकिन अष्टमी तिथि जब मंगलवार को होती है तो सिद्धा कहलाती है। इस समय कार्य करने से कार्य सिद्ध होते है।_*
*_अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव कहे गए है।अष्टमी तिथि को भगवान शिव की विधि पूर्वक पूजा करने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती है , पूजा में उन्हें नारियल का भोग अर्पित करें अथवा शिवजी भगवान के लिए बनाए जाने वाले प्रसाद में नारियल का उपयोग करें लेकिन अष्टमी को नारियल का सेवन ना करें।_*
*_अष्टमी तिथि का नाम कलावती कहा गया है। मंगलवार को छोड़कर अष्टमी तिथि सभी प्रकार के कार्यो के शुभ है ।_*
*_अष्टमी तिथि जया तिथियों की श्रेणी में आती है मान्यता कि अष्टमी तिथि में किये गए कार्यो में सफलता मिलती है । लेकिन चैत्र महीने के दोनों पक्षों में पड़ने वाली अष्टमी तिथि शून्य कही गई है।_*
*_अष्टमी तिथि को दुर्गा जी की आराधना भी शुभ मानी गई है । अष्टमी तिथि में जन्मे जातकों को भगवान शिव और मां दुर्गा की पूजा अवश्य करनी चाहिए।_*
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