नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पूर्व प्रधानमंत्रियों की परंपरा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। नेपाल में पिछले कई साल में किसी प्रधानमंत्री का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ। ओली के दो साल बाकी थे, लेकिन उन्होंने संसद भंग कर नए चुनावों की घोषणा कर दी।
नेपाली संविधान में संसद भंग करने की सुविधा तभी दी गई है जब कोई सरकार अल्पमत में चली जाए, लेकिन ओली ने वह नौबत ही नहीं आने दी। उनकी कम्युनिस्ट पार्टी के 91 सदस्यों ने उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा तो उन्होंने संसद ही भंग करवा दी। संसद के 275 सदस्य परेशान हैं। दो साल पहले ही ओली ने उन्हें घर बिठा दिया।
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