गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

मोदी को कृषि कानूनों का फैसला वापस लेना पड़ेगा

 भाजपा की तरफ से पार्लियामेंट में देश के मुद्दों को लेकर सर्दियों में बुलाए जाने वाले सेशन को मुल्तवी करना लोकतंत्र को तार-तार करता है। मोदी सरकार के इस फैसले ने किसान विरोधी चेहरे को जग जाहिर कर दिया। यह बात आम आदमी पार्टी के हलका फिरोजपुर के पूर्व इंचार्ज एडवोकेट रजनीश दहिया ने बुधवार को गांवों में अपने दौरे के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा को पता था कि यदि पार्लियामेंट का सेशन बुलाया जाता है सेशन में मौजूदा देश का सबसे बड़ा किसान आंदोलन और किसानी कानूनों पर बहस होनी थी परंतु मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। सेशन को न बुलाने का फैसला करके अपनी नाकामी और काले कानूनों की विफलता को साबित कर दिया है।

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