अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद छोड़ने से पहले उनकी परेशानियां अभी से शुरु हो गई है। डाउनलोड ट्रंप और उनकी कंपनी पर टैक्स अदायगी मैं गड़बड़ी के आरोप में दो समन जारी किए गए हैं। इनमें से एक अपराधी मामलों की जांच मेनहटन अटॉर्नी साइरस आर वांस के द्वारा की जा रही है। दूसरे सिविल मामले में न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लोटिया जेम्स ने समन भेजा है।
ट्रंप और उनकी कंपनी पर ये मामले इनकम टैक्स से संबंधित हैं। मामलों की जांच के लिए पिछले 20 सालों के उनकी इनकम टैक्स रिटर्न की रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने 2010 से 2018 के बीच अपनी टैक्स दिए जाने वाली आमदनी को कम करने के लिए 26 मिलियन डॉलर (करीब 192 करोड़ रूपये) परामर्श शुल्क के रूप में दिखा दिए हैं। समन भेजने की प्रक्रिया पिछले सप्ताह ही की गई है। इनमें से एक मामला टैक्स बचाने के लिए उनकी पुत्री इवांका ट्रंप को सात लाख 47 हज़ार डालर (करीब 5:30 करोड़ रुपए) परामर्श शुल्क देने का है। इबाका कंपनी की एग्जीक्यूटिव थी, उसके बाद भी उन्हें यह परामर्श शुल्क दिया गया।
माना जा रहा है कि इस मामले में इवांका ट्रंप के लिए कोई परेशानी नहीं आने वाली है, क्योंकि उन्हें इस परामर्श शुल्क को अपनी रिटर्न में दिखा रखा है। इस पर सवाल ट्रंप की कंपनी पर उठ सकते हैं। इवांका ने गुरुवार को ट्वीट किया मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है। जो गलत किया गया हो ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के वकील की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली ज्ञात हो कि हाल ही में हुए चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कंपनी पर इनकम टैक्स बहुत ही कम दिए जाने का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा था। डेमोक्रेटिक नेताओं ने उन पर गलत जानकारी देने और टैक्स की चोरी करने के आरोप लगाए थे।

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