गुनगुन अपने घर के आंगन में अपनी हम उम्र सहेलियों के साथ खेल रही थी कि अचानक उसके घर के सामने एक चमचमाती कार आकर रुकी। गुनगुन खेल छोड़ कर उस कार को हसरत भरी निगाहों से देखने लगी। यह कार उसके पड़ोसियों की थी। गुनगुन दौड़ते हुए यह खबर मम्मी को बताने के लिए घर के अंदर भागी और मम्मी से पूछने लगी, "मम्मी हम कार कब खरीदेंगे ? हमारे पड़ोसियों के पास तो पहले से ही 2 कारें हैं। मेरे पापा कार क्यों नहीं खरीदते ?"
मां ने उसे समझाया, "बेटा, हम लोग कुछ ही दिनों में जरूर कार खरीदेंगे।" यह सुनकर गुनगुन खुश हो गई। चंद दिनों में ही कुछ ऐसा हुआ कि गुनगुन के पापा को दफ्तर से बहुत लंबे अरसे से रुकी हुई एक मोटी रकम का बकाया चैक मिल गया। पतिपत्नी ने सलाह करके अपनी बेटी के ख्वाब को पूरा करने की कोशिश में कुछ रकम बैंक से कर्ज ली और कुछ दिनों बाद बेटी की मनपसंद लाल रंग की चमचमाती कार घर ले आए।
गुनगुन कार की चाबी ले कर खेलतेखेलते कार के पास चली गई। कुछ देर बाद जब उसके पापा बाहर आए तो उन्होंने देखा कि गुनगुन नई नवेली दुल्हन की तरह खूबसूरत कार के ऊपर कुछ टेढ़ीसीधी लाइनें खींचकर उसे खुरच रही थी। यह सब देखते ही वे आगबबूला हो गए। उन्होंने आव देखा ताव, गुनगुन पर थप्पड़ो की बरसात कर दी। गुनगुन रोतेबिलखते हुए घर के एक कोने में जाकर सो गई। कार की खुशी तो क्या मनानी थी, सभी बुझे मन से बिना कुछ खाएपिए ही सो गए।
अगले दिन सुबह जब गुनगुन के पापा दफ्तर जाने लगे, तो उन्होंने गुनगुन द्वारा कार के ऊपर खींची गई उन टेढ़ी सीधी लाइनों को ध्यान से देखा तो उनकी आंखों से अश्रुधारा बह निकली। वे अपनेआप को कोसने लगे कि मैंने कल बिना सोचे समझे अपनी बच्ची की इतनी पिटाई क्यों कि ? यह सब देख गुनगुन की मम्मी बाहर आई और पति से परेशानी का कारण जानना चाहा, तो उन्होंने कार की तरफ इशारा कर दिया, जहां गुनगुन ने चाबी से रगड़ कर लिखा था, 'पापा, आई लव यू.' मौका चाहे कोई भी हो, हमारे प्यारे मासूम बच्चे भी अपने मन की भावना व्यक्त करना चाहते हैं लेकिन नासमझी के कारण कई बार उनका तरीका थोड़ा गलत हो जाता है। किसी बच्चे को उसकी गलती पर कोई प्रतिक्रिया या साजा देने से पहले हमें एक बार जरूर सोचना चाहिए कि आखिर उनके मन में क्या है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें