शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

आयकर अफसरों ने जानभूझकर छोड़ें, कैग ने पकड़े 156 करोड़

कानपुर। आयकर विभाग ने आंखों के सामने से गुजरे करोड़ों रुपए के हवाला रैकेट की जगह ढूंढने के बजाय उस पर मिट्टी डाल दी, रिश्वतखोर आयकर अधिकारिओ ने ना तो रकम इधर से उधर करने वाले कारोबारी पर शिकंजा कसा और ना ही रकम हासिल करने वालों पर।


नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में आयकर अफसरों के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है और पुरे खेल को खोल दिया। कैग ने 13 राज्यों के आयकर विभाग से संबंधित 260 प्रकरणों को जांच का हिस्सा बनाया, इनमें दो मामले कानपुर से संबंधित पाए गए। एक मामला 156 करोड रुपए के हवाला रैकेट से जुड़ा है।


कैग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 में प्रधान आयकर आयुक्त के निर्देश पर एक कारोबारी के यहां छापा मारा गया, बड़े पैमाने पर नकली ज्वेलरी संपत्तियों के दस्तावेज बनाकर तो साल तक इस प्रकरण की जांच चली। इसके बाद सिर्फ मामूली टैक्स चोरी की रकम जमा कराई गई। कैग ने आरटेट किया तो पता चला कि कारोबारी हवाला रैकेट से जुड़ा है। छापे में मिले दस्तावेजों नकदी आती है पुष्टि हुई ऑडिट के दौरान खास नंबर वाले नोटों की गलतियों का जिक्र मिला जो दर्जन भर से अधिक लोगों को भेजा गया था। कुल 156 करोड रुपए अलग-अलग जगह भेजे गए, इनका कोई हिसाब-किताब नहीं था बावजूद किसी भी पक्ष को जांच का हिस्सा नहीं बनाया गया। ना किसी से पूछताछ ना ही कर का निर्धारण ना तो कारोबारी से यह पूछने की जहमत उठाई गई। 


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