जालौन, छोटे बाजारों में प्रवासी मजूदरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई। स्थानीय युवक पूरी-सब्जी, केला, पानी दे रहे हैं। इन्हीं में से एक रफीक जो लोगों को पानी पिला रहे हैं। कहते हैं कि यह समय लोगों की मदद करने का है। इसलिए हम कर रहे हैं। भूखे-प्यासे लोग हमें दुआ देंगे। सद्दाम कहते हैं कि हमें जबसे पता चला कि लोग इस तरह अपने घरों को आ रहे हैं, तब से हम रोज इस तपती दोपहरी में भी लोगों को नाश्ता करा रहे हैं, यह हमारा फर्ज है।
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