लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास चीन की सेना के हेलिकॉप्टर दिखने के बाद भारतीय वायुसेना सतर्क हो गई। भारतीय वायुसेना ने भी सुखोई समेत दूसरे फाइटर जेट (लड़ाकू विमानों) से पेट्रोलिंग शुरू कर दी। सुखोई-30 एमकेआई 2400 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से 5 हजार किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। 18 हजार किलोग्राम वजन ले जाने में सक्षम ये विमान एयर टू एयर री-फिलिंग के चलते अपनी रेंज को और ज्यादा बढ़ा सकता है।
एलएसी के पास चीन के हेलिकॉप्टर उसी दौरान देखे गए, जब उत्तरी सिक्किम के इलाके में चीनी सैनिकों और भारतीय सैनिकों में झड़प हुई थी।न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, चीन के हेलिकॉप्टरों ने एलएसी को क्रॉस नहीं किया, लेकिन पहले कई बार ऐसा हो चुका है। आर्मी ने कहा कि एलएसी पर हमारी और चीन की सेना के बीच झड़प होती रहती है। स्थानीय स्तर पर बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया जाता है। सीमा पर चीन की तरफ से छिटपुट झड़पों का मसला अभी तक हल नहीं हो पाया है।
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