पटना. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि वर्ष 2024 तक बिहार में 1000 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की योजना है। अभी पूरे राज्य में 155 केंद्र कार्य कर रहे हैं। लोग इसे मोडिसिन के नाम से भी जानने लगे हैं। यहां मिलने वाली सभी जेनरिक दवाएं पूर्ण गुणवत्तापूर्ण रहती हैं। डब्लूएचओ जीएम सर्टिफिकेट और एनएबीएल के मानक पर खड़ा उतरने वाली कंपनियों से ही जन औषधि केंद्र के लिए दवा की खरीद की जाती है। 2024 तक पूरे देश में 10 हजार केंद्र खोलने की योजना है। उन्होंने कहा- दवा और चिकित्सा पर होने वाले खर्च के चलते सालाना 5.5 करोड़ लोग गरीबी के चपेट में आ जाते हैं। वहीं केवल दवा पर होने वाले खर्च के चलते 3.8 करोड़ लोगों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा जाती है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें