शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

सुरक्षा के बीच निकाली गई दलित की बरात

राजस्थान में बूंदी जिले के संगवदा गांव में एक दलित दूल्हे की बरात कड़ी सुरक्षा के बीच निकाली गई। बरात की सुरक्षा के लिए चार थानों के पुलिसकर्मी और डीएसपी मौजूद थे। क्षेत्र के नायब तहसीलदार और पटवारी भी इस बरात में मौजूद रहे। दूल्हे के परिवार का आरोप था कि गांव में उच्च वर्ग के लोग बहुसंख्यक हैं जो गांव में दलितों की बारात निकालने पर परेशानी उत्पन्न करते हैं। वहीं गांव के गुर्जर और प्रजापत लोगों ने इसे गांव का नाम बदनाम करने की साजिश बताया।


दूल्हा परशुराम मेघवाल जावरा गांव में सरकारी शिक्षक है। उसे आशंका थी गांव वाले उसकी बारात का विरोध करेंगे। आशंका के चलते उसने कलेक्टर और एसपी को शिकायत की थी। दलित समाज का आरोप है कि उनके दूल्हों को घोड़ी पर बैठ कर बारात निकालने से गांव में रोका जाता है। इसलिए उन्हें पुलिस की मदद लेनी पड़ती है।गांव में करीब 160 गुर्जर  प्रजापत और मेघवाल परिवार रहते हैं। इनमें गुर्जर समाज के 55, प्रजापत समाज के 35 घर हैं जबकि 70 परिवार दलित मेघवाल समाज के हैं। 


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