एनसीआरईएस के महामंत्री आरपी सिंह का कहना है कि टैक्स स्लैब में कोई राहत न देकर कर्मचारियों के साथ छल किया गया है। बजट में 150 ट्रेनों को पीपीपी मॉडल पर चलाने की जो बात कही गई है, उससे रेल का भविष्य निजी हाथों में जाता हुआ दिख रहा है। वहीं हर्षित कहते हैं कि युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही हैं। सरकारी भर्तियां लटकी हुई है। सरकार केवल ग्राफ पर विकास दिखाती है। धरातल पर कुछ दिखाई नहीं देता है। अमित ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए केवल योजना लेकर आती है।
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