जोधपुर. हैदराबाद स्थित पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षु आईपीएस के खिलाफ दुष्कर्म मामले की जांच सवा माह बाद भी अधूरी है। अब देवनगर थानाधिकारी की बजाय एडीसीपी को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। गत 22 दिसंबर को एक युवती ने देवनगर थाने में दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया था। मामले में एक माह तक जांच नहीं होने पर पीड़िता व उनके पिता डीसीपी (पश्चिम) प्रीति चंद्रा से मिले। इसके बाद देवनगर थानाधिकारी ने जांच आगे नहीं बढ़ाई तो 29 जनवरी को जांच एडीसीपी उमेश ओझा को दे दी गई।
सिविल सर्विसेज एग्जाम 2018 में चयनित बीकानेर के प्रशिक्षु आईपीएस सुशील कुमार के खिलाफ उन्हीं की मंगेतर ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आईपीएस की तैयारी के दौरान उन्होंने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था और चयन होने पर मंगेतर से सगाई तोड़ दी थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि आईपीएस सुशील कुमार कई युवतियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। मूलत: बिहार व हाल दिल्ली निवासी एक युवती ने भी सुशील कुमार के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया। इसके बावजूद पुलिस जांच में महज खानापूर्ति ही कर रही है।
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