रायपुर, अतिरिक्त महानिदेशक अजय कुमार पाण्डेय इसकी पुष्टि की है। दधीचि के द्वारा सात से दस अन्य फर्जी फर्में बनाकर कर मार्च 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच फर्जी बिलों के आधार पर व्यापक जीएसटी (आईटीसी) के द्वारा घोटाले को अंजाम दिया। दरअसल इसी 31 जनवरी को पांडेय के ही नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
संयुक्त निदेशक नेम सिंह ने विभाग की टीम के साथ मेसर्स दधिचि आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा एवं मध्यप्रदेश में लगभग 20 अलग अलग ठिकानों पर 100 से अधिक अधिकारियों के साथ छापेमारी की। जांच दलों को मिली सूचनाओं का दो दिनों तक गहन विवेचना कर तथा तथ्यों का सामना कर इस फर्म के निदेशक प्रकाश बिहारी लाल दधिचि से पूछताछ कर मामले का पर्दाफ़ाश किया गया। इस केस के जांच अधिकारी उप निदेशक टिकेंद्र कुमार कृपाल एवं समन्वयक सहायक निदेशक शिवी सांगवान हैं। ओडिशा में कार्रवाई डीजीजीआई बिलासपुर क्षेत्रीय इकाई के सहायक निदेशक एसके दास की अगुवाई में की गई|
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