बदायू। बदायू पुलिस का नया कारनामा पुरे प्रदेश में छाया हुआ हैं। यहाँ की पुलिस आतंक वादियों की भांति हथियार को राहगीरों पर तानकर उनकी चैकिंग कर रही हैं। पुलिस की इस प्रकार चैकिंग करने के तरीके से पुरे प्रदेश में भय व्याप्त हो गया। जिसकी कई समाचार पत्रों में बाकायदा फोटो भी छपी। वही जिले के एसएसपी ने हथियार तानते हुए फोटो वायरल होने के बावजूद जांच बैठाई है, जबकि स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है किस प्रकार राहगीरों को पुलिस भयभीत कर रही हैं। वही लोगो ने आशंका व्यक्त की है कि स्पष्ट तौर पर फोटो वायरल होने पर भी जांच बिठाना सम्बंधित पुलिस वालो को बचाने का प्रयास हैं।
मूसाझाग थाने के एसओ ललित भाटी ने सिपाहियों के साथ शुक्रवार को नई सड़क पर राहगीरों को असलहे दिखाकर रोका और उसकी तलाशी ली। इस दौरान कई पुलिस कर्मी असलहा ताने हुए दिख रहे हैं। घटना की फोटो सोशल मिडिया पर वायरल हो गई। मामला चर्चा में आया तो एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने एसपी सिटी जीतेन्द्र श्रीवास्तव को जांच सौप दी। एसपी सिटी ने रविवार को फोटो में दिख रहे पुलिस कर्मियों से पूछताछ की।
बता दे की बीते जून माह में वजीरगंज थाना क्षेत्र की बगरैन चौकी पर तैनात रहे एसआई राहुल सिसोदिया ने सिपाहियों के साथ पिस्टल व रायफल तान कर राहगीरों की चेकिंग की थी। घटना का वोडोयो सोशल मिडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए थे। सरकार तक मामला पहुंच गया था। काफी किरकिरी होने के बाद से शस्त्र दिखाकर चेकिंग पर पावंदी लगा दी गई थी।
एसपी सिटी जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की पूरी तरह से जांच की जा रही है। दोषी साबित होने पर पुलिसकर्मियो के ख़ीलाफ कार्रवाही होगी। सभी थानेदारो को निर्देश दिए गए है कि कोई ऐसा काम न करे जिससे समाज में भय का वातावरण बने। किसी बेकसूर वाहन चालक को परेशांन न किया जाये। उधर, एसओ मूसाझाग का कहना है कि संदिग्ध लोगो के गुजरने की सुचना पर जामा तलाशी ली जा रही थी।
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