वाराणसी। जंसा के हरसोस गांव में लूट के एक मामले में बदमाश पकड़ने देर रात पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। एसटीएफ की गाड़ी के पीछे बाइक से कवर कर रहे दारोगा व सिपाही को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। दारोगा की पिस्टल छीनने के बाद ग्रामीणों ने दोनों की खूब पिटाई की।
पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर पीटे जाने की सूचना मिलते ही आसपास के थानों की फोर्स पहुंची तो ग्रामीणों ने पथराव करके खदेड़ दिया। पथराव में रोहनिया थाना प्रमुख परशुराम त्रिपाठी समेत कई सिपाही घायल हो गए। पुलिस पर हमले की सूचना जिले में प्रसारित होते ही सभी थानों की फोर्स, पीएसी की गाड़ियां दौड़ पड़ी। घायल पुलिस वालों को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने पिस्टल बरामद करने व दारोगा, सिपाहियों के साथ मारपीट करने वालों की तलाशी शुरू हुई। पुलिस ने गांव में घेरेबंदी करके लोगों की पिटाई की। महिलाओं तक को नहीं छोड़ा। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी की हैं। वैसे भी अकसर देखने में आया है कि चेकिंग अथवा दबिश के नाम पर पुलिस और पुलिस के अधिकारी जमकर गुंडागर्दी करते हैं, ऐसे में राज्य प्रशासन को चाहिए कि इस तरह की गैरकानूनी हरकतों के लिए पुलिसकर्मियो के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर जेल भेजे।
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