सोमवार, 14 अक्टूबर 2024

हिमाचल में घटा सेब उत्पादन, पिछले साल की तुलना में 20 हजार मीट्रिक टन की गिरावट

 हिमाचल में साल दर साल सेब उत्पादन में गिरावट आ रही है। इस साल भी सेब उत्पादन में करीब 20 हजार मीट्रिक टन की गिरावट आई है। मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब खरीद भी पिछले साल के मुकाबले करीब 17,000 मीट्रिक टन कम हुई है। प्रदेश में सेब सीजन समापन की ओर है। शिमला के ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों के अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बहुत कम सेब बचा है।

दिसंबर 2023 से मई 2024 के बीच पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने के कारण चिलिंग ऑवर प्रभावित होने से फसल को नुकसान हुआ। इस साल सीजन करीब 15 दिन देरी से शुरू हुआ। साल 2022-23 में इस समय तक 4.07 लाख मीट्रिक टन सेब कारोबार हुआ था, जबकि इस साल 3.87 लाख मीट्रिक टन ही सेब कारोबार हुआ है। एमआईएस के तहत पिछले साल अब तक 49,000 मीट्रिक टन सेब खरीद हुई थी। इस साल 32,000 मीट्रिक टन सेब खरीदा जा सका है। हालांकि यूनिवर्सल कार्टन लागू करने से बागवानों को 20 किलो सेब पैकिंग में रिकाॅर्ड दाम मिले। हिमाचल के करीब डेढ़ लाख परिवार सीधे तौर पर सेब बागवानी से जुड़े हैं। प्रदेश में 5000 करोड की सेब आर्थिकी है, सेब उत्पादन घटने से प्रदेश की विकास दर प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि बागवानी विभाग के निदेशक विनय सिंह का कहना है कि सेब कारोबार में 20 हजार मीट्रिक टन का ही अंतर है, अभी सीजन बाकी है। सीजन खत्म होते होते सेब उत्पादन बीते साल के बराबर पहुंचने की संभावना है।

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