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जय सत्य सनातन
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युगाब्द-५१२४*
युगाब्द-५१२४**
विक्रम संवत-२०७९*
विक्रम संवत-२०७९**
तिथि - त्रयोदशी जून 12 प्रातः 03:23 से रात्रि 12:26 तक*
तिथि - त्रयोदशी जून 12 प्रातः 03:23 से रात्रि 12:26 तक**
दिनांक 12 जून 2022*
दिनांक 12 जून 2022**
दिन - रविवार*
दिन - रविवार**
शक संवत - 1944*
शक संवत - 1944**
अयन - उत्तरायण*
अयन - उत्तरायण**
ऋतु - ग्रीष्म*
ऋतु - ग्रीष्म**
मास - ज्येष्ठ*
मास - ज्येष्ठ**
पक्ष - शुक्ल*
पक्ष - शुक्ल**
नक्षत्र - विशाखा रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात अनुराधा*
नक्षत्र - विशाखा रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात अनुराधा**
योग - शिव शाम 05:27 तक तत्पश्चात सिद्ध*
योग - शिव शाम 05:27 तक तत्पश्चात सिद्ध**
राहुकाल - शाम 05:44 से 07:26 तक*
राहुकाल - शाम 05:44 से 07:26 तक**
सूर्योदय - 05:54*
सूर्योदय - 05:54**
सूर्यास्त - 07:26*
सूर्यास्त - 07:26**
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में**
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:30 से 05:12 तक*
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:30 से 05:12 तक**
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.19 से 01:01 तक*
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.19 से 01:01 तक**
व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत*
व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत**
विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)**
निर्जला एकादशी व्रत खोलने की सही विधि :-*
निर्जला एकादशी व्रत खोलने की सही विधि :-**
द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान व जप-ध्यान का नियम करके, सूर्य भगवान को अर्घ्य देना चाहिए, सेवापूजा की जगह पर बैठकर भुने हुए सात चनों के चौदह टुकड़े करके अपने सिर के पीछे फेंकना चाहिए । ‘मेरे सात जन्मों के शारीरिक, वाचिक और मानसिक पाप नष्ट हुए’- यह भावना करके सात अंजलि जल पीकर और चने के सात दाने खाकर व्रत खोलना चाहिए ।*
द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान व जप-ध्यान का नियम करके, सूर्य भगवान को अर्घ्य देना चाहिए, सेवापूजा की जगह पर बैठकर भुने हुए सात चनों के चौदह टुकड़े करके अपने सिर के पीछे फेंकना चाहिए । ‘मेरे सात जन्मों के शारीरिक, वाचिक और मानसिक पाप नष्ट हुए’- यह भावना करके सात अंजलि जल पीकर और चने के सात दाने खाकर व्रत खोलना चाहिए ।**
उसके बाद नींबू को गुनगुने पानी मे मिलाकर नींबू पानी पिएं ।*
उसके बाद नींबू को गुनगुने पानी मे मिलाकर नींबू पानी पिएं ।**
आधा-एक घण्टे के बाद मूंग का पानी पियें, कुछ समय के बाद मूंग खाएं ।*
आधा-एक घण्टे के बाद मूंग का पानी पियें, कुछ समय के बाद मूंग खाएं ।**
मूंग खाने के एक-डेढ़ घण्टे के बाद सामान्य भोजन ले सकते है ।*
मूंग खाने के एक-डेढ़ घण्टे के बाद सामान्य भोजन ले सकते है ।**
पूरे दिन गुनगुना पानी ही पियें तो अच्छा होगा, कोई भी भारी चीज न खाएं, पूरा दिन मूँग ही खाएं तो अति उत्तम होगा ।*
पूरे दिन गुनगुना पानी ही पियें तो अच्छा होगा, कोई भी भारी चीज न खाएं, पूरा दिन मूँग ही खाएं तो अति उत्तम होगा ।**
५ चीजों से आयुष्य और आरोग्य बढ़ता है :*
५ चीजों से आयुष्य और आरोग्य बढ़ता है :*
*१] संयम : पति – पत्नी हैं फिर भी अलग रहें, थोडा संयम से रहें ।*
*२] उपवास : १५ दिन में एक उपवास करें ।*
*३] सूर्यकिरणों का सेवन : रोज सुबह सिर को ढककर शरीर पर कम-से-कम वस्त्र धारण करके ८ मिनट सूर्य की ओर मुख व १० मिनट पीठ करके बैठे । सूर्य से आँखें न लड़ाये ।*
*४] प्राणायाम : प्रात:काल ३ से ५ बजे के बीच प्राणायाम करना विशेष लाभकारी है । यह समय प्राणायाम द्वारा प्राणशक्ति, मन:शक्ति, बुद्धिशक्ति विकसित करने हेतु बेजोड़ है ।*
*५] मंत्रजप : मंत्रजप से आयुष्य, आरोग्य बढ़ता है और भाग्य निखरता है ।**
इन ५ कारणों से आयुष्य नष्ट होता है :*
इन ५ कारणों से आयुष्य नष्ट होता है :*
*१] अति शरीरिक परिश्रम*
*२] भय*
*३] चिंता*
*४] कामविकार का अधिक भोग*
*५] अंग्रेजी दवाइयाँ, कैप्सूल, इंजेक्शन, ऑपरेशन आदि की गुलामी*
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